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पानी बहता देख खुद टोंटियां ठीक कर देते हैं मास्साब

Tue, 22 Mar 2022 12:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2022 12:28 AM IST
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उझानी में एक घर के बाहर खराब टोंटी को ठीक करते विनीत सोलंकी। संवाद - फोटो : BADAUN
उझानी (बदायूं)। विश्व जल दिवस पर पानी की बर्बादी के प्रति आगे आने वाले लोगों पर गौर करें तो विनीत सोलंकी का नाम जेहन में न आए, ऐसा हो नहीं सकता। करीब एक दशक से जल संरक्षण के लिए काम कर रहे प्राथमिक शिक्षक विनीत की खासियत यह है कि उनकी नजर किसी सार्वजनिक स्थल पर लगी टोंटी से बहते पानी पर पड़ जाती है तो उनके कदम खुद थम जाते हैं। खुद टोंटी ठीक नहीं कर पाते तो मिस्त्री को बुलाकर उसे दुरुस्त करा देते हैं।
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श्रीनारायणगंज मोहल्ले की पंडित श्रीरामनगर कॉलोनी निवासी विनीत सोलंकी कादरचौक क्षेत्र के गांव खिरिया वाकरपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। जल संरक्षण के लिए करीब एक दशक पहले उनके मन में अचानक ही ख्याल आया और पानी को बर्बाद होने से बचाने के लिए लोगों को सलाह देने लगे। इसके बाद उनकी नजर गली-मोहल्लों में घरों के बाहर टोंटियों से बहते पानी पर पड़ी। ऐसे में सोलंकी ने कई बार गृहस्वामियों से उसे ठीक करा देने के लिए भी कहा लेकिन उन्हें ज्यादा तरजीह नहीं मिली।
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बकौल सोलंकी- इसके बाद उन्हें लगा कि क्यों न खुद ही आगे आया जाए। इसके बाद जहां भी उन्हें खराब टोंटियों से पानी बहता दिखा, स्वयं या फिर मिस्त्री बुलाकर ठीक करा दिया। यहां तक कि पाइप लाइन लीकेज की भनक लगते ही नगर पालिका परिषद कार्यालय में भी सूचना देने में गुरेज नहीं की। बता दें कि सोलंकी का हौसला बढ़ाने के लिए तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह उन्हें पुरस्कृत भी कर चुके हैं।
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निजा स्कूलों के बच्चों को भी करेंगे जागरूक
विनीत ने बताया कि घर-परिवार में लोग बच्चों की बातों को ज्यादा तरजीह देते हैं। ऐसा महसूस होने के बाद उन्होंने तय किया है कि जल संरक्षण के लिए अभियान शुरू करेंगे। अभियान के तहत जिस दिन उनका अवकाश रहेगा, किसी निजी स्कूल-कॉलेज में पहुंचकर गोष्ठी के जरिये बच्चों को सजग करेंगे। उन्हें यह भी बताएंगे कि पानी बर्बाद करने से आने वाले समय में किस तरह की दिक्कत सामने आ सकती है। बच्चे जब अपने घर पहुंचकर अभिभावकों और आसपास के लोगों को बताएंगे तो वह भी जल संरक्षण के प्रति सजग होंगे। संवाद
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