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नगर पंचायत गुलड़िया और उझानी का बसोमा गांव ब्लैक स्पॉट घोषित
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बदायूं। मच्छरजनित बीमारियों मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू के लिहाज से हाईरिस्क बदायूं में अब नगर पंचायत गुलड़िया और उझानी ब्लॉक के गांव बसोमा को शासन ने ब्लैक स्पॉट घोषित किया है। दोनों स्थानों पर विशेष निगरानी के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने यहां काम शुरू कर दिया है। दरअसल, दोनों स्थानों पर पिछले वर्ष मच्छरजनित रोगों को भयंकर प्रकोप रहा था।
मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से बदायूं 2019 से ही हाईरिस्क श्रेणी में शामिल है। 2019 में यहां मलेरिया के करीब 21 हजार रोगी मिले थे। 2020 में भी 15 हजार से ज्यादा लोग मच्छरजनित बीमारियों की चपेट में आए। हालांकि, 2021 में हालात में कुछ सुधार हुआ, लेकिन इस वर्ष डेंगू के मामलों ने रिकार्ड तोड़ दिया। 2021 में जिले में डेंगू के 472 रोगी मिले। इस वर्ष शासन ने जिले में एक नगर और एक ऐसा गांव चिह्नित करने के निर्देश दिए थे जहां पिछले वर्ष मलेरिया और डेंगू का सबसे ज्यादा प्रकोप रहा हो।
आबादी और रोगियों की संख्या के लिहाज से मलेरिया विभाग ने नगर पंचायत गुलड़िया और उझानी ब्लॉक के गांव बसोमा को चिह्नित किया। दोनों के संबंध में सूचनाएं शासन को भेजी गईं। इसके बाद शासन ने इन दोनों गांवों को ब्लैक स्पॉट घोषित कर यहां विशेष निगरानी के आदेश दिया हैं। अब इन दोनों ही स्थानों पर मलेरिया विभाग की टीमें जुट गई हैं। यहां लगातार दवाओं के छिड़काव के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
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एक दिन पहले दोनों जगहों पर मिले थे एडीज प्रजाति के मच्छर
मलेरिया विभाग की टीमों ने सोमवार को अभियान चलाकर नगर पंचायत गुलड़िया में 29 और उझानी ब्लॉक के गांव बसोमा में 16 मच्छरों को पकड़ा था। मच्छरों की जांच कराने पर ये मच्छर एडीज प्रजाति के निकले। यह सामान्य मलेरिया के वाहक होते हैं। दोनों की स्थानों पर डेंगू का कोई मच्छर नहीं मिला। ऐसे में दोनों गांवों में लार्वा नष्ट करने के साथ लोगों को नोटिस भी दिया गया।
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मच्छर जनित बीमारियों के लिहाज से नगर पंचायत गुलड़िया और उझानी ब्लॉक के गांव बसोमा को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है। दोनों ही स्थानों पर पिछले साथ बड़ी संख्या में मलेरिया और डेंगू के रोगी मिले थे। यहां विशेष अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने के साथ दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। मच्छरों को पकड़कर उनकी जांच भी कराई जा रही है।
- योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी
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मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से बदायूं 2019 से ही हाईरिस्क श्रेणी में शामिल है। 2019 में यहां मलेरिया के करीब 21 हजार रोगी मिले थे। 2020 में भी 15 हजार से ज्यादा लोग मच्छरजनित बीमारियों की चपेट में आए। हालांकि, 2021 में हालात में कुछ सुधार हुआ, लेकिन इस वर्ष डेंगू के मामलों ने रिकार्ड तोड़ दिया। 2021 में जिले में डेंगू के 472 रोगी मिले। इस वर्ष शासन ने जिले में एक नगर और एक ऐसा गांव चिह्नित करने के निर्देश दिए थे जहां पिछले वर्ष मलेरिया और डेंगू का सबसे ज्यादा प्रकोप रहा हो।
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आबादी और रोगियों की संख्या के लिहाज से मलेरिया विभाग ने नगर पंचायत गुलड़िया और उझानी ब्लॉक के गांव बसोमा को चिह्नित किया। दोनों के संबंध में सूचनाएं शासन को भेजी गईं। इसके बाद शासन ने इन दोनों गांवों को ब्लैक स्पॉट घोषित कर यहां विशेष निगरानी के आदेश दिया हैं। अब इन दोनों ही स्थानों पर मलेरिया विभाग की टीमें जुट गई हैं। यहां लगातार दवाओं के छिड़काव के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
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एक दिन पहले दोनों जगहों पर मिले थे एडीज प्रजाति के मच्छर
मलेरिया विभाग की टीमों ने सोमवार को अभियान चलाकर नगर पंचायत गुलड़िया में 29 और उझानी ब्लॉक के गांव बसोमा में 16 मच्छरों को पकड़ा था। मच्छरों की जांच कराने पर ये मच्छर एडीज प्रजाति के निकले। यह सामान्य मलेरिया के वाहक होते हैं। दोनों की स्थानों पर डेंगू का कोई मच्छर नहीं मिला। ऐसे में दोनों गांवों में लार्वा नष्ट करने के साथ लोगों को नोटिस भी दिया गया।
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मच्छर जनित बीमारियों के लिहाज से नगर पंचायत गुलड़िया और उझानी ब्लॉक के गांव बसोमा को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है। दोनों ही स्थानों पर पिछले साथ बड़ी संख्या में मलेरिया और डेंगू के रोगी मिले थे। यहां विशेष अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने के साथ दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। मच्छरों को पकड़कर उनकी जांच भी कराई जा रही है।
- योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी