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उसहैत तटबंध पर कटान का खतरा
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उसहैत तटबंध पर कटान रोकने को लगाई जा रहीं बालू भरी बोरियां।संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। गंगा के जलस्तर में बृहस्पतिवार को कुछ इजाफा हुआ है। इसके चलते कटान भी तेज होने लगा है। उसहैत तटबंध पर कटान के खतरे को देखते हुए बाढ़ खंड ने बालू भरी बोरियां लगाने का काम शुरू कर दिया है। बुधवार को कछला में मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर 162.40 था यह बृहस्पतिवार को बढ़कर 162.48 पर पहुंच गया।
गंगा में बुधवार को नरौरा बैराज से 93 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। बृहस्पतिवार को गंगा में नरौरा से 98448 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके चलते मीटर गेज पर जलस्तर में इजाफा हुआ है। बाढ़ का पानी उसहैत तटबंध के साथ भुंडी, ढक नगला तटबंधों से भी टकरा रहा है। उसहैत और सहसवान के गांवों में एक बार फिर से कटान तेज होने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि स्थिति सामान्य है। खतरे जैसी कोई बात नहीं है। जहां भी कटान का खतरा है वहां उसे रोकने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं।
बुधवार को बिजनौर से 57 और हरिद्वार से गंगा में 60 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है।
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खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है। उसहैत तटबंध पर कटान रोकने के लिए बालू भरी बोरियां लगाई गई हैं। सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की जा रही है। बृहस्पतिवार को गंगा के जल स्तर में कुछ इजाफा हुआ है।
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-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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महावा, उसहैत और उसावां समेत तीन अन्य तटबंध संवेदनशील हैं। यहां कटान रोकने का कार्य भी कराया जा रहा है। इसके अलावा पथरामई में भी बांध सुरक्षा कार्य चल रहा है। स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
-उमेश चंद्र, एक्सईएन बाढ़ खंड
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सहसवान में एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया
बदायूं। डीएम दीपा रंजन के निर्देश पर एसडीएम सहसवान ज्योति शर्मा ने बृहस्पतिवार को गंगा के तटवर्ती गांव खागी नगला, परशुराम नगला, भमरौलिया व वीर सहाय नगला का जायजा लिया। पर्याप्त नाव और बाढ़ प्रभावितों को राहत मुहैया कराने के निर्देश दिए। एसडीएम दातागंज पारस नाथ मौर्य ने जटा, प्रेमी नगला, जसवंत नगला व ठकुरी नगला के चार बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया। संवाद
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गंगा में बुधवार को नरौरा बैराज से 93 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। बृहस्पतिवार को गंगा में नरौरा से 98448 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके चलते मीटर गेज पर जलस्तर में इजाफा हुआ है। बाढ़ का पानी उसहैत तटबंध के साथ भुंडी, ढक नगला तटबंधों से भी टकरा रहा है। उसहैत और सहसवान के गांवों में एक बार फिर से कटान तेज होने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि स्थिति सामान्य है। खतरे जैसी कोई बात नहीं है। जहां भी कटान का खतरा है वहां उसे रोकने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं।
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बुधवार को बिजनौर से 57 और हरिद्वार से गंगा में 60 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है।
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खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है। उसहैत तटबंध पर कटान रोकने के लिए बालू भरी बोरियां लगाई गई हैं। सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की जा रही है। बृहस्पतिवार को गंगा के जल स्तर में कुछ इजाफा हुआ है।
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-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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महावा, उसहैत और उसावां समेत तीन अन्य तटबंध संवेदनशील हैं। यहां कटान रोकने का कार्य भी कराया जा रहा है। इसके अलावा पथरामई में भी बांध सुरक्षा कार्य चल रहा है। स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
-उमेश चंद्र, एक्सईएन बाढ़ खंड
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सहसवान में एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया
बदायूं। डीएम दीपा रंजन के निर्देश पर एसडीएम सहसवान ज्योति शर्मा ने बृहस्पतिवार को गंगा के तटवर्ती गांव खागी नगला, परशुराम नगला, भमरौलिया व वीर सहाय नगला का जायजा लिया। पर्याप्त नाव और बाढ़ प्रभावितों को राहत मुहैया कराने के निर्देश दिए। एसडीएम दातागंज पारस नाथ मौर्य ने जटा, प्रेमी नगला, जसवंत नगला व ठकुरी नगला के चार बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया। संवाद