{"_id":"6adbba8ab62e0615790977d8","slug":"kakoda-mela-shifted-100-metres-to-the-west-work-on-the-main-route-begins-badaun-news-c-123-1-bdn1037-176093-2026-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: ककोड़ा मेला 100 मीटर पश्चिम में शिफ्ट, मुख्य मार्ग का काम शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: ककोड़ा मेला 100 मीटर पश्चिम में शिफ्ट, मुख्य मार्ग का काम शुरू
विज्ञापन
कादरचौक। गंगा किनारे लगने वाले रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध ऐतिहासिक ककोड़ा मेले की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। जिला पंचायत ने मेला क्षेत्र का चिह्नांकन शुरू कर दिया है। इस बार मेले को पिछले वर्ष की तुलना में करीब 100 मीटर पश्चिम दिशा में स्थानांतरित किया गया है।
जिला पंचायत के इंजीनियर पवन कुमार गोयल ने बताया कि नदी के जलस्तर और कटान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मेला स्थल को पश्चिम में शिफ्ट करने से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और चौड़ा क्षेत्र मिल सकेगा। शुक्रवार को मेला क्षेत्र में झंडियां लगाकर सीमा निर्धारित करने का काम शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि 10 नवंबर तक सभी मुख्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कुरमियान घाट की जगह बनेगा मुख्य स्नान घाट
इंजीनियर गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष जिस स्थान पर कुरमियान घाट था, वहां इस बार मुख्य स्नान घाट बनाया जाएगा। यहां स्नान के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। बांस-बल्लियों से घाट की बैरिकेडिंग, गहरे पानी में जाल और सुरक्षा के लिए नाव-गोताखोर तैनात रहेंगे। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य मार्ग को चौड़ा और समतल करने का काम भी शुरू कर दिया गया है, ताकि वाहनों और पैदल यात्रियों को कीचड़ से परेशानी न हो।
विज्ञापन
16 नवंबर को झंडी पूजन, 24 को होगा मुख्य स्नान
मेले का शुभारंभ 16 नवंबर को सप्तमी के अवसर पर झंडी पूजन के साथ होगा। इसके साथ ही मेले की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। दुकानें, झूले लगने भी शुरू हो जाएंगे। मुख्य स्नान 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन होगा। पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
पहली बार अध्यक्ष की जगह प्रशासक की देखरेख में होगा मेला
अब तक मेले का आयोजन जिला पंचायत अध्यक्ष की देखरेख में कराया जाता रहा है। पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पहली बार जिला पंचायत प्रशासक के रूप में वर्षा यादव के कार्यकाल में मेले की तैयारियां कराई जा रही हैं। जिला पंचायत प्रशासन ही टेंडर, दुकानों का आवंटन और सुरक्षा व्यवस्था संभालेगा। मेला स्थल पर इंजीनियर पवन कुमार गोयल के साथ जेई अक्षय रावत, सुधीर यादव, जसपाल यादव और मधुरेश गुप्ता समेत अन्य कर्मचारियों ने पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।
विज्ञापन
जिला पंचायत के इंजीनियर पवन कुमार गोयल ने बताया कि नदी के जलस्तर और कटान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मेला स्थल को पश्चिम में शिफ्ट करने से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और चौड़ा क्षेत्र मिल सकेगा। शुक्रवार को मेला क्षेत्र में झंडियां लगाकर सीमा निर्धारित करने का काम शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि 10 नवंबर तक सभी मुख्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
कुरमियान घाट की जगह बनेगा मुख्य स्नान घाट
इंजीनियर गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष जिस स्थान पर कुरमियान घाट था, वहां इस बार मुख्य स्नान घाट बनाया जाएगा। यहां स्नान के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। बांस-बल्लियों से घाट की बैरिकेडिंग, गहरे पानी में जाल और सुरक्षा के लिए नाव-गोताखोर तैनात रहेंगे। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य मार्ग को चौड़ा और समतल करने का काम भी शुरू कर दिया गया है, ताकि वाहनों और पैदल यात्रियों को कीचड़ से परेशानी न हो।
विज्ञापन
16 नवंबर को झंडी पूजन, 24 को होगा मुख्य स्नान
मेले का शुभारंभ 16 नवंबर को सप्तमी के अवसर पर झंडी पूजन के साथ होगा। इसके साथ ही मेले की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। दुकानें, झूले लगने भी शुरू हो जाएंगे। मुख्य स्नान 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन होगा। पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
पहली बार अध्यक्ष की जगह प्रशासक की देखरेख में होगा मेला
अब तक मेले का आयोजन जिला पंचायत अध्यक्ष की देखरेख में कराया जाता रहा है। पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पहली बार जिला पंचायत प्रशासक के रूप में वर्षा यादव के कार्यकाल में मेले की तैयारियां कराई जा रही हैं। जिला पंचायत प्रशासन ही टेंडर, दुकानों का आवंटन और सुरक्षा व्यवस्था संभालेगा। मेला स्थल पर इंजीनियर पवन कुमार गोयल के साथ जेई अक्षय रावत, सुधीर यादव, जसपाल यादव और मधुरेश गुप्ता समेत अन्य कर्मचारियों ने पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।