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Budaun News: आधा सत्र गुजर गया, अब भी छात्र-छात्राओं को किताबों का इंतजार

Sat, 26 Oct 2024 01:43 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 26 Oct 2024 01:43 AM IST
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Half the session has passed, students are still waiting for books
बिल्सी के बांस बरोलिया का उच्च प्राथमिक स्कूल। संवाद
बदायूं। बेहतर शिक्षा देने का दावा करने वाला बेसिक शिक्षा विभाग कागजों में नौनिहालों की पढ़ाई करा रहा है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि कई विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को अब तक किताबें नहीं मिली हैं, जबकि आधा सत्र गुजरने के करीब पहुंच गया है। कुछ विद्यालयों में तो पानी तक की व्यवस्था नहीं है। यह सभी अव्यवस्था शुक्रवार को परिषदीय विद्यालयों में देखने को मिली।
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जर्जर हो गया भवन, खुले में पढ़ रहे नौनिहाल
दबतोरी। प्राथमिक विद्यालय दबतोरी के प्रधानाध्यापक आनंद प्रकाश गंगवार ने बताया गया कि विद्यालय में एक सरकारी हैंडपंप व एक सबमर्सिबल है। सबमर्सिबल काफी दिन से खराब है। ग्राम प्रधान को सबमर्सिबल खराब होने के बारे में अवगत कराया जा चुका है, जो अबतक सही नहीं हुआ। विद्यालय में 205 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, एक सरकारी हैंडपंप से ही पानी पीते हैं।
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वहीं प्राथमिक विद्यालय दबतोरा की शिक्षिका मोनिका त्यागी ने बताया कि विद्यालय में 110 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। 110 छात्र-छात्राओं पर केवल मैं ही शिक्षिका हूं। मुझे अकेले ही शिक्षण कार्य से संबंधित विद्यालय की सारी व्यवस्थाएं संभालनी पड़ती हैं। वहीं लक्ष्मीपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रथम के प्रभारी प्रधानाध्यापक गजेंद्र सिंह ने बताया कि विद्यालय में 104 छात्र छात्राएं हैं। दो अध्यापकों की तैनाती है। विद्यालय भवन जर्जर हालत में है। केवल एक कमरा ही बच्चों के बैठने के लिए है। बरसात व सर्दी के दिनों में बच्चों के बैठाने की व्यवस्था में बड़ी समस्या होती है। वही कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर द्वितीय के प्रभारी प्रधानाध्यापक रामवीर सिंह ने बताया कि विद्यालय में कुल 47 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। यहां पर एकल शिक्षक के रूप में मैं ही तैनात हूं। शिक्षण कार्य से संबंधित सारी व्यवस्था मुझे अकेले ही देखनी पड़ती है ।
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दरी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे नौनिहाल
उसावां। कंपोजिट विद्यालय के छात्र-छात्राएं दरी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। स्मार्ट क्लास के बच्चे भी दरी पर ही बैठ रहे हैं। हैंडपंप दो साल से खराब है। सबमर्सिबल से टैंक भर जाता है। टैंक के पानी से ही बच्चे अपनी प्यास बुझाते हैं। कस्बे के वार्ड दस के कंपोजिट विद्यालय में 391 बच्चे पंजीकृत हैं। मौके पर 239 बच्चे पढ़ाई करते मिले। प्रधानाध्यापक महेंद्र पाल ने बताया कि 2006 में कक्षा छह, सात व आठ के लिए बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर मिला था। कई बार में फर्नीचर की मरम्मत कराई। अब कक्षा आठ के बच्चे बैठकर पढ़ाई करते हैं। कक्षा एक से लेकर सात के बच्चे दरी पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। दो साल से विद्यालय में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप नल का बोरिंग फेल है। विद्यालय में सबमर्सिबल लगा है। बिजली खराब हो जाने पर पीने के पानी की समस्या हो जाती है। बच्चों की उपस्थिति कम होने पर बताया कि अभी दिवाली का त्योहार है। संवाद





छात्र-छात्राओं को विद्यालय में नहीं मिल पीने तक का पानी
म्याऊं। उच्च प्राथमिक विद्यालय अभिगांव विकास क्षेत्र म्याऊं में केवल दो अध्यापक हैं। इस विद्यालय में 120 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, लेकिन शुक्रवार को 43 बच्चे ही विद्यालय आए हुए थे। शिक्षक ने बताया कि धान की कटाई के कारण बच्चों की उपस्थिति कम है। विद्यालय में पानी तक की व्यवस्था नहीं है। अगर छात्र-छात्राओं को प्यास लगती है तो वह घर जाकर पानी पीते हैं। ऐसे में खुद सोच सकते हैं कि वहां पर कैसी पढ़ाई होगी। विद्यालय में चाहर दीवारी नहीं होने के चलते आवारा पशुओं का जमघट लगा रहता है। संवाद




छात्र-छात्राओं को अबतक नहीं मिलीं किताबें
अलापुर। अलापुर के कंपोजिट विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अबतक पढ़ाई के लिए किताबें तक नहीं मिल सकी हैं। वह बिना किताबों के विद्यालय आ रहे हैं, जबकि आधा सत्र गुजर चुका है। ऐसे में छात्र-छात्राएं बिना किताबों के कैसे पढ़ाई करेंगे यह सोचने वाली बात है। इतना ही नहीं अबतक कई छात्र-छात्राओं को यूनिफार्म और जूतों के लिए मिलने वाली धनराशि भी नहीं मिली है। संवाद


जिले के सभी विद्यालयों में पुस्तकों का वितरण काफी पहले कर दिया गया है, अगर किसी कारणवश किसी विद्यालय में पुस्तक नहीं पहुंची है तो इसके बारे में संबंधित विद्यालय के शिक्षक को अवगत कराना चाहिए था, फिर भी इसको दिखाते हैं कि विद्यालय में पुस्तक पहुंची हैं या नहीं। अगर नहीं पहुंची हैं तो क्या वजह रही। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -वीरेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी





अंबियापुर के तीन स्कूल एक-एक शिक्षक के सहारे



बिल्सी। विकास खंड अंबियापुर क्षेत्र के उच्च प्राथमिक स्कूलों की दयनीय दशा किसी से छिपी नहीं है। यहां के गांव बांस बरोलिया, पिंडौल और बमेढ़ में स्थित उच्च प्राथमिक स्कूल पिछले कई वर्षों से एक-एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं।




बांस बरोलिया स्कूल में वर्तमान में 127 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां एक शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही तैनात है। इसके अलावा पिंडौल में 104 और बमेढ़ में 71 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां भी केवल एक-एक शिक्षक हैं। इन विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती क्यों नहीं की गई, इस बारे में जिम्मेदार कुछ बोलने को तैयार नहीं। शिक्षकों की कमियाें का रोना रो दिया जाता है, जबकि शहर की सीमा से सटे स्कूलों में शिक्षकों की भरमार हैं।

बिल्सी के बांस बरोलिया का उच्च प्राथमिक स्कूल। संवाद

बिल्सी के बांस बरोलिया का उच्च प्राथमिक स्कूल। संवाद

बिल्सी के बांस बरोलिया का उच्च प्राथमिक स्कूल। संवाद

बिल्सी के बांस बरोलिया का उच्च प्राथमिक स्कूल। संवाद

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