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जीका के लिए अलर्ट जारी, बदायूं में भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने की तैयारियां
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राजकीय मेडिकल कॉलेज। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। जिले में डेंगू का प्रकोप है। इस बीच कानपुर व अन्य जिलों में मिल रहे जीका वायरस के केस के बाद जारी हुए अलर्ट के साथ ही बदायूं में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। मेडिकल कॉलेज में भी संभावित समस्या को लेकर तैयारी की जा रहीं हैं। हालांकि यहां केवल सैंपल लेकर बाहर भेजा जाएगा।
प्रदेश में जीका वायरस के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी ओर से प्राथमिक तैयारी शुरू कर दी है। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहले से भी ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है ताकि जीका वायरस का कोई संदिग्ध मरीज मिलता है तो समय रहते उसका उपचार किया जा सके। कॉलेज प्राचार्य ने बताया कि संदिध मरीज मिलनेे पर उसका सैंपल लखनऊ या कानपुर लैब को जांच के लिए भेजा जाएगा, क्योंकि कॉलेज की लैब में इस वायरस की जांच संभव नहीं है। हालांकि संदिग्ध मरीज के लिए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था यहां पर की गई है।
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डेंगू मरीजों की संख्या हुई कम
राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती डेंगू के मरीजों की संख्या 70 तक पहुंच गई थी। जो घटकर अब 24 रह गए हैं। प्राचार्य ने बताया कि डेंगू के मरीज लगातार घट रहे हैं।
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जीका वायरस के लक्षण
-संक्रमित होने वाले मरीज के शरीर पर हल्के लाल निशान, बुखार, आंखों से पानी निकलने के साथ लाल हो जाना। बुखार का 5 से 7 दिन तक रहना।
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मच्छर से ही फैलता है जीका वायरस
-जीका वायरस एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह वही मच्छर है जिसके काटने से चिकनगुनिया और डेंगू फैलता है। गर्भ ठहरने के दो तीन महीने में यदि कोई महिला इससे संक्रमित होती है तो उसके गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क का विकास प्रभावित होता है। यह शरीर के तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है।
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प्रदेश में जीका वायरस के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी ओर से प्राथमिक तैयारी शुरू कर दी है। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहले से भी ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है ताकि जीका वायरस का कोई संदिग्ध मरीज मिलता है तो समय रहते उसका उपचार किया जा सके। कॉलेज प्राचार्य ने बताया कि संदिध मरीज मिलनेे पर उसका सैंपल लखनऊ या कानपुर लैब को जांच के लिए भेजा जाएगा, क्योंकि कॉलेज की लैब में इस वायरस की जांच संभव नहीं है। हालांकि संदिग्ध मरीज के लिए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था यहां पर की गई है।
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डेंगू मरीजों की संख्या हुई कम
राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती डेंगू के मरीजों की संख्या 70 तक पहुंच गई थी। जो घटकर अब 24 रह गए हैं। प्राचार्य ने बताया कि डेंगू के मरीज लगातार घट रहे हैं।
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जीका वायरस के लक्षण
-संक्रमित होने वाले मरीज के शरीर पर हल्के लाल निशान, बुखार, आंखों से पानी निकलने के साथ लाल हो जाना। बुखार का 5 से 7 दिन तक रहना।
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मच्छर से ही फैलता है जीका वायरस
-जीका वायरस एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह वही मच्छर है जिसके काटने से चिकनगुनिया और डेंगू फैलता है। गर्भ ठहरने के दो तीन महीने में यदि कोई महिला इससे संक्रमित होती है तो उसके गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क का विकास प्रभावित होता है। यह शरीर के तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है।