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Budaun News: एसएनसीयू में 15 दिन में चार नवजात की मौत

Thu, 06 Feb 2025 11:37 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 06 Feb 2025 11:37 PM IST
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Four newborns died in SNCU in 15 days
महिला अस्पताल में संचालित एसएनसीयू। संवाद - फोटो : परिजन
बदायूं। बदायूं के महिला अस्पताल के एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट) वार्ड में 21 जनवरी से पांच फरवरी तक चार नवजात की जान चली गई। बड़ी संख्या में मौतों के पीछे वेंटीलेटर और डॉक्टरों की कमी बड़ी वजह बताई जा रही है। सीपैप मशीन की कमी दूर करने के लिए पिछले छह साल में एक बार भी शासन से पत्राचार नहीं किया गया।
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महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में नवजातों की मौत का सिलसिला जारी है। दिसबंर में 16 नवजातों की मौत होने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद एक से 20 जनवरी तक 10 से अधिक नवजात की मौत हो गई। 21 जनवरी से पांच फरवरी तक की पड़ताल में सामने आया कि 58 नवजात भर्ती किए गए। इनमें चार बच्चों की जान चली गई। अधिकांश बच्चों की मौत का कारण इंफेक्शन बताया गया है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कुमार वासु ने बताया कि एसएनसीयू वार्ड में वेंटिलेटर नहीं है। वार्मर में ही बच्चों को रखा जा रहा है। सीपैप मशीन की आवश्यकता है। हालत बिगड़ने पर सीपैप मशीन से काफी हद तक मदद मिल सकती है, लेकिन एसएनसीयू में सीपैप मशीन ही नहीं है।
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दो माह से एक ही बाल रोग विशेषज्ञ कर रहे ड्यूटी
महिला अस्पताल में वैसे तो दो बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वार्ष्णेय और डॉ. कुमार वासु की तैनाती हैं। डॉ. कुमार वासु अकेले ही दो माह से ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसे में 24 घंटे बच्चों पर निगरानी नहीं हो पा रही। वहीं डॉ. संदीप वार्ष्णेय सड़क हादसे में चोट आने के बाद से अवकाश पर चल रहे हैं।



एसएनसीयू वार्ड में दो माह से अकेले डॉ. कुमार वासु ही हैं। इसके बाद भी एसएनसीयू में अधिकांश बच्चों को ठीक करके ही घर भेजा जा रहा है। जहां तक नवजातों की मौत की बात है उनको काफी खराब हालत में भर्ती किया गया था। काफी कोशिशों के बाद भी वह बच नहीं सके। -डॉ. इंदुकांत वर्मा, सीएमएस, महिला अस्पताल

महिला अस्पताल में संचालित एसएनसीयू। संवाद

महिला अस्पताल में संचालित एसएनसीयू। संवाद- फोटो : परिजन

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