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ब्लाक क्रय केंद्रों पर भेजा अनुदानित ढेंचा बीज
बदायूं, ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2016 11:50 PM IST
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जिले 152 क्विंटल बीज, करीब 100 क्विंटल आना बाकी
खेतों में हो रही जैविक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए उनमें हरी खाद का बोना जरूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग की ओर से ढेंचा का अनुदानित बीज ब्लाकों पर स्थित सरकारी क्रय केंद्रों पर मुहैया हैं। अब तक सभी ब्लाकों में बीज क्रय केंद्रों पर 152 क्विंटल ढेंचा बीज भेजा जा चुका है, जबकि करीब 100 क्विंटल ढेंचा बीज अभी और भेजा जाएगा।
खेतों में रसायनिक खादों के प्रयोग किए जाने से फौरी तौर पर भले ही किसानों को फसल में फायदा हो जाता हो, लेकिन लंबे समय से रसायनिक उर्वरकों का प्रयोग किए जाने की वजह से उनकी उत्पादक क्षमता घट रही है। हरी खाद का प्रयोग खेतों की क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इस बारे में जानकारी देते हुए कृषि उपनिदेशक आरपी चौधरी ने बताया कि किसान ढेंचा को खेतों में उगाकर उसे खेत में ही जोत दें। इससे खेतों की उर्वरकता बढ़ जाती है। इसके लिए ब्लाक कार्यालयों में अनुदानित बीज भेजा जा चुका है, जिसकी कीमत 36 रुपये प्रति क्विंटल है, जिस पर 18 रुपये की सब्सिडी किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
खेतों में हो रही जैविक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए उनमें हरी खाद का बोना जरूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग की ओर से ढेंचा का अनुदानित बीज ब्लाकों पर स्थित सरकारी क्रय केंद्रों पर मुहैया हैं। अब तक सभी ब्लाकों में बीज क्रय केंद्रों पर 152 क्विंटल ढेंचा बीज भेजा जा चुका है, जबकि करीब 100 क्विंटल ढेंचा बीज अभी और भेजा जाएगा।
खेतों में रसायनिक खादों के प्रयोग किए जाने से फौरी तौर पर भले ही किसानों को फसल में फायदा हो जाता हो, लेकिन लंबे समय से रसायनिक उर्वरकों का प्रयोग किए जाने की वजह से उनकी उत्पादक क्षमता घट रही है। हरी खाद का प्रयोग खेतों की क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इस बारे में जानकारी देते हुए कृषि उपनिदेशक आरपी चौधरी ने बताया कि किसान ढेंचा को खेतों में उगाकर उसे खेत में ही जोत दें। इससे खेतों की उर्वरकता बढ़ जाती है। इसके लिए ब्लाक कार्यालयों में अनुदानित बीज भेजा जा चुका है, जिसकी कीमत 36 रुपये प्रति क्विंटल है, जिस पर 18 रुपये की सब्सिडी किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
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