{"_id":"61439d4d8ebc3e227e3e5051","slug":"health-badaun-news-bly4598542136","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात ब्लॉकों के 12 गांवों में कैंप, मलेरिया के 21 रोगी मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात ब्लॉकों के 12 गांवों में कैंप, मलेरिया के 21 रोगी मिले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को सात ब्लॉकों के 12 गांवों में स्वास्थ्य कैंप लगाए गए। बुखार पीड़ितों की जांच करने पर मलेरिया के 21 रोगी मिले हैं। इनमें 10 को फैल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि की गई है।
बृहस्पतिवार को सालारपुर, बिसौली, उझानी, जगत, कादरचौक, दातागंज और उसावां में वायरल फीवर प्रभावित 12 गांवों बुखार पीड़ितों की जांच की गई। इस दौरान सभी गांवों में मलेरिया के रोगी मिले। उसावां के सिसौरा में फैल्सीपेरम मलेरिया का रोगी मिला है। इन गांवों में स्प्रे के साथ मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव शुरू करा दिया गया है। स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग अब बदलते मौसम को लेकर भी चिंतित है। दरअसल, सितंबर मध्य से डेंगू का खतरा भी बढ़ जाता है। हालांकि, अब तक डेंगू का कोई रोगी सामने नहीं आया है। इस बीच इन दिनों हो रही बूंदाबांदी और बारिश के कारण मच्छरों के साथ जलजनित बीमारियों से भी स्वास्थ्य विभाग को निपटना होगा।
मलेरिया रोगियों के घनत्व के हिसाब से स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। सालारपुर के शेरगंज में लगातार फैल्सीपेरम मलेरिया के रोगियों के मिलने से चिंता पैदा हुई थी, लेकिन अब यहां भी हालात सामान्य हो रहे हैं। -डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को सालारपुर, बिसौली, उझानी, जगत, कादरचौक, दातागंज और उसावां में वायरल फीवर प्रभावित 12 गांवों बुखार पीड़ितों की जांच की गई। इस दौरान सभी गांवों में मलेरिया के रोगी मिले। उसावां के सिसौरा में फैल्सीपेरम मलेरिया का रोगी मिला है। इन गांवों में स्प्रे के साथ मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव शुरू करा दिया गया है। स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग अब बदलते मौसम को लेकर भी चिंतित है। दरअसल, सितंबर मध्य से डेंगू का खतरा भी बढ़ जाता है। हालांकि, अब तक डेंगू का कोई रोगी सामने नहीं आया है। इस बीच इन दिनों हो रही बूंदाबांदी और बारिश के कारण मच्छरों के साथ जलजनित बीमारियों से भी स्वास्थ्य विभाग को निपटना होगा।
विज्ञापन
मलेरिया रोगियों के घनत्व के हिसाब से स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। सालारपुर के शेरगंज में लगातार फैल्सीपेरम मलेरिया के रोगियों के मिलने से चिंता पैदा हुई थी, लेकिन अब यहां भी हालात सामान्य हो रहे हैं। -डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ
विज्ञापन