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Budaun News: नहीं पहुंची एंबुलेंस, ई-रिक्शा में चारपाई बांधकर घायल युवक को लिटाकर अस्पताल पहुंचे परिजन

Sun, 10 May 2026 04:04 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: Mukesh Kumar Updated Sun, 10 May 2026 04:04 PM IST
सार

बदायूं के उसहैत क्षेत्र में एक घायल युवक को एंबुलेंस न मिलने पर परिजनों ने ई-रिक्शा से उसे अस्पताल पहुंचाया। महेश नामक युवक छत से गिरकर घायल हो गया था। परिजन का आरोप है कि उन्होंने 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी वाहन नहीं पहुंचा। 

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government ambulance did not arrive the family members brought the injured youth to the hospital by e-rickshaw
ई-रिक्शा से घायल युवक को अस्पताल ले गए परिजन - फोटो : संवाद

विस्तार

बदायूं जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की एक और तस्वीर रविवार को उसहैत क्षेत्र में सामने आई। अक्टुइयां गांव में बीती रात छत से गिरकर घायल हुए युवक को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाने के लिए लिए बार-बार कॉल करने के बावजूद करीब तीन घंटे तक कोई वाहन नहीं पहुंचा। आखिरकार मजबूर परिजन ने ई-रिक्शा में चारपाई बांधी और युवक को उस पर लिटाकर उसहैत के निजी अस्पताल पहुंचे। वहां खर्चा ज्यादा बताए जाने पर वे उसे वापस घर ले गए। 

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उसावां क्षेत्र के गांव सौंधेमई निवासी महेश (35 साल) पानीपत में मजदूरी करते हैं। वह इन दिनों अक्टुइयां गांव में अपनी बहन के घर आए हुए थे। परिजनों के मुताबिक रात को वह छत पर सोए थे। तड़के तीन बजे वह उठकर पानी पीने के लिए जाने लगे। नींद में होने के कारण महेश छत से गिर गए, जिससे वह घायल हो गए। महेश के पैर की हड्डी टूटने का अनुमान लगाते हुए परिजन ने जिला अस्पताल ले जाने के लिए 108 नंबर की एंबुलेंस सेवा पर कॉल की। आरोप है कि सूचना देने के बाद दो-तीन बार और कॉल की, मगर एंबुलेंस नहीं पहुंची। 
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आर्थिक तंगी के कारण मरीज को वापस घर ले गए 
आर्थिक तंगी के चलते परिजन निजी वाहन का भी इंतजाम नहीं कर सके। मजबूरन उन्होंने गांव के ही श्यामलाल का ई-रिक्शा किराये पर बुलाया। चारपाई बांधकर महेश को उस पर लिटाया गया। उसी से वे करीब 12 किमी का सफर तय करके उसहैत पहुंचे। उसहैत के नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (न्यू पीएचसी) में एक्स-रे न होने और सुबह को स्टाफ भी न होने की जानकारी परिजनों को पहले से थी। इसलिए वे महेश को निजी चिकित्सक के यहां ले गए। वहां डॉक्टर ने पैर की हड्डी टूटना बताया। जो खर्चा बताया गया, उसे जानने के बाद परिजन महेश को घर वापस ले गए। तय किया कि बाद में जिला अस्पताल ले जाएंगे। 

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जांच के बाद कार्रवाई का किया दावा
एंबुलेंस सेवा के प्रोग्राम मैनेजर इस्लाम सैफी ने बताया कि उसहैत क्षेत्र में तीन एंबुलेंस संचालित हैं। अगर किसी कारण से तीनों एंबुलेंस व्यस्त होती हैं तो नजदीक में जो भी एंबुलेंस होती है, वह मरीज को सहायता प्रदान करती है। सैफी ने बताया कि महेश के लिए एंबुलेंस क्यों नहीं पहुंच पाई, इसकी जांच कराई जा रही है। दावा कि सामान्य स्थिति में 20 मिनट के भीतर एंबुलेंस उपलब्ध हो जाती है। 

सीएमओ डॉ. श्रीमोहन झा ने बताया कि यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया है। इसे दिखवाते हैं आखिरकार क्या वजह रही जो एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। 

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