फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Government procurement centers are proving to be a profitable deal for coarse rice producers.

Budaun News: मोटे धान उत्पादकों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रहे सरकारी क्रय केंद्र

Sun, 02 Nov 2025 10:58 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Nov 2025 10:58 PM IST
विज्ञापन
Government procurement centers are proving to be a profitable deal for coarse rice producers.
उझानी मंडी में क्रय केंद्र पर लगा धान को ढेर। संवाद
उझानी। सरकारी क्रय केंद्र मोटे धान उत्पादकों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रहे हैं। केंद्रों पर खरीद के रफ्तार पकड़ते ही मोटी प्रजाति के धान की बहार आ गई है। अब तक स्थानीय दोनों क्रय केंद्रों पर 15 सौ क्विंटल की खरीद हो चुकी है।
विज्ञापन

कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में विपणन शाखा ने धान खरीद के दो केंद्र लगाए हैं। पिछले महीने से क्रय केंद्र के साथ ही मंडी में भी धान की आवक बढ़ी है। सरकारी क्रय केंद्र पर हालांकि सिर्फ मोटी प्रजाति का ही धान खरीदा जाता है, लेकिन केंद्र पर बाजार के मुकाबले भाव करीब तीन सौ रुपया प्रति क्विंटल ज्यादा है।
विज्ञापन

खुले बाजार में मोटी प्रजाति का धान करीब दो हजार रुपया प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है, जबकि क्रय केंद्र पर मोटी प्रजाति के धान का भाव 2369 रुपये प्रति क्विंटल है। धान की तौल कराने पहुंचे किसान राजपाल ने बताया कि इलाके में मोटी प्रजाति के धान का रकबा काफी कम है। तौल कराने से पहले उन्हें पंजीकरण की प्रक्रिया का सामना करना पड़ा, लेकिन भाव अच्छा मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कि जिले में बासमती, सरवती और पूसा धान की प्रजातियों के प्रति किसानों का रुझान ज्यादा रहता है। ताज प्रजाति का धान का रकबा पड़ोसी जिला कासगंज और एटा में ज्यादा है। बासमती, ताज, सरवती आदि की खरीद आढ़तों पर तेजी से हो रही है। बता दें कि मंडी में आसपास जिलों से भी धान की आवक बनी हुई है।


झंझट ने फेरा बाजरा उत्पादकों के अरमानों पर पानी
बाजरा की खरीद के लिए मंडी समिति परिसर में दो क्रय केंद्र स्थापित हैं। विपणन शाखा के दोनों क्रय केंद्र को 10 हजार क्विंटल खरीद का लक्ष्य मिला है। सरकारी खरीद का भाव प्रति क्विंटल 2775 रुपये है। बाजार भाव करीब पांच सौ रुपये कम होने से किसानों को फायदा है, लेकिन क्रय केंद्र पर दो ही किसान नजर आए। तौल में जुटे पल्लेदारों से भाव पूछकर घर जाते समय केंद्र के बाहर मिले अमीरगंज के संतोष ने बताया कि तीन दिन पहले भी क्रय केंद्र पर पहुंचा था, लेकिन पंजीकरण की कार्रवाई पूरी नहीं होने से वापस लौटना पड़ गया। इसी तरह मक्का खरीद के लिए भी परिसर में एक क्रय केंद्र लगा है।




केंद्र पर धान, बाजरा और मक्का की खरीद किसानों से सीधे की जा रही है। तीनों जिन्स का भाव भी लिखवा दिया गया है। तौल पंजीकरण के बिना नहीं हो सकती। धान सिर्फ मोटी प्रजाति का खरीदा जाता है।- मुकेश कुमार, केंद्र प्रभारी, विपणन शाखा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed