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किसानों संगठनों ने मनाया विश्वासघात दिवस, प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा

Tue, 01 Feb 2022 12:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 01 Feb 2022 12:10 AM IST
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kissan Andolan
बिल्सी में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते किसान। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। भारतीय किसान यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों के आंदोलन को खत्म कराने के लिए झूठे आश्वासन, वादाखिलाफी को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया। जिले से लेकर तहसील मुख्यालयों तक राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपे गए।
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सोमवार को सुबह से ही चित्रांश नगर में भाकियू के पदाधिकारी एकत्र होना शुरू हो गए। दोपहर बारह बजे कैंप कार्यालय से जुलूस की शक्ल में किसान मालवीय आवास पहुंचे। वहां उन्होंने पंचायत की। बरेली मंडल के वरिष्ठ नेता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों के साथ धोखा किया गया है। जब धरना खत्म कराया जा रहा था उस समय कृषि कल्याण मंत्रालय की सचिव द्वारा लिखित पत्र दिया गया कि एमएसपी पर जो कमेटी बनेगी उसमें संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों को सम्मिलित किया जाएगा। बिजली बिल कानून में संशोधन किया जाएगा। कर्ज माफी जैसे मुद्दों पर तथा आंदोलन के दौरान शहीदों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने इन बिंदुओं पर कोई भी ध्यान नहीं दिया है।
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मंडल उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह ने कहा केंद्र सरकार पूरी तरह किसान विरोधी है। सरकार ने हमेशा किसानों को धोखा दिया है और अपमान किया है। प्रमुख महासचिव रामा शंकर शंखधार ने कहा कि किसान किसी भी कीमत पर अपने अपमान का बदला लेकर रहेगा।
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इस अवसर पर जिला प्रवक्ता नरेंद्र कुमार सक्सेना, जिला उपाध्यक्ष ठाकुर अजयपाल सिंह, जिला प्रमुख महासचिव रामाशंकर शंखधार, ब्लॉक अध्यक्ष पप्पू सैफी, आरिफ गाजी, सत्यवीर यादव, विजेंद्र यादव व सतीश चंद्र साहू समेत सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे। जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करके डीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।

बिल्सी। संयुक्त किसान मोर्चा भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला उपाध्यक्ष रमेश चंद्र ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। सरकार ने भरोसा दिलाया था कि किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापिस लिए जाएंगे, पर ऐसा नहीं हुआ। इस मौके पर अंजर खान, रहीस अहमद, बाबू खान, झांझन सिंह, अनवार, रमजानी, भूरेलाल, किशोरीलाल, हिमायत अली, नन्नू, पप्पू अली आदि किसान मौजूद रहे। बाद में तहसीलदार के पेशकार को ज्ञापन सौंपा गया। संवाद
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