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Budaun News: ट्रैक्टर चालक नहीं भगाता ट्रॉली तो बच सकती थी तीनों की जान
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(22 बीडीएन-25)पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतकों के परिजन।संवाद
- 200 मीटर की दूरी तक घसीटी गई थी कार, एयरबैग भी खुलकर हो गए थे क्षतिग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। बिसौली कोतवाली क्षेत्र में गांव मदनजुड़ी के पास मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर जो हादसा हुआ वह रूह कंपाने वाला था। लोगों का कहना था कि अगर ट्रैक्टर-ट्रॉली रुक जाती तो तीनों की जान बच सकती थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शाकिर और उसकी आठ माह की गर्भवती पत्नी रोजी दोनों सील्ट बेल्ट लगाए हुए थे। इसलिए हादसे के दौरान कार के एयरबैग भी खुल गए थे। इससे कार में मौजूद दंपती और उनके मासूम बच्चे को एयरबैग की सुरक्षा मिल जाती, लेकिन ट्रैक्टर का चालक ट्रॉली में फंसी कार को 200 मीटर तक घसीटता रहा। इससे कार के साथ ही एयरबैग के भी परखच्चे उड़ गए।
आसपास के जिन लोगों ने यह दृश्य देखा तो उन्होंने चीख-चीखकर चालक को ट्रैक्टर रोकने को कहा, लेकिन उसने नहीं रोका। लोगों का कहना था कि अगर ट्रैक्टर रुक जाता तो तीनों की जान बच सकती थी। जब ट्रैक्टर ट्रॉली में घुसी कार को बाहर निकाला गया तो वह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। कार में फंसे घायल मोईन समेत चारों लोगों को निकालने में पुलिस को काफी जद्दोजहद उठानी पड़ी। कार की बाड़ी काटकर और दरवाजे तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया।
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हादसे के बाद बाइक से जा रहे सिपाही ने
ट्रैक्टर चालक से कहा था निकल जा
मदनजुड़ी गांव के पास हादसा हुआ तो ट्रैक्टर चालक ने ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, इसी दौरान पीछे से बाइक से जा रहे एक पुलिसकर्मी ने ट्रैक्टर चालक से कहा कि रुक मत, निकल जा। उसकी बात सुनते ही चालक ट्रैक्टर को और तेज गति से दौड़ाने लगा। यह बात भी राहगीरों ने ट्रॉली रुकने के बाद मौजूद लोगों को बताई थी।
कार डेकोरेशन की थी शाकिर की दुकान
शाकिर का मुख्य व्यापार कार डेकोरेशन का था। कार डेकोरेशन के पार्ट्स बेचने की उसकी दुकान थी। दिल्ली के मेहरोली स्थित उसकी दुकान के पास ही उसका कार का वर्कशॉप भी था। उसके नेक व्यवहार की वजह से उसका कारोबार सही चल रहा था।
शाकिर का दिल्ली तो रोजी और इयान के शव हतरा में होंगे सुपुर्दे खाक
शाकिर और रोजी का निकाह हुआ तो दोनों ने जिंदगीभर एक-दूसरे का साथ निभाने का वादा किया। दोनों जहां भी जाते साथ जाते थे। ऐसे में डेढ़ साल पहले उनको बेटा हुआ, नाम इयान रखा गया। चूंकि इन दिनों रोजी आठ माह की गर्भवती थी, इसलिए इन दिनों शाकिर उसका विशेष ख्याल रख रहा था। किसी को नहीं पता था कि यह परिवार एक ही पल में दुनिया से अलविदा हो जाएगा। इसके बाद शाकिर के परिवार वाले उसका शव दिल्ली ले गए। शाकिर के शव को दिल्ली में सुपुर्दे खाक किया जाएगा तो रोजी और इयान के शव हतरा गांव में ही सुपुर्दे खाक होंगे।
ओवरलोड गन्ना लेकर जा रहीं ट्रॉली बन रहीं हादसे का सबब
बदायूं। जिले में इन दिनों क्रय केंद्रों से गन्ना भरकर चीनी मिलों तक पहुंचाने के लिए बड़ी ट्रॉलियों का उपयोग किया जा रहा है। सबसे ज्यादा तो छह टायरा ट्रॉली, जो प्रतिबंधित हैं, चार सौ से पांच सौ क्विंटल तक गन्ना लादकर चल रहीं हैं। यह ओवरलोड ट्रॉली हादसे का सबब बन रही हैं। यातायात विभाग और पुलिस से साठगांठ कर गन्ना माफिया खुलेआम हाईवे पर इन ओवरलोड ट्रॉलियों को दौड़ा रहे हैं। ऐसा नहीं कि इन प्रतिबंधित ट्रॉलियों से गन्ना ढोए जाने की जानकारी जिम्मेदारों को न हो, लेकिन गन्ना माफिया से मिलने वाली मोटी रकम की वजह से उनको खुली छूट दे रखी है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा आमगांव, लखनपुर, सिलहरी से गन्ना भरकर यह ट्रॉलियां चीनी मिलों तक पहुंच रही हैं। इसके बाद भी कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में एसपी