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बच्चे हो रहे डायरिया और वायरल का शिकार, ओपीडी में भीड़
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जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में लगी भीड़। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। बदलते मौसम में बच्चे तेजी से बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। खासकर डायरिया, उल्टी-दस्त, वायरल और सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों बच्चों को घेर रहीं हैं। इन दिनों जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में बाल रोग विशेषज्ञों के कक्षों के बाहर लंबी लाइन लग रही हैं। शुक्रवार को बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वार्ष्णेय और डॉ. कुमार वासु के कक्षों के बाहर नौनिहालों को लेकर आईं माताओं की कतारें लगी रहीं।
जिला महिला अस्पताल में दो और जिला अस्पताल में एक बाल रोग विशेषज्ञ है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुकुमार अग्रवाल अक्सर नदारद रहते हैं। उनका एक माह का वेतन भी डीएम के आदेश पर रोका गया है। ऐसे में माताएं अपने बच्चों को लेकर महिला अस्पताल की ओपीडी पहुंच रही हैं। डॉ. संदीप वार्ष्णेय ने बताया कि ओपीडी में आने वाले रोगियों में ज्यादा संख्या बच्चों की है। दोपहर करीब एक बजे तक वह 140 से ज्यादा बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर चुके थे। डॉ. कुमार वासु के मुताबिक इन दिनों बच्चे डायरिया, सर्दी-खांसी और वायरल का तेजी से शिकार हो रहे हैं। ओपीडी में आने वाले कुल रोगियों में करीब 80 फीसदी बच्चे पहुंच रहे हैं।
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ओपीडी में की गई महिला होमगार्ड की तैनाती
जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों काफी भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में यहां अव्यवस्थाएं पैदा हो जाती हैं। रोगियों के साथ उनके कई तीमारदार भी पहुंचते हैं। ओपीडी में भीड़ के कारण अव्यवस्था उत्पन्न न हों इसको लेकर यहां दो महिला होमगार्ड की तैनाती कर दी गई है। तीन अन्य होमगार्ड जवान मुख्य गेट पर भी लगाए गए हैं। शुक्रवार को भीड़ को महिला होमगार्डों ने व्यवस्थित करने का काम किया।
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इन दिनों संचारी रोगों का सीजन है। बच्चे ज्यादा बीमार हो रहे हैं ऐसे में अस्पतालों की ओपीडी में रोगियों की संख्या बढ़ गई है। महिला अस्पताल की सीएमएस से बात करके उनको कहा गया है कि डॉक्टर लापरवाही न करें और समय से ओपीडी में बैठें।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
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जिला महिला अस्पताल में दो और जिला अस्पताल में एक बाल रोग विशेषज्ञ है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुकुमार अग्रवाल अक्सर नदारद रहते हैं। उनका एक माह का वेतन भी डीएम के आदेश पर रोका गया है। ऐसे में माताएं अपने बच्चों को लेकर महिला अस्पताल की ओपीडी पहुंच रही हैं। डॉ. संदीप वार्ष्णेय ने बताया कि ओपीडी में आने वाले रोगियों में ज्यादा संख्या बच्चों की है। दोपहर करीब एक बजे तक वह 140 से ज्यादा बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर चुके थे। डॉ. कुमार वासु के मुताबिक इन दिनों बच्चे डायरिया, सर्दी-खांसी और वायरल का तेजी से शिकार हो रहे हैं। ओपीडी में आने वाले कुल रोगियों में करीब 80 फीसदी बच्चे पहुंच रहे हैं।
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ओपीडी में की गई महिला होमगार्ड की तैनाती
जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों काफी भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में यहां अव्यवस्थाएं पैदा हो जाती हैं। रोगियों के साथ उनके कई तीमारदार भी पहुंचते हैं। ओपीडी में भीड़ के कारण अव्यवस्था उत्पन्न न हों इसको लेकर यहां दो महिला होमगार्ड की तैनाती कर दी गई है। तीन अन्य होमगार्ड जवान मुख्य गेट पर भी लगाए गए हैं। शुक्रवार को भीड़ को महिला होमगार्डों ने व्यवस्थित करने का काम किया।
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इन दिनों संचारी रोगों का सीजन है। बच्चे ज्यादा बीमार हो रहे हैं ऐसे में अस्पतालों की ओपीडी में रोगियों की संख्या बढ़ गई है। महिला अस्पताल की सीएमएस से बात करके उनको कहा गया है कि डॉक्टर लापरवाही न करें और समय से ओपीडी में बैठें।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