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बरेली-मथुरा हाइवे पर पांच घंटे तक थमे वाहनों के पहिए
Updated Sun, 16 Oct 2016 11:41 PM IST
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बरेली-मथुरा हाइवे पर पांच घंटे तक थमे वाहनों के पहिए
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शरद पूर्णिमा पर उमड़े जनसैलाब की वजह से रविवार को बरेली-मथुरा हाइवे से गुजरने वाले वाहन सवार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह में करीब आठ बजे से लगे जाम ने दोपहर तक दिक्कतें पैदा की। बाइक सवार ही नहीं, पैदल निकले श्रद्धालुओं के भी पसीने छूट गए। पांच घंटा तक वाहनों के पहिए थमे रहे।
जाम की शुरूआत सुबह में करीब आठ बजे कछला पुलिस चौकी के सामने से हुई। घाट मोड़ और कॉलेज के सामने बने अस्थाई पार्किंग स्थल के आसपास प्राइवेट वाहनों के जमघट की वजह से जाम बढ़ता ही चला गया। पुल के दोनों ओर करीब चार किलोमीटर तक जाम में फंसे वाहनों के सिवाय कुछ और नजर नहीं आया। सबसे ज्यादा दिक्कत डग्गामार वाहनों की वजह से हुई। इस दौरान पुलिस की परेशानी उस वत ज्यादा बढ़ गई जब घाट के आसपास हाइवे पर वाहनों की लाइनों की संख्या दो बढ़कर चार हुई। श्रद्धालुओं में बेतरतीब ढंग से बाइक निकालने की होड़ मची रही।
कासगंज और बदायूं जिले की सीमा में पांच किलोमीटर तक वाहनों के पहिए थम गए। हालांकि पुलिस ने हालात पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन जाम को देख पुलिस कर्मियों के भी हाथ-पैर फूल गए। पुलिस ने डग्गामार वाहनों को कछला चौराहे से कसबे में होकर निकाला। सहसवान की ओर से हुसैनपुर खेड़ा होकर आने वाले वाहन सवार श्रद्घालुओं को भी तीन किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ा। बरेली, कासगंज, आगरा, अलीगढ़ और मथुरा की ओर आने-जाने वाले यात्री भी रोडवेज बसों में जाम खुलने का इंतजार करते रहे। दोपहर में करीब एक बजे भीड़भाड़ कम हुई तो वाहनों का आवागमन शुरू हो पाया।
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कछला में बुलाना पड़ा अतिरिक्त फोर्स
उझानी। गंगाघाट पर कोतवाली पुलिस की ओर से सुबह में जो व्यवस्थाएं की थीं, वह एक-डेढ़ घंटें में ही जवाब दे गईं। कोतवाल गोपीचंद्र यादव ने सीओ से बात कर अतिरिक्त फोर्स की डिमांड की जो पूर्वाह्न में पहुंच गया लेकिन उस वक्त तक जाम विकराल रूप ले चुका था। यहां तक एसडीएम सदर की कार भी कछला चौराहे पर फंस गई।
धक्का मुक्की में पुलिया के नीचे गिरीं महिलाएं
उझानी। बरेली-मथुरा हाइवे पर जाम के दौरान पैदल श्रद्घालु जिस ओर गैप नजर आया, उसी तरफ दौड़ पड़े। चौराहे और पुलिस चौकी के बीच पुलिया पर भीड़ में धक्का मुक्की शुरू हो गई। हर कोई आगे निकलने की जल्दी में दूसरे को धकियाता गया। इस दौरान तीन-चार महिलाएं पुलिया के नीचे गिर गईं। इनमें रामश्री नामक महिला घायल भी हो गई।
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जाम की शुरूआत सुबह में करीब आठ बजे कछला पुलिस चौकी के सामने से हुई। घाट मोड़ और कॉलेज के सामने बने अस्थाई पार्किंग स्थल के आसपास प्राइवेट वाहनों के जमघट की वजह से जाम बढ़ता ही चला गया। पुल के दोनों ओर करीब चार किलोमीटर तक जाम में फंसे वाहनों के सिवाय कुछ और नजर नहीं आया। सबसे ज्यादा दिक्कत डग्गामार वाहनों की वजह से हुई। इस दौरान पुलिस की परेशानी उस वत ज्यादा बढ़ गई जब घाट के आसपास हाइवे पर वाहनों की लाइनों की संख्या दो बढ़कर चार हुई। श्रद्धालुओं में बेतरतीब ढंग से बाइक निकालने की होड़ मची रही।
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कासगंज और बदायूं जिले की सीमा में पांच किलोमीटर तक वाहनों के पहिए थम गए। हालांकि पुलिस ने हालात पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन जाम को देख पुलिस कर्मियों के भी हाथ-पैर फूल गए। पुलिस ने डग्गामार वाहनों को कछला चौराहे से कसबे में होकर निकाला। सहसवान की ओर से हुसैनपुर खेड़ा होकर आने वाले वाहन सवार श्रद्घालुओं को भी तीन किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ा। बरेली, कासगंज, आगरा, अलीगढ़ और मथुरा की ओर आने-जाने वाले यात्री भी रोडवेज बसों में जाम खुलने का इंतजार करते रहे। दोपहर में करीब एक बजे भीड़भाड़ कम हुई तो वाहनों का आवागमन शुरू हो पाया।
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कछला में बुलाना पड़ा अतिरिक्त फोर्स
उझानी। गंगाघाट पर कोतवाली पुलिस की ओर से सुबह में जो व्यवस्थाएं की थीं, वह एक-डेढ़ घंटें में ही जवाब दे गईं। कोतवाल गोपीचंद्र यादव ने सीओ से बात कर अतिरिक्त फोर्स की डिमांड की जो पूर्वाह्न में पहुंच गया लेकिन उस वक्त तक जाम विकराल रूप ले चुका था। यहां तक एसडीएम सदर की कार भी कछला चौराहे पर फंस गई।
धक्का मुक्की में पुलिया के नीचे गिरीं महिलाएं
उझानी। बरेली-मथुरा हाइवे पर जाम के दौरान पैदल श्रद्घालु जिस ओर गैप नजर आया, उसी तरफ दौड़ पड़े। चौराहे और पुलिस चौकी के बीच पुलिया पर भीड़ में धक्का मुक्की शुरू हो गई। हर कोई आगे निकलने की जल्दी में दूसरे को धकियाता गया। इस दौरान तीन-चार महिलाएं पुलिया के नीचे गिर गईं। इनमें रामश्री नामक महिला घायल भी हो गई।