फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   guladiya mandi become the center for the illegal selling

अवैध गन्ना बिक्री का बड़ा केंद्र बनी गुलड़िया मंडी

Tue, 19 Jan 2016 08:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं Updated Tue, 19 Jan 2016 08:50 PM IST
विज्ञापन
इस खरीद पर रोक नहीं लगा पा रही हैं टीमें
विज्ञापन

 
शासन द्वारा गन्ना मूल्य तय होने में देरी की वजह से गन्ना किसानों ने पहले से ही गन्ने की बिक्री शुरू कर दी थी। वहीं मिलों द्वारा गन्ने का बकाया देरी से मिलने की वजह से किसानों ने नगद दाम सीधे करते हुए खुली मंडियों में उपज बेचना शुरू कर दिया। 150 रुपये क्विंटल से शुरू हुई गन्ने की अवैध बिक्री अब 260 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। इससे किसानों को चीनी मिलों में गन्ना बेचने से ज्यादा फायदा नगद गन्ना बेचने में दिखाई पड़ रहा है। इससे किसान अवैध मंडियों में गन्ना बेचकर रुपये सीधे कर रहा है।
गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों के गन्ना कम बेचने की वजह से चीनी मिलें नो-केन के चलते बंद होने की कगार पर पहुंच गई। इससे निजी चीनी मिलों ने किसी तरह से गन्ना खरीद करके मिलों का संचालन जारी रखा, लेकिन शेखूपुर स्थित सहकारी चीनी मिल को 12 क्रय केंद्र मिलने के बावजूद तीन बार बंद हो गई, जबकि मिल की पेराई क्षमता केवल 12500 क्विंटल प्रतिदिन है। अवैध मंडी में गन्ने के भाव बढने की वजह से आगे भी सहकारी चीनी मिल में नो-केन होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन

यहां गौर करने वाली बात यह है कि बीते पेराई सत्र में करीब 55 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई थी, लेकिन जनवरी का तीसरा सप्ताह शुरू होने के बावजूद इस वर्ष जिले की चीनी मिलों में करीब 23 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो सकी। अवैध गन्ना खरीद के चलते पिछला आंकड़ा छूने में भी मुश्किल हो सकती है। हालांकि विभागीय अधिकारी इस वर्ष भी 55 लाख क्विंटल से अधिक गन्ने की पेराई जिले की चीनी मिलों में करने की उम्मीद जताते हुए प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस संबंध में जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी का कहना है कि अवैध गन्ना खरीद पर रोक लगाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और वह लगे हुए हैं। पहले भी अवैध खरीद रोकने के लिए छापेमारी की गई और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।
मंडी के तय मूल्य से अधिक पर नहीं होती खरीद
बदायूं। अवैध गन्ना खरीद के लिए बदनाम मंडी में भी नियम कायदे काम करते हैं। इस मंडी का भाव रोजाना वहां के अवैध खरीदार तय करते हैं। मंडी मूल्य तय हो जाने के बाद कोई भी खरीदार उस मूल्य से अधिक पर गन्ने की खरीद नहीं कर सकता है। हां, किसानों को पटाकर या उनके गन्ने में कमियां बताकर मूल्य कम जरूर किया जा सकता है।
सत्ता के करीबी के इशारे पर चल रही गन्ना मंडी
बदायूं। समाजवादी पार्टी के एक करीबी के इशारे पर गल्ला मंडी का संचालन किया जाता है। क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक इसी वजह से इस पर रोक नहीं पा रही है। बीते दिनोंइ एसडीएम और जिला गन्ना अधिकारी के नेतृत्व में टीमों ने छापामारी की थी। तब ट्रैक्टर चालकों और पुलिस के बीच तनातनी भी हो गई थी। बावजूद इसके मंडी में गन्ने की अवैध खरीद जमकर की जा रही है।

डीएम ने बनाई थीं यह पांच टीमें
बदायूं। डीएम नछ सदर तहसील क्षेत्र में एसडीएम समेत, गन्ना विकास निरीक्षक एवं बांट माप निरीक्षक, दातागंज क्षेत्र में वहां के एसडीएम के साथ खंडसारी निरीक्षक एवं बांट माप निरीक्षक, बिल्सी में वहां के एसडीएम गन्ना विकास निरीक्षक एवं बांट माप निरीक्षक, बिसौली एसडीएम, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक एवं बांट माप निरीक्षक और सहसवान क्षेत्र में एसडीएम के साथ गन्ना विकास निरीक्षक एवं बांटमाप निरीक्षक को लगाया गया है। डीएम शंभूनाथ ने बताया कि गन्ने की खरीद-फरोख्त के लिए गुलड़िया मंडी बदनाम है। जिले भर में गन्ना की अवैध खरीद और घटतोली पर रोक लगाने के लिए टीम बनाई गई हैं। टीम अन्य कार्यों में व्यस्त रहने की वजह से तेजी से काम नहीं कर पाईं। अब अवैध गन्ना खरीद पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। इसमें दोषी किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। किसान भी अपना गन्ना चीनी मिलों के केंद्रों पर ही दें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed