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उसावां ब्लाक के कई विद्यालय फेल, शिक्षकों का वेतन रोका
बदायूं, ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:36 PM IST
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बीएसए ने अचानक किया ब्लाक के कई स्कूलों निरीक्षण
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने और शिक्षकों को समय से विद्यालयों में उपस्थित होने के लिए बीएसए पीसी यादव ने उसावां ब्लाक के विद्यालयों को निरीक्षण कर भौतिक स्थिति का जायजा लिया। जिसमें विद्यालयों की स्थिति की पोल खुल गई। उन्होंने इन स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोक दिया है।
शुक्रवार को बीएसए ने सबसे पहले उसावां ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय मौजमपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में पंजीकृत 206 बच्चों में सिर्फ 37 बच्चे ही उपस्थित मिले और प्रधानाध्यापक समेत पूरा स्टाफ एक जगह एकत्र होकर गप्पे लड़ाता हुआ मिला। उन्होंने जब बच्चों ने हिंदी और गणित के कुछ सवाल किए तो वे कोई भी जवाब नहीं दे सके। विद्यालय की शैक्षिक स्थिति को देखकर बीएसए ने पूरे स्टाफ का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया है। इसके बाद वे उच्च प्राथमिक विद्यालय मौजमपुर में पहुंचे जहां पंजीकृत 154 बच्चों में सिर्फ 27 बच्चे ही मौजूद थे। यहां पर भी शैक्षिक स्थिति बेहद न्यून पाई गई। जिसके लिए प्रधानाध्यापक समेत सहायक अध्यापक का वेतन काटने की कार्रवाई की है। प्राथमिक विद्यालय मंशानगला में प्रधानाध्यापक अनुपम लता बिना किसी पूर्व सूचना के विद्यालय से गायब मिली। वहीं विद्यालय में कोई भी बच्चा मौजूद नहीं था जबकि पंजीकृत संख्या 93 है। इसको देखते हुए विद्यालय के पूरे स्टाफ का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय उघौली में भी शैक्षिक गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई और 97 बच्चों में सिर्फ 28 बच्चे ही मौजूद मिले। उच्च प्राथमिक विद्यालय उघौली, प्राथमिक विद्यालय मंजूखेड़ा, प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर देहात में भी बच्चों की संख्या बेहद कम पाई गई। शैक्षिक स्थिति बेहद न्यून पाई गई जिसको देखते हुए बीएसए ने संबधित विद्यालयों के स्टाफ का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने और शिक्षकों को समय से विद्यालयों में उपस्थित होने के लिए बीएसए पीसी यादव ने उसावां ब्लाक के विद्यालयों को निरीक्षण कर भौतिक स्थिति का जायजा लिया। जिसमें विद्यालयों की स्थिति की पोल खुल गई। उन्होंने इन स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोक दिया है।
शुक्रवार को बीएसए ने सबसे पहले उसावां ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय मौजमपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में पंजीकृत 206 बच्चों में सिर्फ 37 बच्चे ही उपस्थित मिले और प्रधानाध्यापक समेत पूरा स्टाफ एक जगह एकत्र होकर गप्पे लड़ाता हुआ मिला। उन्होंने जब बच्चों ने हिंदी और गणित के कुछ सवाल किए तो वे कोई भी जवाब नहीं दे सके। विद्यालय की शैक्षिक स्थिति को देखकर बीएसए ने पूरे स्टाफ का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया है। इसके बाद वे उच्च प्राथमिक विद्यालय मौजमपुर में पहुंचे जहां पंजीकृत 154 बच्चों में सिर्फ 27 बच्चे ही मौजूद थे। यहां पर भी शैक्षिक स्थिति बेहद न्यून पाई गई। जिसके लिए प्रधानाध्यापक समेत सहायक अध्यापक का वेतन काटने की कार्रवाई की है। प्राथमिक विद्यालय मंशानगला में प्रधानाध्यापक अनुपम लता बिना किसी पूर्व सूचना के विद्यालय से गायब मिली। वहीं विद्यालय में कोई भी बच्चा मौजूद नहीं था जबकि पंजीकृत संख्या 93 है। इसको देखते हुए विद्यालय के पूरे स्टाफ का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय उघौली में भी शैक्षिक गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई और 97 बच्चों में सिर्फ 28 बच्चे ही मौजूद मिले। उच्च प्राथमिक विद्यालय उघौली, प्राथमिक विद्यालय मंजूखेड़ा, प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर देहात में भी बच्चों की संख्या बेहद कम पाई गई। शैक्षिक स्थिति बेहद न्यून पाई गई जिसको देखते हुए बीएसए ने संबधित विद्यालयों के स्टाफ का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया है।
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