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आंतरिक परिवाद समिति का गठन अनिवार्य : डीएम

Tue, 02 Sep 2025 01:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 02 Sep 2025 01:57 AM IST
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Formation of internal grievance committee is mandatory: DM
बदायूं। जिलाधिकारी अवनीश राय ने कहा कि महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम-2013 की धारा 4 के तहत जिले के सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी कार्यालय, संस्थान, संगठन, उद्यम व इकाई में आंतरिक परिवाद समिति का गठन अनिवार्य है।
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कहा कि किसी नियोजक ने समिति का गठन नहीं किया गया तो उस पर 50 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाएगा। दूसरी बार यह दंड दुगना हो जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, प्रशिक्षण संस्थानों, सरकारी व निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और अन्य संगठनों में भी यह समिति गठित की जानी आवश्यक है। बताया कि समिति की संरचना अधिनियम की धारा 4(2) के अनुसार होगी, जिसमें पीठासीन अधिकारी के रूप में वरिष्ठ महिला कर्मचारी, कम से कम दो ऐसे सदस्य जो महिलाओं के लिए कार्य करने में प्रतिबद्ध हों। समिति में आधे सदस्य महिलाएं होना अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी नियोजक समिति गठन की सूचना और शिकायतों के विवरण निर्धारित प्रारूप जिला प्रोबेशन अधिकारी से ले सकते हैं।
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