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यातायात व्यवस्था चरमराई, आसफपुर और इस्लामनगर से निकाला वाहनों को
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बदायूं में कोल्ड स्टोर से अमोनिया गैस के रिसाव के बाद मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे के ओरछी चौराहे ?
- फोटो : BADAUN
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बिसौली (बदायूं)। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र में ओरछी चौराहे के नजदीक कोल्ड स्टोर में अमोनिया रिसाव होने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। करीब डेढ़ घंटे तक मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे बंद रहा। इस दौरान वाहनों को आसफपुर और इस्लामनगर की ओर से निकाला गया। रात नौ बजे हाईवे पर आवागमन शुरू हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अमोनिया गैस का रिसाव बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े सात बजे शुरू हुआ। उस दौरान मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे से कुछ वाहन सवार गुजर रहे थे। इस दौरान बाइक से जा रहे दो सवारों को ज्यादा दिक्कत हुई। उन्हीं से जानकारी मिलने पर पुलिस प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हुए। उन्होंने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
वाहन सवारों की परेशानी देखते हुए तुरंत हाईवे बंद करा दिया गया। बदायूं से आने वाले वाहन बिसौली रोक दिए गए और मुरादाबाद से बदायूं जाने वाले वाहन ओरछी चौराहे पर रोके गए। कुछ ही देर में हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इधर बिसौली में भी वाहनों की कतार लग गईं। जब गैस रिसाव बंद होने की सूचना नहीं मिली तो पुलिस ने तुरंत मुरादाबाद चंदौसी से बदायूं आने वाले वाहनों को आसफपुर होते हुए निकाला और अन्य वाहनों को इस्लामनगर की ओर मोड़ दिया।
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वहीं बदायूं से जाने वाले वाहनों को बिसौली से आसफपुर और इस्लामनगर की ओर मोड़ दिया। करीब नौ बजे रिसाव कम हुआ, तब कहीं हाईवे पर वाहनों का आवागमन शुरू हुआ।
कोल्ड स्टोर के बाहर पुलिस तैनात रही। सामने किसी वाहन को रुकने नहीं दिया गया। देर रात तक इसी तरह ट्रैफिक चलता रहा।
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पहले भी हो चुकी घटनाएं
1999 में अमोनिया रिसाव ने ली थी पांच महिलाओं की जान
- दो दशक पहले दिसंबर 1999 में शहर में बरेली रोड पर दास कॉलेज के पास एक कोल्ड स्टोर में अमोनिया गैस सिलिंडर फटने के कारण पांच महिलाओं की जान चली गई थी। यह महिलाएं कोल्ड स्टोर में आलू की छंटाई का काम कर रहीं थीं।
- नवंबर 2014 में भी बरेली रोड पर गोपाल टॉकीज के पास कोल्ड स्टोर में अमोनिया रिसाव हुआ था। हालांकि, इस मामले में कोई हानि नहीं हुई।
-अप्रैल 2018 में सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में बहेड़ी गांव के नजदीक बर्फ फैक्टरी से अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था। तब करीब आधा घंटा दिल्ली-बदायूं हाईवे बंद रहा था। बताते हैं कि बर्फ फैक्टरी के बराबर में ही एक दूध का प्लांट लगा हुआ है। जहां दूध ठंडा रखने के लिए बर्फ फैक्टरी लगाई गई थी। वहीं से अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था।
- फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र की तरह मार्च 2018 में एक हादसा उझानी कोतवाली क्षेत्र में हुआ था। उसमें एक ऑपरेटर की मौत हो गई थी। उसमें रात को कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था। इस पर ऑपरेटर बाल्व बंद करने की कोशिश कर रहा था। इसी कोशिश के दौरान अमोनिया गैस उसके पेट में चली गई, जिससे उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसमें ऑपरेटर के परिवार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं कराई गई। उनका कोल्ड स्टोर मालिक से समझौता हो गया था।
