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सैकड़ों बीघा जमीन निगल गईं गंगा, कई इलाकों में कटान
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गंगा में कटान रोकने को लगाई गईं बालू भरी बोरियां।संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। सहसवान, उसहैत के गांवों में गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है। शनिवार को नरौरा बैराज से गंगा में 81 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया।
उसहैत के असमया रफतपुर, अहमदनगर बछौरा में गंगा अब भी कटान कर रही हैं। असमया रफतपुर-सरेली मार्ग का काफी हिस्सा गंगा में समा गया है। इससे असमया रफतपुर गांव के लिए दो ओर से कटान का खतरा पैदा हो गया है। अहमदनगर बछौरा में भी कटान रोकने के लिए बालू भरी बोरियां लगाई जा रहीं हैं। कछला में ढकनगला बांध पर तीन दिन से कटान हो रहा है। हालांकि, अब यहां हालात सामान्य होते दिख रहे हैं। सहसवान में गंगा के तटवर्ती तेलिया नगला, कोतलनगला में कटान तेज हो गया है। यहां भी सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा गई है। उसहैत में भुंडी बांध से गंगा की धारा टकरा रही है। उसहैत बंध के उस ओर बसे ठकुरी नगला, जटा, जसवंत नगला, कमलैयापुर, जटा, प्रेमी नगला, दल नगला, कदम नगला, रैपुरा गांवों में बाढ़ का पानी अब भी भरा हुआ है।
बाढ़ खंड और राजस्व विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में कैंप कर रही हैं। कटान रोकने के लिए बालू भरी बोरियां लगातार तैयार कराई जा रहीं हैं। शनिवार को बिजनौर से गंगा में 90 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि सोमवार को नरौरा बैराज से गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा सकता है। इसके बाद गंगा में उफान आने का अनुमान है।
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हालात सामान्य हो रहे हैं। कुछ स्थानों पर कटान हो रहा है। वहां कटान रोकने के सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। सभी बांधों पर हालात सामान्य हैं। खतरे जैसी कहीं पर कोई बात नहीं है।
-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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उसहैत के असमया रफतपुर, अहमदनगर बछौरा में गंगा अब भी कटान कर रही हैं। असमया रफतपुर-सरेली मार्ग का काफी हिस्सा गंगा में समा गया है। इससे असमया रफतपुर गांव के लिए दो ओर से कटान का खतरा पैदा हो गया है। अहमदनगर बछौरा में भी कटान रोकने के लिए बालू भरी बोरियां लगाई जा रहीं हैं। कछला में ढकनगला बांध पर तीन दिन से कटान हो रहा है। हालांकि, अब यहां हालात सामान्य होते दिख रहे हैं। सहसवान में गंगा के तटवर्ती तेलिया नगला, कोतलनगला में कटान तेज हो गया है। यहां भी सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा गई है। उसहैत में भुंडी बांध से गंगा की धारा टकरा रही है। उसहैत बंध के उस ओर बसे ठकुरी नगला, जटा, जसवंत नगला, कमलैयापुर, जटा, प्रेमी नगला, दल नगला, कदम नगला, रैपुरा गांवों में बाढ़ का पानी अब भी भरा हुआ है।
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बाढ़ खंड और राजस्व विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में कैंप कर रही हैं। कटान रोकने के लिए बालू भरी बोरियां लगातार तैयार कराई जा रहीं हैं। शनिवार को बिजनौर से गंगा में 90 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि सोमवार को नरौरा बैराज से गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा सकता है। इसके बाद गंगा में उफान आने का अनुमान है।
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हालात सामान्य हो रहे हैं। कुछ स्थानों पर कटान हो रहा है। वहां कटान रोकने के सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। सभी बांधों पर हालात सामान्य हैं। खतरे जैसी कहीं पर कोई बात नहीं है।
-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड