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Budaun News: बजट के अभाव में लटक गए औद्योगिक आस्थान में सुधार के काम
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औद्योगिक आस्थान। संवाद
राज्य सरकार से 1.50 करोड़ मिले, केंद्र से 3.25 करोड़ मिलने का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। केंद्र सरकार से बजट मिलने में देरी के कारण सालारपुर स्थित औद्योगिक आस्थान में विकास के काम लटक गए हैं। 4.75 करोड़ की लागत से सड़क व नाला-नाली निर्माण और सुंदरीकरण के काम सितंबर 2023 तक पूरे होने थे। काम अधर में लटके होने से औद्योगिक आस्थान में कई नई समस्याएं खड़ी हो गईं हैं।
दुर्दशा के शिकार औद्योगिक आस्थान में सुधार और विकास कार्यों के लिए पिछले साल मंजूरी मिली थी। सड़कें, नाला-नाली निर्माण और सुंदरीकरण के लिए सरकार ने 4.75 करोड़ का बजट स्वीकृत किया था। इसमें 1.50 करोड़ का अंशदान राज्य सरकार को देना था। राज्य सरकार ने अपने हिस्से का बजट जारी कर दिया। मार्च 2023 में कार्यदायी संस्था लघु उद्योग निगम ने काम भी शुरू करा दिया। सितंबर 2023 तक काम पूरा होना था, लेकिन केंद्र सरकार से मिलने वाला 3.25 करोड़ का बजट जारी न होने से काम बीच में ही लटक गया।
कार्यदायी संस्था पांच माह से बजट के लिए पत्राचार कर रही है, मगर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही। इधर, अधूरी पड़ीं सड़कों और नाले-नालियों के कारण औद्योगिक आस्थान परिसर में समस्याएं बढ़ गई हैं। उद्यमियों को कच्चा माल लाने और तैयार माल यहां से बाहर भेजने में भी समस्या हो रही है।
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औद्योगिक आस्थान में चल रहीं 23 इकाइयां
- औद्योगिक आस्थान में फिलहाल 23 इकाइयों का संचालन हो रहा है। यहां इकाइयों की स्थापना के लिए 61 भूखंड और 10 शेड उपलब्ध कराए गए, लेकिन कई इकाइयां बंद हो गईं। कुछ का मामले लंबित होने के कारण संचालन नहीं हो रहा है। जो इकाइयां चल रही हैं, वे भी असुविधाओं का सामना कर रही हैं। जिला उद्योग उपायुक्त अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि जिन इकाइयों के मामले लंबित हैं, उनका उच्च स्तर पर निस्तारण किया जा रहा है।
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औद्योगिक आस्थान में सड़कों का चौड़ीकरण, नाला-नाली निर्माण आदि का काम 4.75 करोड़ से हो रहा है। राज्य सरकार का अंशदान मिल गया है, लेकिन केंद्र से बजट मिलना बाकी है। पत्राचार किया जा रहा है। बजट में देरी के कारण काम समय से पूरा नहीं हो सका। -शिवम सिंह, अवर अभियंता उप्र लघु उद्योग निगम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। केंद्र सरकार से बजट मिलने में देरी के कारण सालारपुर स्थित औद्योगिक आस्थान में विकास के काम लटक गए हैं। 4.75 करोड़ की लागत से सड़क व नाला-नाली निर्माण और सुंदरीकरण के काम सितंबर 2023 तक पूरे होने थे। काम अधर में लटके होने से औद्योगिक आस्थान में कई नई समस्याएं खड़ी हो गईं हैं।
दुर्दशा के शिकार औद्योगिक आस्थान में सुधार और विकास कार्यों के लिए पिछले साल मंजूरी मिली थी। सड़कें, नाला-नाली निर्माण और सुंदरीकरण के लिए सरकार ने 4.75 करोड़ का बजट स्वीकृत किया था। इसमें 1.50 करोड़ का अंशदान राज्य सरकार को देना था। राज्य सरकार ने अपने हिस्से का बजट जारी कर दिया। मार्च 2023 में कार्यदायी संस्था लघु उद्योग निगम ने काम भी शुरू करा दिया। सितंबर 2023 तक काम पूरा होना था, लेकिन केंद्र सरकार से मिलने वाला 3.25 करोड़ का बजट जारी न होने से काम बीच में ही लटक गया।
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कार्यदायी संस्था पांच माह से बजट के लिए पत्राचार कर रही है, मगर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही। इधर, अधूरी पड़ीं सड़कों और नाले-नालियों के कारण औद्योगिक आस्थान परिसर में समस्याएं बढ़ गई हैं। उद्यमियों को कच्चा माल लाने और तैयार माल यहां से बाहर भेजने में भी समस्या हो रही है।
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औद्योगिक आस्थान में चल रहीं 23 इकाइयां
- औद्योगिक आस्थान में फिलहाल 23 इकाइयों का संचालन हो रहा है। यहां इकाइयों की स्थापना के लिए 61 भूखंड और 10 शेड उपलब्ध कराए गए, लेकिन कई इकाइयां बंद हो गईं। कुछ का मामले लंबित होने के कारण संचालन नहीं हो रहा है। जो इकाइयां चल रही हैं, वे भी असुविधाओं का सामना कर रही हैं। जिला उद्योग उपायुक्त अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि जिन इकाइयों के मामले लंबित हैं, उनका उच्च स्तर पर निस्तारण किया जा रहा है।
औद्योगिक आस्थान में सड़कों का चौड़ीकरण, नाला-नाली निर्माण आदि का काम 4.75 करोड़ से हो रहा है। राज्य सरकार का अंशदान मिल गया है, लेकिन केंद्र से बजट मिलना बाकी है। पत्राचार किया जा रहा है। बजट में देरी के कारण काम समय से पूरा नहीं हो सका। -शिवम सिंह, अवर अभियंता उप्र लघु उद्योग निगम