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तैयार होने लगी एफएमटीटीआई की जमीन

Sun, 17 Apr 2016 12:22 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Sun, 17 Apr 2016 12:22 AM IST
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Fmtitiai began to prepare the ground
बैठक
सब कुछ ठीक रहा तो जिले में प्रदेश का पहला और देश का पांचवां फार्म मशीनरी ट्रेनिंग एंड टेस्टिंग इंस्टीट्यूट (एफएमटीटीआई) खुल जाएगा। इस इंस्टीट्यूट को जिले में बनाने के लिए दिल्ली से एक टीम शनिवार को जिले में पहुंची। टीम को दातागंज क्षेत्र में एक जगह ढहरपुर-म्याऊं रोड पर दिखाई गई, जिसका टीम ने निरीक्षण कर लिया। इंस्टीट्यूट को स्थापित करने के लिए जरूरी 44 हेक्टेयर जमीन दातागंज एसडीएम और तहसीलदार ने दिखाई, जिसका टीम ने सर्वे किया। 
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केंद्र सरकार के अतिरिक्त आयुक्त वीएन काले के नेतृत्व में अंडर सेक्रेट्री एसआर राजा, सहायक आयुक्त पीके चोपड़ा, कृषि अभियंता मान सिंह और अनुभाग अधिकारी आर राजीव की पांच सदस्यीय टीम कृषि उपनिदेशक आरपी चौधरी और जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह के साथ दातागंज पहुंची। यहां एसडीएम ओपी तिवारी और तहसीलदार ने संस्थान के लिए जरूरी 44 हेक्टेयर जमीन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारी जमीन देखकर काफी हद तक संतुष्ट नजर आए। 
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इसके बाद टीम के सदस्यों ने सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया से मिलकर जमीन के बारे में बातचीत की। साथ ही संस्थान के लिए जरूरी सड़क, आवासीय बस्ती आदि की व्यवस्था करने के लिए कहा। उन्होंने 44 हेक्टेयर फार्म के लिए और पांच एकड़ जमीन शहर के आसपास उपलब्ध कराने की मांग की, जिससे आवास एवं अन्य चीजें बनाई जा सकें। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने जमीन की खोज शुरू कर दी है। सीडीओ ने टीम द्वारा बताई गई जमीन और अन्य व्यवस्थाएं करने का आश्वासन दिया। 
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टीम अधिकारियों के मुताबिक, अभी और टीमें जमीन और स्थान का निरीक्षण करने के लिए यहां आएंगी। इसके बाद ही इंस्टीट्यूट की स्थापना के बारे में मसौदा तय किया जा सकेगा। यहां बतां दें कि अभी यह इंस्टीट्यूट मध्यप्रदेश के गुधनी, हरियाणा के हिसार, आसाम और अनंतपुरम में स्थापित हैं। 

काफी कारगर होगा संस्थान
बदायूं। जिले में इंस्टीट्यूट की स्थापना होने के बाद स्थानीय किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा कि वे यंत्रों का कैसे प्रयोग करें, जिससे कि उन्नतशील खेती की जा सके। इसके साथ ही कृषि यंत्रों का परीक्षण भी किया जाएगा, जिससे कि यंत्रों की गुणवत्ता को परखा जा सके।
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