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नवीनीकरण शर्तों को पूरा न करने वाले 12 कोल्ड स्टोर बंद
बदायूं। जिले में कुल 65 कोल्ड स्टोर थे। इनमें मानक पूरी और लाइसेंस नवीनीकरण की शर्तों को पूरा न करने वाले 12 कोल्ड स्टोर बंद हो चुके हैं। वर्तमान में करीब 53 कोल्ड स्टोर हैं। कोल्ड स्टोर के नवीनीकरण से पहले भवन और मशीनरी की जांच तकनीकी टीम करती है। कोल्ड स्टोर का भवन नेशनल बिल्डिंग कोड के मानकों पर खरा होना चाहिए। उप निदेशक उद्यान पूजा बताया कि मानक पूरे करने वाले कोल्ड स्टोरेज का ही नवीनीकरण किया जाता है। संवाद
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फोटो--14
पहले प्रभावित होती हैं आंखें, फिर फेफड़ों पर असर से मौत
अमोनिया बेहद घातक गैस है। वायु से हल्की होने के कारण यह तेजी से फैलती है। रंगहीन अमोनिया गैस के संपर्क में आने के बाद पहले इसका सीधा प्रभाव आखों पर जलन के रूप में दिखता है। आंखों की रोशनी तक चली जाती है। इसके बाद सांस के जरिये यह गैस फेफड़ों में पहुंच कर फेफड़ों को क्षतिग्रस्त कर देती है। इससे जान तक चली जाती है। जल में यह विलय हो जाती है। अमोनिया का इस्तेमाल ज्यादातर औद्योगिक कार्यों में होता है।
-डॉ. सारिका शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर राजकीय डिग्री कॉलेज
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क्या है अमोनिया
विशेषज्ञों के मुताबिक अमोनिया एक तीक्ष्ण गंध वाली रंगहीन गैस है। यह हवा से हल्की होती है। यह जल में अति विलय है। अमोनिया के जलीय घोल को लिक्वर अमोनिया कहा जाता है। यूरिया, अमोनियम सल्फेट, आदि रासायनिक खादों को बनाने में अमोनिया का इस्तेमाल है। कोल्ड स्टोर और बर्फ के कारखानों में अमोनिया गैस का इस्तेमाल होता है। एसी, रेफ्रिजरेटर आदि में भी अमोनिया गैस का प्रयोग किया जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक हवा से हल्की होने की वजह से यह गैस तेजी से ऊपर उड़ जाती है। संवाद
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अमोनिया गैस का रिसाव बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े सात बजे शुरू हुआ। उस दौरान मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे से कुछ वाहन सवार गुजर रहे थे। इस दौरान बाइक से जा रहे दो सवारों को ज्यादा दिक्कत हुई। उन्हीं से जानकारी मिलने पर पुलिस प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हुए। उन्होंने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
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वाहन सवारों की परेशानी देखते हुए तुरंत हाईवे बंद करा दिया गया। बदायूं से आने वाले वाहन बिसौली रोक दिए गए और मुरादाबाद से बदायूं जाने वाले वाहन ओरछी चौराहे पर रोके गए। कुछ ही देर में हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इधर बिसौली में भी वाहनों की कतार लग गईं। जब गैस रिसाव बंद होने की सूचना नहीं मिली तो पुलिस ने तुरंत मुरादाबाद चंदौसी से बदायूं आने वाले वाहनों को आसफपुर होते हुए निकाला और अन्य वाहनों को इस्लामनगर की ओर मोड़ दिया।
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वहीं बदायूं से जाने वाले वाहनों को बिसौली से आसफपुर और इस्लामनगर की ओर मोड़ दिया। करीब नौ बजे रिसाव कम हुआ, तब कहीं हाईवे पर वाहनों का आवागमन शुरू हुआ।
कोल्ड स्टोर के बाहर पुलिस तैनात रही। सामने किसी वाहन को रुकने नहीं दिया गया। देर रात तक इसी तरह ट्रैफिक चलता रहा।
