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गोकशी और खनन के लिए बदनाम है बदायूं
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 07 Aug 2016 11:55 PM IST
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अक्सर होते हैं पुलिस पर हमले, कार्रवाई शिफर
जिले में सिर्फ एक प्वाइंट, बालू की कीमतें आसमान पर
गोकशी और खनन के लिए जिला बदनाम हो चुका है। गोवंशीय पशुओं का वध और तस्करी नई बात नहीं है। अवैध खनन के चलते बालू की कीमतें भी आसमान पर हैं। शहर विधायक आबिद रजा की ओर से गोकशी और गंगा में खनन का मामला उठाए जाने के बाद इन दोनों मुद्दों को हवा मिल गई है। गौर करने वाली बात है कि पशु तस्कर पुलिस से भी नहीं डरते। सिर्फ सात महीने में पशु तस्करों और पुलिस के बीच नौ मुठभेड़ हो चुकी हैं।
फरवरी 2015 में तत्कालीन एसओ सिविल लाइंस अजय कुमार यादव ने गोवंशीय पशुओं की तस्करी का सबसे बड़ा मामला पकड़ा था। 75 वाहनों से सैकड़ों पशु बरामद हुए। 100 लोगों को जेल भी भेजा गया था। गोवंशीय पशुओं को ले जा रहे सभी वाहन मुरादाबाद और रामपुर के थे। गौर करने वाली बात यह है कि अब तक गोवंशीय तस्करों के मुखिया का नाम सामने नहीं आ सका है। यही वजह है कि चालू साल के सात महीने में गोवंशीय पशुओं की तस्करी के 48 मामले दर्ज हो चुके हैं। सैकड़ों पशुओं को बरामद किया जा चुका है। गोकशी रोकने के मामले में ही अजय यादव की जिले के एक स्थानीय नेता से अनबन हो गई थी। इसके चलते उनको तबादला जिले से बाहर कर दिया गया।
खबर भी बड़ा धंधा बन गया है। माफिया गंगा में अवैध खनन कर रहा है। तालाबों को पाटा जा रहा है। सोत नदी पर कब्जा हो चुका है। खनन के काम पर एकाधिकार होने की वजह से बालू की ट्राली की कीमत एक हजार रुपये से बढ़कर तीन हजार रुपये हो गई है। अवैधन खनन की वजह से ही मुजरिया थाने के गांव रसूला में तीन सगे भाइयों समेत चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। इस मामले में भी जांच चल रही है। गौर करने वाली बात यह है कि इन मामलों की जांच कब पूरी होगी और कब पुलिस के हाथ माफिया तक पहुंचेंगे। काबिले गौर यह भी है कि गंगा में बालू खनन का जिले में सिर्फ एक प्वाइंट है। बारिश में यह बंद चल रहा है। इसके बाद भी धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है।
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खनन से बना तालाब, चली गई चार की जान
बदायूं। मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव रसूला में 16 जुलाई को तीन सगे भाइयों समेत चार लड़कों की तालाब में डूबकर मौत हो गई। गांव में यह तालाब मिट्टी के अवैध खनन से बना था। इस तालाब डूब कर केदार के बेटा सुनील (15), सुखवीर (12), पुष्पेंद्र (10) और गंगा सहाय का बेटा पूरन (11) की जान चली गई थी। एडीएम प्रशासन एके श्रीवास्तव ने जांच कराकर कार्रवाई की बात कही थी। मामले में अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है।
जिले में सिर्फ एक प्वाइंट, बालू की कीमतें आसमान पर
गोकशी और खनन के लिए जिला बदनाम हो चुका है। गोवंशीय पशुओं का वध और तस्करी नई बात नहीं है। अवैध खनन के चलते बालू की कीमतें भी आसमान पर हैं। शहर विधायक आबिद रजा की ओर से गोकशी और गंगा में खनन का मामला उठाए जाने के बाद इन दोनों मुद्दों को हवा मिल गई है। गौर करने वाली बात है कि पशु तस्कर पुलिस से भी नहीं डरते। सिर्फ सात महीने में पशु तस्करों और पुलिस के बीच नौ मुठभेड़ हो चुकी हैं।
फरवरी 2015 में तत्कालीन एसओ सिविल लाइंस अजय कुमार यादव ने गोवंशीय पशुओं की तस्करी का सबसे बड़ा मामला पकड़ा था। 75 वाहनों से सैकड़ों पशु बरामद हुए। 100 लोगों को जेल भी भेजा गया था। गोवंशीय पशुओं को ले जा रहे सभी वाहन मुरादाबाद और रामपुर के थे। गौर करने वाली बात यह है कि अब तक गोवंशीय तस्करों के मुखिया का नाम सामने नहीं आ सका है। यही वजह है कि चालू साल के सात महीने में गोवंशीय पशुओं की तस्करी के 48 मामले दर्ज हो चुके हैं। सैकड़ों पशुओं को बरामद किया जा चुका है। गोकशी रोकने के मामले में ही अजय यादव की जिले के एक स्थानीय नेता से अनबन हो गई थी। इसके चलते उनको तबादला जिले से बाहर कर दिया गया।
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खबर भी बड़ा धंधा बन गया है। माफिया गंगा में अवैध खनन कर रहा है। तालाबों को पाटा जा रहा है। सोत नदी पर कब्जा हो चुका है। खनन के काम पर एकाधिकार होने की वजह से बालू की ट्राली की कीमत एक हजार रुपये से बढ़कर तीन हजार रुपये हो गई है। अवैधन खनन की वजह से ही मुजरिया थाने के गांव रसूला में तीन सगे भाइयों समेत चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। इस मामले में भी जांच चल रही है। गौर करने वाली बात यह है कि इन मामलों की जांच कब पूरी होगी और कब पुलिस के हाथ माफिया तक पहुंचेंगे। काबिले गौर यह भी है कि गंगा में बालू खनन का जिले में सिर्फ एक प्वाइंट है। बारिश में यह बंद चल रहा है। इसके बाद भी धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है।
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खनन से बना तालाब, चली गई चार की जान
बदायूं। मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव रसूला में 16 जुलाई को तीन सगे भाइयों समेत चार लड़कों की तालाब में डूबकर मौत हो गई। गांव में यह तालाब मिट्टी के अवैध खनन से बना था। इस तालाब डूब कर केदार के बेटा सुनील (15), सुखवीर (12), पुष्पेंद्र (10) और गंगा सहाय का बेटा पूरन (11) की जान चली गई थी। एडीएम प्रशासन एके श्रीवास्तव ने जांच कराकर कार्रवाई की बात कही थी। मामले में अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है।