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ऐसे तो केंद्र के सर्वे में फेल हो जाएगा बदायूं 

Fri, 13 Jan 2017 12:01 AM IST
ब्यूरो/बदायूं
ब्यूरो/बदायूं Updated Fri, 13 Jan 2017 12:01 AM IST
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if this position then failed badaun
ऐसे तो केंद्र के सर्वे में फेल हो जाएगा बदायूं  
स्वच्छ भारत मिशन के तहत संचालित स्वच्छता कार्यक्रमों की हकीकत जानने के लिए केेंद्र सरकार यूपी के जिन 62 शहरों में सर्वेक्षण कराएगा, उनमें बदायूं भी शामिल है। सर्वेक्षण के लिए तय किए गए कार्यक्रम के मुताबिक क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया यानी क्यूसीआई की टीम शहर में दो फरवरी को आएगी। सर्वेक्षण में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय से मैनेजमेंट ऑफ सॉलिड वेस्ट रूल्स- 2016 के तहत शहर में कूड़ा निस्तारण की स्थिति, शुद्ध पेयजल, खुले में शौच मुक्त कार्यक्रम के अलावा साफ-सफाई की स्थिति देखी जाएगी और उसके आधार पर टीम अंक देगी। इससे तय होगा कि बदायूं केंद्र की परीक्षा में पास होगा या फेल, लेकिन शहर में स्वच्छता की जो मौजूदा स्थिति है, उसको देखकर कोई नहीं कह सकता कि बदायूं इस सर्वेक्षण में पास हो जाएगा। अमर उजाला ने शहर में स्वच्छता और कूड़ा निस्तारण की स्थिति की पड़ताल की तो वास्तविक तस्वीर सामने आई-
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0 शहर में कूड़े का सही ढंग से निस्तारण नहीं हो रहा है।
0 कई घरों में अभी भी स्वच्छ शौचालय नहीं हैं। पालिका की ओर से खरीदे गए 10 सीटर दो मोबाइल टॉयलेट भी बाजारों में खड़े नजर नहीं आते हैं। कुछ मोहल्लों में शुष्क शौचालय संचालित हो रहे हैं, जिससे कुछ स्वच्छकार शौच उठाने का कार्य कर रहे हैं।
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0 गली और नुक्कड़ पर कूड़े के ढेर नजर आते हैं। कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। शहर की गलियों से कूड़ा उठाया तो जाता है, लेकिन उसे शेखूपुर, दातागंज, बिसौली एवं अन्य सड़कों के किनारे डाल दिया जाता है। नगर पालिका कर्मचारी यह कहकर अपना बचाव करते हैं कि वे लोग ककराला रोड पर रसूलपुर गांव के पास स्थित 7500 वर्ग मीटर के डंपिंग ग्राउंड में डालते हैं। कूड़ा निस्तारित करने के लिए यह कहकर बचाव किया जाता है कि अभी तक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट ही शुरू नहीं हुआ है।
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वाटर वर्क्स में रखे करीब 200 कूड़ेदान
बीते वर्ष नगर पालिका परिषद की ओर से लगाए गए प्लास्टिक के कूड़ेदान चंद महीनों में ही खत्म गए थे। इसके बाद लोहे के कूड़ेदान करीब 125 स्थानों पर लगे हैं, लेकिन अधिकांश शहरी उनमें कूड़ा न डालकर खुले में डालते हैं। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन के तहत खरीदे के करीब 200 कूड़ेदार वाटर वक्र्स में रखे हुए हैं, जिन्हें अब तक नहीं लगाया गया है।

पांच सौ परिवारों में शौचालय नहीं
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे शौचालयों के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे हैं। इसमें गुरुवार तक 1521 लोगों ने आवेदन किया था, जिसमें 1443 लोगों को सत्यापन किया गया तो सत्यापन के दौरान 708 लोग पात्र पाए गए, जबकि 735 लोगों को अपात्र घोषित कर दिया गया। इसमें 78 लोगों का सत्यापन अभी तक नहीं किया गया। पात्र 252 लोगों में नगर पालिका परिषद की ओर से घरों में शौचालय बनाने के लिए प्रथम किश्त की धनराशि भेजी जा चुकी है, जबकि अब भी करीब पांच सौ परिवार शौचालयविहीन हैं। 


स्वच्छ भारत मिशन के तहत संचालित हो रहे कार्यक्रमों का सही ढंग से क्रियान्वयन कराने में जुटे हैं। शहर को साफ-सफाई, पेयजल एवं अन्य तमाम व्यवस्थाओं को एकदम दुरुस्त कराया जाएगा।
-लालचंद्र भारती, ईओ, नगर पालिका परिषद
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