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Budaun News: ओवरहेड टैंक के पिलर के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरकर मासूम की मौत
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मासूम आरिस का फाइल फोटो। संवाद
बिल्सी। बिल्सी के गांव पिंडौल में ओवरहेड टैंक के निर्माण के दौरान पिलर के गड्ढे में गिरकर छह साल के मासूम की मौत हो गई। जलजीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक निर्माण कराया जा रहा था। ऐसे में ठेकेदार और अभियंताओं की लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां अगर बैरिकेडिंग कराई गई होती तो शायद मासूम की जान बच सकती थी।
ग्राम पिंडौल निवासी आरिफ खान के मुताबिक शुक्रवार की दोपहर उनका इकलौता बेटा आरिस घर के बाहर खेल रहा था। सुबह के समय वह अपने खेत पर चले गए थे। घर पर उनका बेटा और उनकी पत्नी शहनाज रह गईं थीं। उनके घर के नजदीक में ही ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य चल रहा है। अभी तक उसकी बैरिकेडिंग नहीं कराई गई है।
निर्माण कार्य के तहत पिलर लगाने के लिए गड्ढा खोदा गया था। उसी में पानी भरा हुआ था। आरिस अपने घर से खेलते हुए निर्माण स्थल पर पहुंच गया। वहां खेलने के दौरान अचानक गड्ढे में गिर गया और उसी में डूब गया। जब काफी देर तक आरिस घर नहीं आया तो परिवार वालों ने उसे तलाशना शुरू किया।
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कुछ बच्चों ने बताया कि आरिस को निर्माणस्थल के नजदीक खेलता देखा गया था। इससे बाद परिवार वालों ने आरिस को गड्ढे से निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में परिवार वालों बिना पोस्टमार्टम कराए ही उसके शव को दफन कर दिया। बता दें कि करीब एक साल पहले भी चार छात्र-छात्राओं समेत पांच लोगों की मौत हो चुकी है। उसावां थाना क्षेत्र में पाइप लाइन डालने के बाद उसका गड्ढा खुला छोड़ दिया गया था। वहीं, वजीरगंज के गांव धिमरपुरा में पाइपलाइन डालकर उसका गड्ढा खुला छोड़ दिया था। इसमें एक भैंस भी गिर गई थी।
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ग्राम पिंडौल निवासी आरिफ खान के मुताबिक शुक्रवार की दोपहर उनका इकलौता बेटा आरिस घर के बाहर खेल रहा था। सुबह के समय वह अपने खेत पर चले गए थे। घर पर उनका बेटा और उनकी पत्नी शहनाज रह गईं थीं। उनके घर के नजदीक में ही ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य चल रहा है। अभी तक उसकी बैरिकेडिंग नहीं कराई गई है।
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निर्माण कार्य के तहत पिलर लगाने के लिए गड्ढा खोदा गया था। उसी में पानी भरा हुआ था। आरिस अपने घर से खेलते हुए निर्माण स्थल पर पहुंच गया। वहां खेलने के दौरान अचानक गड्ढे में गिर गया और उसी में डूब गया। जब काफी देर तक आरिस घर नहीं आया तो परिवार वालों ने उसे तलाशना शुरू किया।
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कुछ बच्चों ने बताया कि आरिस को निर्माणस्थल के नजदीक खेलता देखा गया था। इससे बाद परिवार वालों ने आरिस को गड्ढे से निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में परिवार वालों बिना पोस्टमार्टम कराए ही उसके शव को दफन कर दिया। बता दें कि करीब एक साल पहले भी चार छात्र-छात्राओं समेत पांच लोगों की मौत हो चुकी है। उसावां थाना क्षेत्र में पाइप लाइन डालने के बाद उसका गड्ढा खुला छोड़ दिया गया था। वहीं, वजीरगंज के गांव धिमरपुरा में पाइपलाइन डालकर उसका गड्ढा खुला छोड़ दिया था। इसमें एक भैंस भी गिर गई थी।

मासूम आरिस का फाइल फोटो। संवाद