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Budaun News: जीएसटी बिल में हेराफेरी कर हड़पे लाखों रुपये, धोखाधड़ी की रिपोर्ट
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बदायूं। मैसर्स तिरुपति बालजी कान्ट्रेक्टर खंडुआ के जीएसटी बिल में हेराफेरी करके कर्मचारी हर्ष यादव ने दूसरी अन्य फर्मों के नाम बिल काटकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
उघैती थाना क्षेत्र के गांव खंडुआ निवासी राजवती ने बताया कि वह मैसर्स तिरुपति बालाजी कान्ट्रेक्टर की प्रोप्राइटर है। उसकी फर्म की जीएसटी आदि का कार्य बिल्सी का रहने वाला हर्ष यादव करता था। उसने फर्म के नाम के 145 बिल अन्य फर्मों के नाम काट दिए। जीएसटी बिल विभाग के लिए फर्म से ही काटे जा सकते हैं। अन्य फर्म के नाम नहीं काटे जा सकते। इसके बाद भी उसने धोखाधड़ी व फर्जी अभिलेखों को आधार बनाकर उसकी फर्म के 6823328 रुपये के बिल बिना मेरी जानकारी व विभाग की जानकारी के अन्य फर्मों के नाम काट दिए। जिसका टैक्स 1161970 ब्याज तथा दो लाख 20 हजार की धनराशि बनती है।
आरोपी हर्ष यादव ने फर्म के साथ धोखधड़ी कर 1381970 रुपये अन्य फर्मों से प्राप्त कर धोखाधड़ी कर हड़प लिया है। जब उससे इस बारे में बात की तो उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा कि यह धनराशि 17 जनवरी तक जमा कर दूंगा। इस संबंध में एक शपथपत्र भी दिया है। अपराध स्वीकार करने का वीडियो भी उसके पास है। इसके बाद भी उसने कोई पैसा जमा नहीं किया। रुपये देने में आनाकानी कर रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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उघैती थाना क्षेत्र के गांव खंडुआ निवासी राजवती ने बताया कि वह मैसर्स तिरुपति बालाजी कान्ट्रेक्टर की प्रोप्राइटर है। उसकी फर्म की जीएसटी आदि का कार्य बिल्सी का रहने वाला हर्ष यादव करता था। उसने फर्म के नाम के 145 बिल अन्य फर्मों के नाम काट दिए। जीएसटी बिल विभाग के लिए फर्म से ही काटे जा सकते हैं। अन्य फर्म के नाम नहीं काटे जा सकते। इसके बाद भी उसने धोखाधड़ी व फर्जी अभिलेखों को आधार बनाकर उसकी फर्म के 6823328 रुपये के बिल बिना मेरी जानकारी व विभाग की जानकारी के अन्य फर्मों के नाम काट दिए। जिसका टैक्स 1161970 ब्याज तथा दो लाख 20 हजार की धनराशि बनती है।
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आरोपी हर्ष यादव ने फर्म के साथ धोखधड़ी कर 1381970 रुपये अन्य फर्मों से प्राप्त कर धोखाधड़ी कर हड़प लिया है। जब उससे इस बारे में बात की तो उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा कि यह धनराशि 17 जनवरी तक जमा कर दूंगा। इस संबंध में एक शपथपत्र भी दिया है। अपराध स्वीकार करने का वीडियो भी उसके पास है। इसके बाद भी उसने कोई पैसा जमा नहीं किया। रुपये देने में आनाकानी कर रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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