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पहले भी हो चुकी घटनाएं
1999 में अमोनिया रिसाव ने ली थी पांच महिलाओं की जान
- दो दशक पहले दिसंबर 1999 में शहर में बरेली रोड पर दास कॉलेज के पास एक कोल्ड स्टोर में अमोनिया गैस सिलिंडर फटने के कारण पांच महिलाओं की जान चली गई थी। यह महिलाएं कोल्ड स्टोर में आलू की छंटाई का काम कर रहीं थीं।
- नवंबर 2014 में भी बरेली रोड पर गोपाल टॉकीज के पास कोल्ड स्टोर में अमोनिया रिसाव हुआ था। हालांकि, इस मामले में कोई हानि नहीं हुई।
-अप्रैल 2018 में सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में बहेड़ी गांव के नजदीक बर्फ फैक्टरी से अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था। तब करीब आधा घंटा दिल्ली-बदायूं हाईवे बंद रहा था। बताते हैं कि बर्फ फैक्टरी के बराबर में ही एक दूध का प्लांट लगा हुआ है। जहां दूध ठंडा रखने के लिए बर्फ फैक्टरी लगाई गई थी। वहीं से अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था।
- फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र की तरह मार्च 2018 में एक हादसा उझानी कोतवाली क्षेत्र में हुआ था। उसमें एक ऑपरेटर की मौत हो गई थी। उसमें रात को कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था। इस पर ऑपरेटर बाल्व बंद करने की कोशिश कर रहा था। इसी कोशिश के दौरान अमोनिया गैस उसके पेट में चली गई, जिससे उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसमें ऑपरेटर के परिवार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं कराई गई। उनका कोल्ड स्टोर मालिक से समझौता हो गया था।
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नवीनीकरण शर्तों को पूरा न करने वाले 12 कोल्ड स्टोर बंद
बदायूं। जिले में कुल 65 कोल्ड स्टोर थे। इनमें मानक पूरी और लाइसेंस नवीनीकरण की शर्तों को पूरा न करने वाले 12 कोल्ड स्टोर बंद हो चुके हैं। वर्तमान में करीब 53 कोल्ड स्टोर हैं। कोल्ड स्टोर के नवीनीकरण से पहले भवन और मशीनरी की जांच तकनीकी टीम करती है। कोल्ड स्टोर का भवन नेशनल बिल्डिंग कोड के मानकों पर खरा होना चाहिए। उप निदेशक उद्यान पूजा बताया कि मानक पूरे करने वाले कोल्ड स्टोरेज का ही नवीनीकरण किया जाता है। संवाद
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पहले प्रभावित होती हैं आंखें, फिर फेफड़ों पर असर से मौत
अमोनिया बेहद घातक गैस है। वायु से हल्की होने के कारण यह तेजी से फैलती है। रंगहीन अमोनिया गैस के संपर्क में आने के बाद पहले इसका सीधा प्रभाव आखों पर जलन के रूप में दिखता है। आंखों की रोशनी तक चली जाती है। इसके बाद सांस के जरिये यह गैस फेफड़ों में पहुंच कर फेफड़ों को क्षतिग्रस्त कर देती है। इससे जान तक चली जाती है। जल में यह विलय हो जाती है। अमोनिया का इस्तेमाल ज्यादातर औद्योगिक कार्यों में होता है।
-डॉ. सारिका शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर राजकीय डिग्री कॉलेज
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क्या है अमोनिया
विशेषज्ञों के मुताबिक अमोनिया एक तीक्ष्ण गंध वाली रंगहीन गैस है। यह हवा से हल्की होती है। यह जल में अति विलय है। अमोनिया के जलीय घोल को लिक्वर अमोनिया कहा जाता है। यूरिया, अमोनियम सल्फेट, आदि रासायनिक खादों को बनाने में अमोनिया का इस्तेमाल है। कोल्ड स्टोर और बर्फ के कारखानों में अमोनिया गैस का इस्तेमाल होता है। एसी, रेफ्रिजरेटर आदि में भी अमोनिया गैस का प्रयोग किया जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक हवा से हल्की होने की वजह से यह गैस तेजी से ऊपर उड़ जाती है। संवाद