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गंगा कटान में स्कूल के तीन कक्ष और समाए
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
Updated Thu, 16 Jul 2015 12:08 AM IST
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स्कूल का एक कमरा ही शेष बचा है। जिसके डूबने की संभावना बनी हुई है। जीएम बांध पर गांव परौटी के लोग भूखे प्यासे पड़े हैं, जिनकी खैर खबर लेने के लिए तहसील प्रशासन का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके अलावा जीएम बांध पर कई स्थानों पर गहरी-गहरी दरारें पड़ गई हैं। जिन पर चलना ग्रामीणों को मुश्किल हो रहा है। मगर बाढ़ खंड के किसी अधिकारी ने बांध में पड़ी दरारों की मरम्मत कराने की जहमत नहीं उठाई है।
कटान करने पर उतारू गंगा ने किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन व फसलें निगल ली हैं। टोंटपुर करसरी जाने वाले मार्ग पर बनी पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। गांव परौटी के सैकडों ग्रामीण जीएम बांध पर खुले आसमान के नीचे इस चटक धूप में अपने पशुओं के साथ भूखे प्यासे पड़े हैं, जिनकी खैर खबर लेने के लिए तहसील प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है, जिसको लेकर पीड़ितों में भारी रोष व्याप्त है।
मालूम रहे कि पिछले एक सप्ताह से गांव टोंटपुर करसरी और परौटी के लोग बाढ़ और कठान के पानी की विनाश लीला झेल रहें हैं। मगर, तहसील प्रशासन का कोई अधिकारी और इलाकाई जनप्रतिनिधि कोई उनकी पीड़ा में साझेदार बनने नहीं पहुंचे हैं। पीड़ित मदद के अभाव में अपने आपको कोस रहे हैं।
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कटान करने पर उतारू गंगा ने किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन व फसलें निगल ली हैं। टोंटपुर करसरी जाने वाले मार्ग पर बनी पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। गांव परौटी के सैकडों ग्रामीण जीएम बांध पर खुले आसमान के नीचे इस चटक धूप में अपने पशुओं के साथ भूखे प्यासे पड़े हैं, जिनकी खैर खबर लेने के लिए तहसील प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है, जिसको लेकर पीड़ितों में भारी रोष व्याप्त है।
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मालूम रहे कि पिछले एक सप्ताह से गांव टोंटपुर करसरी और परौटी के लोग बाढ़ और कठान के पानी की विनाश लीला झेल रहें हैं। मगर, तहसील प्रशासन का कोई अधिकारी और इलाकाई जनप्रतिनिधि कोई उनकी पीड़ा में साझेदार बनने नहीं पहुंचे हैं। पीड़ित मदद के अभाव में अपने आपको कोस रहे हैं।
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