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ककोड़ा मेला स्थल चयन के लिए कटरी पहुंची टीम
अमर उजाला, बदायूं
Updated Sun, 04 Oct 2015 08:31 PM IST
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दो दिन पहले राजस्व विभाग के निरीक्षक इरफान खान और थान सिंह, लेखपाल भगवान दास, सुरेेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह ने बदायूं जिले के सुंदरायन एवं मुगर्रा टटेई में गंगा तट तक निरीक्षण किया था। रविवार को जिला पंचायत अभियंता के संजय शर्मा एवं अवर अभियंता लालता प्रसाद कश्यप ने कादरचौक थाने की पुलिस के साथ सुंदरायन मुगर्रा टटेई सहित गत वर्ष मेला लगने वाले स्थल का भी निरीक्षण किया। टीम ने गत वर्ष वाले स्थल को ही उपयोगी माना है। सुंदरायन में स्थान की कमी एवं मार्ग की समस्या है। गत वर्ष ला एंड आर्डर बदायूं पुलिस का था, अब वह क्षेत्र कासगंज के सिकंदरपुर थाने में जाने से वहां की पुलिस अपना हस्तक्षेप कर रही है। इसी को दृष्टिगत रख बदायूं प्रशासन भी दोनों ही स्थलों के साथ तैयारी कर रहा है।
अभियंता शर्मा ने बताया कि मेला पुराने स्थल पर ही लगेगा, जिसका गजट भी हो चुका है। पुलिस भी बरेली जोन से ही मिलेगी, जिसके आदेश भी आ चुके हैं। उप्र शासन से मेला अवधि 18 नवंबर से दो दिसंबर तक स्वीकृत है। 2013 के शासनादेश में जोरी नगला से आठ किमी क्षेत्र में मेला कही भी लगने का आदेश है, जिसे राज्यपाल की संस्तुति मिली है। इसी अर्द्ध व्यास क्षेत्र में कासगंज का क्षेत्र भी सम्मलित होता है।
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अभियंता शर्मा ने बताया कि मेला पुराने स्थल पर ही लगेगा, जिसका गजट भी हो चुका है। पुलिस भी बरेली जोन से ही मिलेगी, जिसके आदेश भी आ चुके हैं। उप्र शासन से मेला अवधि 18 नवंबर से दो दिसंबर तक स्वीकृत है। 2013 के शासनादेश में जोरी नगला से आठ किमी क्षेत्र में मेला कही भी लगने का आदेश है, जिसे राज्यपाल की संस्तुति मिली है। इसी अर्द्ध व्यास क्षेत्र में कासगंज का क्षेत्र भी सम्मलित होता है।
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