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Budaun News: बाल विकास योजना में घुसे हैकर, हजारों की रकम उड़ाई
सार
बदायूं के बिसौली क्षेत्र में हैकरों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के बहाने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों से हजारों रुपये ठग लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद विभाग अलर्ट हो गया है।
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विस्तार
बदायूं। बिसौली में बाल विकास विभाग की योजनाओं की जानकारी देने के बहाने हैकरों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और लाभार्थियों को जाल में फंसाकर हजारों की रकम उड़ाने का काम किया है। शिकायत पर सीडीपीओ अल्पना जौहरी ने मामले की जानकारी डीपीओ और कोतवाली पुलिस को दी है।
ठगों ने खुद को लखनऊ कार्यालय का कर्मचारी बताकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कॉन्फ्रेंस कॉल पर जोड़ा। गांव नवाबपुर पासतौर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शेषा देवी और परसेंरा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उर्मिला देवी से संपर्क किया। विभागीय योजनाओं, गर्भवती महिलाओं व धात्री माताओं से जुड़ी सूचनाएं पूछते हुए लाभार्थियों को भी कॉल पर शामिल कर लिया।
लाभार्थी सुनीता पत्नी सुनील और गीता पत्नी कुलदीप से योजनाओं की जानकारी लेने के नाम पर मोबाइल पर एक लिंक भेजा गया। जैसे ही लिंक खोला गया, लाभार्थी सुनीता पत्नी सुनील और गीता पत्नी कुलदीप के बैंक खातों से करीब पांच हजार रुपये की धनराशि गायब हो गई।
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पीड़ित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि हैंकर बेहद चतुराई से विभागीय योजनाओं की सही जानकारी साझा कर भरोसा जीत रहे हैं। फिर लिंक के जरिए खातों से रकम निकाल रहे हैं।
सीडीपीओ ने बताया कि मामला गंभीर है, जिसकी सूचना उच्चाधिकारियों और पुलिस को दे दी गई है। पुलिस अब साइबर ठगों की तलाश में जुट गई है। इस घटना ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों में दहशत है। विभागीय अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं। सीडीपीओ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों को किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक से बचने की हिदायत दी है।
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ठगों ने खुद को लखनऊ कार्यालय का कर्मचारी बताकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कॉन्फ्रेंस कॉल पर जोड़ा। गांव नवाबपुर पासतौर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शेषा देवी और परसेंरा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उर्मिला देवी से संपर्क किया। विभागीय योजनाओं, गर्भवती महिलाओं व धात्री माताओं से जुड़ी सूचनाएं पूछते हुए लाभार्थियों को भी कॉल पर शामिल कर लिया।
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लाभार्थी सुनीता पत्नी सुनील और गीता पत्नी कुलदीप से योजनाओं की जानकारी लेने के नाम पर मोबाइल पर एक लिंक भेजा गया। जैसे ही लिंक खोला गया, लाभार्थी सुनीता पत्नी सुनील और गीता पत्नी कुलदीप के बैंक खातों से करीब पांच हजार रुपये की धनराशि गायब हो गई।
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पीड़ित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि हैंकर बेहद चतुराई से विभागीय योजनाओं की सही जानकारी साझा कर भरोसा जीत रहे हैं। फिर लिंक के जरिए खातों से रकम निकाल रहे हैं।
सीडीपीओ ने बताया कि मामला गंभीर है, जिसकी सूचना उच्चाधिकारियों और पुलिस को दे दी गई है। पुलिस अब साइबर ठगों की तलाश में जुट गई है। इस घटना ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों में दहशत है। विभागीय अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं। सीडीपीओ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों को किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक से बचने की हिदायत दी है।