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कागजों में मरीज ढो रहीं सरकारी एंबुलेंस, जांच के निर्देश

Wed, 25 May 2022 06:14 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 25 May 2022 06:14 PM IST
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Health
जिला महिला अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। एंबुलेंस 108 और 102 से जुड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया हैं। सेवा प्रदाता कंपनी लक्ष्य पूरा करने के लिए फर्जी घायलों और मरीजों के नाम पर पीसीआर भर कर उनको जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाने का काम कर रही हैं। इसके एवज में सरकार से भुगतान भी लिया जा रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने इस संबंध में जांच के आदेश दिए हैं। अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाओं के निर्देशन में टीम फरवरी, मार्च और अप्रैल 2022 में एंबुलेंसों से अस्पतालों को पहुंचाए गए मरीजों की पड़ताल करेगी।
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एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी को सरकार की ओर से मोटा भुगतान किया जाता है। इस भुगतान का आधार एंबुलेंस के जरिये अस्पताल पहुंचाए गए मरीजों की संख्या होती है। जिले में 41 एंबुलेंस 102 और 36 एंबुलेंस 108 के अलावा दो एंबुलेंस एएलएस हैं। आरोप है कि एंबुलेंस 102 और 108 पिछले काफी समय से मरीजों, घायलों और प्रसूताओं के नाम से फर्जी पीसीआर भर कर सरकार से भुगतान प्राप्त कर रही हैं। ऐसे में महानिदेशक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं वेदव्रत सिंह ने एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी से प्राप्त तीन माह के आंकड़ों का मरीजों, घायलों और प्रसूताओं के पीसीआर में दर्ज आधार कार्ड नंबर के साथ मोबाइल नंबर का मिलान कराने के आदेश दिए हैं। महानिदेशक वेदव्रत सिंह ने सीएमओ को पत्र भेजकर एंबुलेंस की बेहतर सेवा उपलब्ध न मिलने पर भी नाराजगी जताई है।
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महानिदेशक ने उप निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं बरेली मंडल, डिवीजन प्रोग्राम मैनेजर, सीएमओ, डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर को निर्देशित किया है कि फरवरी, मार्च और अप्रैल में एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाए गए रोगियों के आंकड़ों का सात दिन में मिलान कराया जाए।
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निजी एंबुलेंस से भी रहती है साठगांठ
एंबुलेंस 102 और 108 सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारियों की निजी एंबुलेंस चालकों से साठगांठ रहती है। निजी अस्पताल हो या फिर राजकीय मेडिकल कॉलेज इनके बाहर निजी एंबुलेंस खड़ी रहती हैं। कॉल करने पर सरकारी एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचती और मजबूरन मरीज या घायल को निजी एंबुलेंस का इस्तेमाल पड़ता होता है। शासन स्तर तक यह भी शिकायत पहुंची है कि निजी एंबुलेंस से आने वाले मरीजों का पीसीआर भी सेवा प्रदाता कंपनी दर्ज कर लेती है और इसके एवज में सरकार से भुगतान ले लेती है।
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महानिदेशक स्तर से एंबुलेंस 108 और 102 के संबंध में जांच के आदेश मिले हैं। फरवरी, मार्च और अप्रैल में एंबुलेंस ने कितने मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने का काम किया इसका पीसीआर से मिलान किया जाएगा। एडी हेल्थ के निर्देशन में जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्थानीय स्तर पर कुछ कहा जा सकता है।

-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
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एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी की शासन स्तर पर शिकायतें पहुंची हैं। आरोप है कि मरीजों का फर्जी आंकड़ा दिखा कर भुगतान लिया जा रहा है। इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं ने जांच के आदेश दिया है। एडी हेल्थ, सीएमओ और डिवीजन प्रोग्राम मैनेजर भी जांच टीम में रहेंगे।
-कमलेश शर्मा, डीपीएम
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