फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   kavi sammelan

नगर पालिका के कार्यक्रम में कवि पर जूता फेंका, गाली गलौज, हंगामा

Sat, 17 Aug 2019 01:46 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 17 Aug 2019 01:46 AM IST
विज्ञापन
kavi sammelan
बदायूं। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नगर पालिका परिसर में आयोजित कवि सम्मेलन में एक व्यक्ति ने कवि के ऊपर जूता फेंक दिया, जिससे कार्यक्रम में अफरातफरी मच गई। इसके बाद यहां जमकर हंगामा हुआ। बताते हैं कि इसके बाद कुर्सियां भी फेंकी गई और एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी लगाए गए। कुछ देर बाद कार्यक्रम समाप्त कर दिया गया।
विज्ञापन

नगर पालिका परिसर में गत वर्ष की तरह इस बार भी स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार रात कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन हुआ था। शहर के कई कवि मंच पर बैठे थे, जबकि संचालन कामेश पाठक कर रहे थे। उन्होंने कवि कुलदीप अंगार को काव्य पाठ करने के आमंत्रित किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुलदीप अंगार ने वाल्मीकि से लेकर आज तक कविता की यात्रा पर कविता पेश की। उनकी कविता का पहला छंद था कि ‘शब्द शब्द में कमाल काव्य, अर्थ में यह उछाल पैदा हो गए, कविता के नये रंग भूषण बिहारी, रंग कविरा के वंश में कमाल पैदा हो गए, कविता लगा कर कालचक्रों का यह जाल, आज काव्य गोष्ठी के दलाल पैदा हो गए।’ इतने पर श्रोताओं के बीच बैठे एक व्यक्ति ने उनके ऊपर जूता उछाल दिया। इससे कार्यक्रम में अफरातफरी मच गई। मंच पर बैठे कवि और संयोजक अशोक खुराना नीचे उतरकर आ गए। आरोप है कि इसी दौरान संयोजक ने यह कहना शुरू कर दिया कि कवि कुलदीप अंगार ने उनको दलाल कहा था, जिससे श्रोताओं में आक्रोश फैल गया। इधर कुछ लोगों ने कवि कुलदीप अंगार के साथ गाली गलौज कर दी। उन्होंने कुर्सियां फेंकनी शुुरू कर दीं, जिससे कार्यक्रम में अफरातफरी मच गई। बाद में लोगों ने जैसे-तैसे माहौल शांत किया। कवि कुलदीप अंगार ने संयोजक अशोक खुराना के बेटे विवेक खुराना पर जूता फेंकने का आरोप लगाते हुए जूता फेंकने और गाली गलौज करने की घटना को सुनियोजित बताया है। फिलहाल इस संबंध में कोई तहरीर आदि नहीं दी गई है लेकिन जूता फेंकने से लेकर गाली गलौज करने के वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं।
विज्ञापन

कवि कुलदीप अंगार को विधिवत रूप से कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया था, लेकिन फिर भी उन्होंने विषय संदर्भित पक्तियों से हटकर काव्यपाठ करना शुरू कर दिया। उन्होंने काव्य के माध्यम से यहां तक कह दिया कि मंच पर सभी दलाल बैठे हैं। इससे श्रोताओं में आक्रोश पनप गया और किसी ने उनके ऊपर अपना जूता फेंक दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

अशोक खुराना, कार्यक्रम संयोजक
टेंट व्यवसायी अशोक खुराना के बेटे ने मुझ पर जूता उतारकर फेंका था जो डायस से टकराकर दूसरी ओर चला गया। इसके बाद उसने दूसरा जूता फेंका। जब मैंने उसका विरोध किया तो उसके पिता ने भी मुझसे अभद्रता की। यह बात भी गलत है कि मुझे आमंत्रित नहीं किया गया था। मुझे बाकायदा कार्यक्रम का आमंत्रण मिला था।

कुलदीप अंगार, कवि
- नगर पालिका में कार्यक्रम आयोजित करने की व्यवस्था हमने कराई थी लेकिन जो विवाद हुआ है, वह कवियों के आपस का मामला है। उन्हें एक-दूसरे की कविता पर एतराज था। हमारी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
संजय तिवारी, ईओ नगर पालिका
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed