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...बहुत जरूरी होता है, पर सब कुछ प्यार नहीं होता
Bisuli
Updated Sun, 01 Mar 2015 08:03 PM IST
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बिसौली महोत्सव में शनिवार की शाम काव्य की रसधार बही। बृज से आए मनवीर मधुर ने मन में वीरता का संचार किया, तो इटावा से आए मनोज ने गांव की तस्वीर को पंक्तियों में उकेर दिया।
काव्य संध्या का शुभारंभ एसडीएम गुलाबचंद्र और चेयरमैन अबरार अहमद ने दीप प्रज्वलित कर किया। शुभारंभ व्यंजना शुक्ला ने मां शारदा के गीत से किया। बदायूं के नाम को दुनिया में रोशन करने वाले बृजेंद्र अवस्थी और उर्मिलेश शंखधार को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कान्हा की नगरी मथुरा से आए मनवीर मधुर ने तो जोश का संचार कर दिया। उन्होंने शहीद भगतसिंह की भावनाओं को अपनी पंक्तियों में उतारते हुए कहा-
वंदे मातरम् गाना सिंहों का नाद नहीं होता,
सिर्फ अहिंसा के बल पर भारत आजाद नहीं होता।
जनपद इटावा से आए कुमार मनोज ने आज के युवाओं को एक संदेश देते हुए काव्य पाठ किया-
सपने तो सपने हैं उन पर अधिकार नहीं होता,
बहुत जरूरी होता है पर सब कुछ प्यार नहीं होता।
अपनी काव्य पंक्तियों में देशभक्ति को घोलते हुए कुमार मनोज ने एक शहीद की लाचार पत्नी की भावनाओं को कुछ यूं बयां किया-
आपके लिए तो एक आदमी मरा है साहब,
मेरे घर की तो रोटियां ही चली गईं।
कवि फ ारूख सरल ने लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई के मुखिया पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि-
बताओ रमजानी अब का करियो,
चली गई परधानी अब का करियो।
श्रंगार रस की हस्ताक्षर व्यंजना शुक्ला ने सुनाया-
नारी राधा बन जाए तो नर मनमोहन बन जाएगा,
तन को चाहे जितना रंग लो कोई फ र्क नहीं पड़ता
मन को जितना रंग लोगे मन वृंदावन हो जाएगा।
बहेड़ी से आए शरीफ भारती ने पूरे माहौल को हास्य रस मे डुबो दिया-
एक बालिका बड़ी आशा के साथ आई
राम तो नहीं मिले आसाराम मिल गया।
इलेक्शन में नए चेहरे को जो चुनते हैं,
जिन्हें चुनते हैं, वो पहले से बदतर निकलते हैं।
बदायूं के युवा कवि अक्षत अशेष ने भी वर्तमान व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि
न्याय के नाम पर क्या दिया है हमें,
सिर्फ अतिचार, कुंठा मरण के लिए।
मेरठ से आए मनोज कुमार ने भी गीत प्रस्तुत कर सभी को गुदगुदाया-
तुम्हारी तोप से ज्यादा ताकत है धागे में
फ ौजी के हाथ में राखी साथ रहती है।
इसके साथ ही शाहजहांपुर से आए दिनेश रस्तोगी ने भी नेताओं पर करारे प्रहार किए। मंच की कमान संचालक राहुल अवस्थी ने संभाली। अंत में चेयरमैन अबरार अहमद और सचिव अनूप शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व सपा के प्रदेश सचिव राजेंद्र पाठक ने जुगनू जादूगर शो का फ ीता काटकर शुभारंभ किया।
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देर रात तक चले कवि सम्मेलन में एसडीएम गुलाबंचद्र, सीओ राजवीर सिंह, चेयरमैन अबरार अहमद, वरिष्ठ रोटेरियन सुभाष अग्रवाल, पूर्व मंत्री गेंदनलाल मौर्य, फैजगंज चेयरमैन मेहरबान खां, डा. प्रवीण शर्मा, डा. मनोज माहेश्वरी, विपिनेश मिश्र, राकेश शर्मा, शिखिर मिश्र, चंकी अग्रवाल, शहंशाह खां, चितरंजन गुप्ता, सभासद मितुल वार्ष्णेय, गौरीशंकर कथूरिया, सोनू पंडित, अनुज शर्मा, अन्नू रस्तोगी, सुबोध पाठक मौजूद रहे।
बारिश ने डाला खलल
जैसे ही काव्य संध्या अपने शबाब पर पहुंची वैसे ही बारिश शुरू हो गई। हालात ये हो गए कि मंच से लेकर पूरा पंडाल टपकने लगा। आयोजकों ने मंच पर पन्नी तान दी। ज्यों-ज्यों बारिश ने जोर पकड़ा त्यों-त्यों कवियों की रचनाएं परवान चढ़ीं। इधर तन को बारिश ने भिगोया और उधर काव्य धारा से मन सराबोर हो गया।
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काव्य संध्या का शुभारंभ एसडीएम गुलाबचंद्र और चेयरमैन अबरार अहमद ने दीप प्रज्वलित कर किया। शुभारंभ व्यंजना शुक्ला ने मां शारदा के गीत से किया। बदायूं के नाम को दुनिया में रोशन करने वाले बृजेंद्र अवस्थी और उर्मिलेश शंखधार को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कान्हा की नगरी मथुरा से आए मनवीर मधुर ने तो जोश का संचार कर दिया। उन्होंने शहीद भगतसिंह की भावनाओं को अपनी पंक्तियों में उतारते हुए कहा-
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वंदे मातरम् गाना सिंहों का नाद नहीं होता,
सिर्फ अहिंसा के बल पर भारत आजाद नहीं होता।
जनपद इटावा से आए कुमार मनोज ने आज के युवाओं को एक संदेश देते हुए काव्य पाठ किया-
सपने तो सपने हैं उन पर अधिकार नहीं होता,
बहुत जरूरी होता है पर सब कुछ प्यार नहीं होता।
अपनी काव्य पंक्तियों में देशभक्ति को घोलते हुए कुमार मनोज ने एक शहीद की लाचार पत्नी की भावनाओं को कुछ यूं बयां किया-
आपके लिए तो एक आदमी मरा है साहब,
मेरे घर की तो रोटियां ही चली गईं।
कवि फ ारूख सरल ने लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई के मुखिया पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि-
बताओ रमजानी अब का करियो,
चली गई परधानी अब का करियो।
श्रंगार रस की हस्ताक्षर व्यंजना शुक्ला ने सुनाया-
नारी राधा बन जाए तो नर मनमोहन बन जाएगा,
तन को चाहे जितना रंग लो कोई फ र्क नहीं पड़ता
मन को जितना रंग लोगे मन वृंदावन हो जाएगा।
बहेड़ी से आए शरीफ भारती ने पूरे माहौल को हास्य रस मे डुबो दिया-
एक बालिका बड़ी आशा के साथ आई
राम तो नहीं मिले आसाराम मिल गया।
इलेक्शन में नए चेहरे को जो चुनते हैं,
जिन्हें चुनते हैं, वो पहले से बदतर निकलते हैं।
बदायूं के युवा कवि अक्षत अशेष ने भी वर्तमान व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि
न्याय के नाम पर क्या दिया है हमें,
सिर्फ अतिचार, कुंठा मरण के लिए।
मेरठ से आए मनोज कुमार ने भी गीत प्रस्तुत कर सभी को गुदगुदाया-
तुम्हारी तोप से ज्यादा ताकत है धागे में
फ ौजी के हाथ में राखी साथ रहती है।
इसके साथ ही शाहजहांपुर से आए दिनेश रस्तोगी ने भी नेताओं पर करारे प्रहार किए। मंच की कमान संचालक राहुल अवस्थी ने संभाली। अंत में चेयरमैन अबरार अहमद और सचिव अनूप शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व सपा के प्रदेश सचिव राजेंद्र पाठक ने जुगनू जादूगर शो का फ ीता काटकर शुभारंभ किया।
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देर रात तक चले कवि सम्मेलन में एसडीएम गुलाबंचद्र, सीओ राजवीर सिंह, चेयरमैन अबरार अहमद, वरिष्ठ रोटेरियन सुभाष अग्रवाल, पूर्व मंत्री गेंदनलाल मौर्य, फैजगंज चेयरमैन मेहरबान खां, डा. प्रवीण शर्मा, डा. मनोज माहेश्वरी, विपिनेश मिश्र, राकेश शर्मा, शिखिर मिश्र, चंकी अग्रवाल, शहंशाह खां, चितरंजन गुप्ता, सभासद मितुल वार्ष्णेय, गौरीशंकर कथूरिया, सोनू पंडित, अनुज शर्मा, अन्नू रस्तोगी, सुबोध पाठक मौजूद रहे।
बारिश ने डाला खलल
जैसे ही काव्य संध्या अपने शबाब पर पहुंची वैसे ही बारिश शुरू हो गई। हालात ये हो गए कि मंच से लेकर पूरा पंडाल टपकने लगा। आयोजकों ने मंच पर पन्नी तान दी। ज्यों-ज्यों बारिश ने जोर पकड़ा त्यों-त्यों कवियों की रचनाएं परवान चढ़ीं। इधर तन को बारिश ने भिगोया और उधर काव्य धारा से मन सराबोर हो गया।