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यह उप स्वाथ्य केंद्र है या स्कूल?
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 24 Apr 2016 11:37 PM IST
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उप स्वास्थ्य केंद्र
- फोटो : अमर उजाला
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उप स्वास्थ्य केंद्र में आशा वर्कर ने भरा भूसा
लंबे समय से निजी स्कूल हो रहा संचालित
इस मामले से ग्राम प्रधान जता रहे अनभिज्ञता
गांवों में गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के सही टीकाकरण एवं संस्थागत प्रसव कराने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र खोले गए थे। लाखों रुपये की लागत से एक ऐसा ही उप स्वास्थ्य केंद्र वनगढ़ गांव में खोला गया, लेकिन वहां पर स्वास्थ्य सेवाओं को छोड़कर अन्य तमाम कार्य किए जा रहे हैं। गांव की आशा वर्कर ने उसमें भूसा भर दिया तो इससे करीब एक साल पहले से वहां पर एक निजी स्कूल संचालित हो रहा है। खास बात यह है कि इस बात से ग्राम प्रधान अनभिज्ञता जता रहे हैं। ऐसे में उस गांव में स्वास्थ्य सेवाएं कैसी मिल रहीं होंगी इस बारे में बताने की जरूरत नहीं है।
स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने लिए बनाए गए उप स्वास्थ्य केंद्र में भूसा भरे जाने के बारे में पूछा गया तो पता चला कि आशा वर्कर भूसा भर रही हैं। इस बारे में गांव में ही कार्यरत आशा वर्कर ममता रानी ने बताया कि उन्होंने तो एएनएम से पूछकर भूसा भरा है। उन्होंने मोबाइल पर कॉल करके इस बारे में पूछा था। कहा कि इससे करीब दो साल पहले से उप स्वास्थ्य केंद्र पर एक निजी स्कूल का संचालन किया जाता है, जिसमें करीब 100 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। यकीन न हो तो गांव में पूछ सकते हैं। शिक्षण कार्य संपन्न होने की गवाही विद्यालय भवन भी दे रहा है। ऐसे में आशा के साथ एएनएम और ग्राम प्रधान ने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं चंद किलोमीटर की दूरी पर स्थित सीएचसी के डॉक्टरों ने वहां पर जाकर निरीक्षण करने की जहमत नहीं उठाई, जिससे कि वहां की व्यवस्थाओं को सुधारा जा सके।
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ट्यूशन पढ़ाने के लिए एक शिक्षक से बात हुई थी, स्कूल संचालन की बात बिल्कुल गलत है। ट्यूशन भी बंद करा दफिया जाएगा। आशा को मना करने के बावजूद उसने भूसा डाल दिया। आशा की शिकायत सीएचसी प्रभारी से करूंगी।
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-शमीम जहां, एएनएम, उप स्वास्थ्य केंद्र वनगढ़
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भूसा डालने की बात मेरी जानकारी में नहीं है। मैं इस वक्त गांव के बाहर हूं। मामले की जानकारी करके संबंधित अधिकारियों को सूचित करूंगा।
-बृजपाल, ग्राम प्रधान, वनगढ़
लंबे समय से निजी स्कूल हो रहा संचालित
इस मामले से ग्राम प्रधान जता रहे अनभिज्ञता
गांवों में गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के सही टीकाकरण एवं संस्थागत प्रसव कराने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र खोले गए थे। लाखों रुपये की लागत से एक ऐसा ही उप स्वास्थ्य केंद्र वनगढ़ गांव में खोला गया, लेकिन वहां पर स्वास्थ्य सेवाओं को छोड़कर अन्य तमाम कार्य किए जा रहे हैं। गांव की आशा वर्कर ने उसमें भूसा भर दिया तो इससे करीब एक साल पहले से वहां पर एक निजी स्कूल संचालित हो रहा है। खास बात यह है कि इस बात से ग्राम प्रधान अनभिज्ञता जता रहे हैं। ऐसे में उस गांव में स्वास्थ्य सेवाएं कैसी मिल रहीं होंगी इस बारे में बताने की जरूरत नहीं है।
स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने लिए बनाए गए उप स्वास्थ्य केंद्र में भूसा भरे जाने के बारे में पूछा गया तो पता चला कि आशा वर्कर भूसा भर रही हैं। इस बारे में गांव में ही कार्यरत आशा वर्कर ममता रानी ने बताया कि उन्होंने तो एएनएम से पूछकर भूसा भरा है। उन्होंने मोबाइल पर कॉल करके इस बारे में पूछा था। कहा कि इससे करीब दो साल पहले से उप स्वास्थ्य केंद्र पर एक निजी स्कूल का संचालन किया जाता है, जिसमें करीब 100 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। यकीन न हो तो गांव में पूछ सकते हैं। शिक्षण कार्य संपन्न होने की गवाही विद्यालय भवन भी दे रहा है। ऐसे में आशा के साथ एएनएम और ग्राम प्रधान ने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं चंद किलोमीटर की दूरी पर स्थित सीएचसी के डॉक्टरों ने वहां पर जाकर निरीक्षण करने की जहमत नहीं उठाई, जिससे कि वहां की व्यवस्थाओं को सुधारा जा सके।
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ट्यूशन पढ़ाने के लिए एक शिक्षक से बात हुई थी, स्कूल संचालन की बात बिल्कुल गलत है। ट्यूशन भी बंद करा दफिया जाएगा। आशा को मना करने के बावजूद उसने भूसा डाल दिया। आशा की शिकायत सीएचसी प्रभारी से करूंगी।
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-शमीम जहां, एएनएम, उप स्वास्थ्य केंद्र वनगढ़
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भूसा डालने की बात मेरी जानकारी में नहीं है। मैं इस वक्त गांव के बाहर हूं। मामले की जानकारी करके संबंधित अधिकारियों को सूचित करूंगा।
-बृजपाल, ग्राम प्रधान, वनगढ़