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तीन दिन में बिके 4.50 करोड़ के कपड़े
बदायूं।
Updated Thu, 05 Mar 2015 11:42 PM IST
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हाय महंगाई का नारा तो जरूर ग्राहक के मुंह से सुनने को मिलता रहा, लेकिन इसी बीच फिर भी साढ़े चार करोड़ के कपड़ों की खरीददारी हुई। बारिश खत्म होने की देर थी, मौसम खुलते ही लोग सड़कों पर उतरे और आननफानन में खरीददारी करना शुरू की।
चूंकि होली के त्योहार पर नए कपड़े पहनने की मान्यता है। लिहाजा रेडीमेड दुकान, मॉल खचाखच भरे रहे। लोगों ने तीन दिन में जमकर खरीददारी की। अनुमानित आंकड़े की बात करे तो साढ़े चार करोड़ रुपये के कपड़ों की खरीददारी हुई। डेढ़ करोड़ के जूते, चप्पल, सैंडल भी खरीदीं गईं। रंग के दिन से पूर्व रात तक शॉपिंग चलती रही।
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फेसबुक, वाट्सअप पर बधाईयों का लगा रहा तांता
एसएमएस को भूले मोबाइल उपभोक्ता
बदायूं। आधुनिक युग में बधाई देने का तरीका भी नया हो गया। चिठ्ठी पत्री को बंद हुए जमाना गुजर गया। अब एसएमएस सर्विस भी लोग पसंद नहीं कर रहे हैं। मोबाइल एंड रिचार्ज शॉप वालों की माने तो अब एसएमएस का प्रयोग अब लगभग बंद सा हो गया है। कई लुभावने ऑफर्स के बाद भी मोबाइल यूजर्स इसका प्रयोग नहीं करते हैं। बताते हैं कि इसकी जगह पहले फेसबुक और मोबाइल में वाट्सअप ने ले ली है। यूजर्स कहते हैं कि मोबाइल मेें मैसेज टाइप करो, भेजो, नेटवर्क की समस्या भी रहती है। वहीं त्योहार के मौकों पर एसएमएस के चार्ज भी पूरे लगते हैं। लिहाजा अब यूजर्स का क्रेज घटता जा रहा है और सोशल साइट्स, वाट्सअप के प्रति बढ़ता जा रहा है। लिहाजा त्योहार की बधाइयों के लिए सक्षम और सरल साधन मानते हुए इसे अधिकतर पंसद किया जा रहा है।
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होली खेलते समय इन बातों का रखें ख्याल
0 कैमिकल रंगों का न खुद इस्तेमाल करें और न करने दें।
0 त्वचा पर किसी अच्छे सनस्क्रीन लोशन को लगाएं।
0 रंग आंख में पड़ते ही तुरंत आंख धो डालें।
0 बाइक तेज और स्टाइल में न चलाएं।
0 रंग डालने में किसी से बरजोरी न करें।
0 किसी से भद्दा मजाक न करें।
0 किसी भी प्रकार के नशे से बचें।
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चूंकि होली के त्योहार पर नए कपड़े पहनने की मान्यता है। लिहाजा रेडीमेड दुकान, मॉल खचाखच भरे रहे। लोगों ने तीन दिन में जमकर खरीददारी की। अनुमानित आंकड़े की बात करे तो साढ़े चार करोड़ रुपये के कपड़ों की खरीददारी हुई। डेढ़ करोड़ के जूते, चप्पल, सैंडल भी खरीदीं गईं। रंग के दिन से पूर्व रात तक शॉपिंग चलती रही।
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फेसबुक, वाट्सअप पर बधाईयों का लगा रहा तांता
एसएमएस को भूले मोबाइल उपभोक्ता
बदायूं। आधुनिक युग में बधाई देने का तरीका भी नया हो गया। चिठ्ठी पत्री को बंद हुए जमाना गुजर गया। अब एसएमएस सर्विस भी लोग पसंद नहीं कर रहे हैं। मोबाइल एंड रिचार्ज शॉप वालों की माने तो अब एसएमएस का प्रयोग अब लगभग बंद सा हो गया है। कई लुभावने ऑफर्स के बाद भी मोबाइल यूजर्स इसका प्रयोग नहीं करते हैं। बताते हैं कि इसकी जगह पहले फेसबुक और मोबाइल में वाट्सअप ने ले ली है। यूजर्स कहते हैं कि मोबाइल मेें मैसेज टाइप करो, भेजो, नेटवर्क की समस्या भी रहती है। वहीं त्योहार के मौकों पर एसएमएस के चार्ज भी पूरे लगते हैं। लिहाजा अब यूजर्स का क्रेज घटता जा रहा है और सोशल साइट्स, वाट्सअप के प्रति बढ़ता जा रहा है। लिहाजा त्योहार की बधाइयों के लिए सक्षम और सरल साधन मानते हुए इसे अधिकतर पंसद किया जा रहा है।
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होली खेलते समय इन बातों का रखें ख्याल
0 कैमिकल रंगों का न खुद इस्तेमाल करें और न करने दें।
0 त्वचा पर किसी अच्छे सनस्क्रीन लोशन को लगाएं।
0 रंग आंख में पड़ते ही तुरंत आंख धो डालें।
0 बाइक तेज और स्टाइल में न चलाएं।
0 रंग डालने में किसी से बरजोरी न करें।
0 किसी से भद्दा मजाक न करें।
0 किसी भी प्रकार के नशे से बचें।