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हत्या के प्रयास में चार सगे भाइयों को सजा
ब्यूरो/बदायूं
Updated Wed, 21 Dec 2016 11:30 PM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश दशम वीरेंद्र कुमार पांडेय ने हत्या के प्रयास के मामले में चार सगे भाइयों को 10-10 साल कैद और जुर्माना की सजा सुनाई है। तीन दोषियों पर 11-11 हजार और एक पर 13 हजार रुपया जुर्माना डाला है।
मामला चार साल पुराना बिल्सी थाने के गांव भिलौलिया का है। गांव के ही लालाराम पुत्र महीपाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बच्चों के बीच झगड़े की रंजिश में गांव के नन्हे, अशोक, लालजीत और सेक्रेट्री पुत्रगण सरूपी ने उसके पिता महीपाल को लाठी डंडों से मारा-पीटा। फिर जान से मारने की नियत से गोली मार दी। वह बीच बचाव कराने पहुंचा तो उसे भी लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। विद्वान न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार पांडेय ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष की एडीजीसी रामेश्वरी और बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद चारों आरोपियों को हत्या की कोशिश का दोषी माना। सभी को कैद और जुर्माना की सजा सुनाई।
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मामला चार साल पुराना बिल्सी थाने के गांव भिलौलिया का है। गांव के ही लालाराम पुत्र महीपाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बच्चों के बीच झगड़े की रंजिश में गांव के नन्हे, अशोक, लालजीत और सेक्रेट्री पुत्रगण सरूपी ने उसके पिता महीपाल को लाठी डंडों से मारा-पीटा। फिर जान से मारने की नियत से गोली मार दी। वह बीच बचाव कराने पहुंचा तो उसे भी लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। विद्वान न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार पांडेय ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष की एडीजीसी रामेश्वरी और बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद चारों आरोपियों को हत्या की कोशिश का दोषी माना। सभी को कैद और जुर्माना की सजा सुनाई।
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