देहात अजय प्रताप का कहना है कि यातायात विभाग के साथ अभियान चलाकर ओवरलोड ट्रॉलियों पर कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। बिसौली कोतवाली क्षेत्र में गांव मदनजुड़ी के पास मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर जो हादसा हुआ वह रूह कंपाने वाला था। लोगों का कहना था कि अगर ट्रैक्टर-ट्रॉली रुक जाती तो तीनों की जान बच सकती थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शाकिर और उसकी आठ माह की गर्भवती पत्नी रोजी दोनों सील्ट बेल्ट लगाए हुए थे। इसलिए हादसे के दौरान कार के एयरबैग भी खुल गए थे। इससे कार में मौजूद दंपती और उनके मासूम बच्चे को एयरबैग की सुरक्षा मिल जाती, लेकिन ट्रैक्टर का चालक ट्रॉली में फंसी कार को 200 मीटर तक घसीटता रहा। इससे कार के साथ ही एयरबैग के भी परखच्चे उड़ गए।
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आसपास के जिन लोगों ने यह दृश्य देखा तो उन्होंने चीख-चीखकर चालक को ट्रैक्टर रोकने को कहा, लेकिन उसने नहीं रोका। लोगों का कहना था कि अगर ट्रैक्टर रुक जाता तो तीनों की जान बच सकती थी। जब ट्रैक्टर ट्रॉली में घुसी कार को बाहर निकाला गया तो वह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। कार में फंसे घायल मोईन समेत चारों लोगों को निकालने में पुलिस को काफी जद्दोजहद उठानी पड़ी। कार की बाड़ी काटकर और दरवाजे तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया।
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हादसे के बाद बाइक से जा रहे सिपाही ने
ट्रैक्टर चालक से कहा था निकल जा
मदनजुड़ी गांव के पास हादसा हुआ तो ट्रैक्टर चालक ने ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, इसी दौरान पीछे से बाइक से जा रहे एक पुलिसकर्मी ने ट्रैक्टर चालक से कहा कि रुक मत, निकल जा। उसकी बात सुनते ही चालक ट्रैक्टर को और तेज गति से दौड़ाने लगा। यह बात भी राहगीरों ने ट्रॉली रुकने के बाद मौजूद लोगों को बताई थी।
कार डेकोरेशन की थी शाकिर की दुकान
शाकिर का मुख्य व्यापार कार डेकोरेशन का था। कार डेकोरेशन के पार्ट्स बेचने की उसकी दुकान थी। दिल्ली के मेहरोली स्थित उसकी दुकान के पास ही उसका कार का वर्कशॉप भी था। उसके नेक व्यवहार की वजह से उसका कारोबार सही चल रहा था।
शाकिर का दिल्ली तो रोजी और इयान के शव हतरा में होंगे सुपुर्दे खाक
शाकिर और रोजी का निकाह हुआ तो दोनों ने जिंदगीभर एक-दूसरे का साथ निभाने का वादा किया। दोनों जहां भी जाते साथ जाते थे। ऐसे में डेढ़ साल पहले उनको बेटा हुआ, नाम इयान रखा गया। चूंकि इन दिनों रोजी आठ माह की गर्भवती थी, इसलिए इन दिनों शाकिर उसका विशेष ख्याल रख रहा था। किसी को नहीं पता था कि यह परिवार एक ही पल में दुनिया से अलविदा हो जाएगा। इसके बाद शाकिर के परिवार वाले उसका शव दिल्ली ले गए। शाकिर के शव को दिल्ली में सुपुर्दे खाक किया जाएगा तो रोजी और इयान के शव हतरा गांव में ही सुपुर्दे खाक होंगे।
ओवरलोड गन्ना लेकर जा रहीं ट्रॉली बन रहीं हादसे का सबब
बदायूं। जिले में इन दिनों क्रय केंद्रों से गन्ना भरकर चीनी मिलों तक पहुंचाने के लिए बड़ी ट्रॉलियों का उपयोग किया जा रहा है। सबसे ज्यादा तो छह टायरा ट्रॉली, जो प्रतिबंधित हैं, चार सौ से पांच सौ क्विंटल तक गन्ना लादकर चल रहीं हैं। यह ओवरलोड ट्रॉली हादसे का सबब बन रही हैं। यातायात विभाग और पुलिस से साठगांठ कर गन्ना माफिया खुलेआम हाईवे पर इन ओवरलोड ट्रॉलियों को दौड़ा रहे हैं। ऐसा नहीं कि इन प्रतिबंधित ट्रॉलियों से गन्ना ढोए जाने की जानकारी जिम्मेदारों को न हो, लेकिन गन्ना माफिया से मिलने वाली मोटी रकम की वजह से उनको खुली छूट दे रखी है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा आमगांव, लखनपुर, सिलहरी से गन्ना भरकर यह ट्रॉलियां चीनी मिलों तक पहुंच रही हैं। इसके बाद भी कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में एसपी देहात अजय प्रताप का कहना है कि यातायात विभाग के साथ अभियान चलाकर ओवरलोड ट्रॉलियों पर कार्रवाई की जाएगी। संवाद

(22 बीडीएन-25)पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतकों के परिजन।संवाद