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Budaun News: रोते हुए बीता होली का त्योहार... बच्चों के कपड़े देख नहीं थमे आंसू
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बदायूं। ठेकेदार विनोद कुमार की मां मुन्नी देवी और पत्नी संगीता का होली पर पूरा दिन रोते बीता। संगीता होली के लिए बच्चों को नए कपड़े और जूते दिलाकर लाईं थीं। इन कपड़ों को देखकर ही वह और उनकी सास पूरे दिन रोती रहीं। सोमवार को भी उनके घर सांत्वना देने के लिए तमाम लोगों का आना-जाना लगा रहा।
शहर की बाबा कॉलोनी में 19 मार्च की शाम ठेकेदार विनोद कुमार के दो बच्चों आयुष (13) और अहान उर्फ हनी (06) की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। तभी से उनके परिवार में मातम पसरा है। वारदात से पांच-छह दिन पहले विनोद की पत्नी संगीता अपने तीनों बेटों आयुष, अहान और पीयूष को बाजार ले गई थीं। बच्चों ने होली पर पहनने के लिए अपनी पसंद के कपड़े और जूते खरीदे थे। आयुष ने लाइट वाले जूते पसंद किए थे। तीनों भाइयों ने जींस-शर्ट खरीदी थीं। घर आकर दादी को कपड़े और जूते दिखाए। तब दादी ने कहा- संभालकर रख लोग। होली पर रंग खेलने के बाद नहा-धोकर पहनना।
परिजन अब इन कपड़ों को देखते ही बिलखने लगते हैं। उन्हें क्या पता था कि होली से पहले ही आयुष और अहान उन्हें छोड़कर चले जाएंगे। सोमवार को मोहल्ले के लोगों ने रंग-गुलाल लगाकर होली मनाई। शाम को गले मिलकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं, लेकिन विनोद के घर में मातम पसरा रहा। सुबह से लेकर शाम तक तमाम लोग उनके आए और परिजनों को सांत्वना दी।
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शहर की बाबा कॉलोनी में 19 मार्च की शाम ठेकेदार विनोद कुमार के दो बच्चों आयुष (13) और अहान उर्फ हनी (06) की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। तभी से उनके परिवार में मातम पसरा है। वारदात से पांच-छह दिन पहले विनोद की पत्नी संगीता अपने तीनों बेटों आयुष, अहान और पीयूष को बाजार ले गई थीं। बच्चों ने होली पर पहनने के लिए अपनी पसंद के कपड़े और जूते खरीदे थे। आयुष ने लाइट वाले जूते पसंद किए थे। तीनों भाइयों ने जींस-शर्ट खरीदी थीं। घर आकर दादी को कपड़े और जूते दिखाए। तब दादी ने कहा- संभालकर रख लोग। होली पर रंग खेलने के बाद नहा-धोकर पहनना।
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परिजन अब इन कपड़ों को देखते ही बिलखने लगते हैं। उन्हें क्या पता था कि होली से पहले ही आयुष और अहान उन्हें छोड़कर चले जाएंगे। सोमवार को मोहल्ले के लोगों ने रंग-गुलाल लगाकर होली मनाई। शाम को गले मिलकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं, लेकिन विनोद के घर में मातम पसरा रहा। सुबह से लेकर शाम तक तमाम लोग उनके आए और परिजनों को सांत्वना दी।
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