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Budaun News: चार साल से पटाखों का कारोबार.. कहां थे जिम्मेदार
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इस्लामनगर थाने में पुलिस हिरासत में आरोपी असगर अली।स्रोत-पुलिस
बदायूं। इस्लामनगर में चार साल से पटाखों का अवैध कारोबार हो रहा था। न सिर्फ बोर्ड लगाकर पटाखे बेचे जा रहे थे बल्कि बारूद का अवैध भंडारण कर पटाखे बनाए भी जा रहे थे। निगरानी और रोकथाम के लिए जिम्मेदार अफसर क्या कर रहे थे? उन्होंने इस मामले में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? ऐसे ही बड़े सवालों का जवाब तलाशने एडीएम प्रशासन रेनू सिंह बृहस्पतिवार को इस्लामनगर पहुंचेंगी। वे अपनी रिपोर्ट 20 अप्रैल तक डीएम को सौंपेंगी।
मुहाली मोहल्ले में सोमवार को बारूद के अवैध भंडार में धमाके से दो मंजिला मकान ध्वस्त हो गया था जिसमें आतिशबाज अख्तर अली की पत्नी और बेटे की मौत हो गई थी। डीएम ने इस हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देते हुए एडीएम प्रशासन रेनू सिंह को जांच सौंपी थी।
इस मामले की प्रारंभिक जांच एसडीएम बिल्सी प्रबर्धन शर्मा ने की। जांच से पता चला कि जिस मकान में विस्फोट हुआ था। उस मकान या जगह के नाम से कोई भी आतिशबाजी का लाइसेंस जारी नहीं हुआ था और न ही मकान मालिक अख्तर अली के नाम पर आतिशबाजी का लाइसेंस था। उसके पिता असगर अली के नाम लाइसेंस था। उसकी वैधता 31 मार्च 2023 तक ही थी। इसके बाद असगर अली ने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए आवेदन किया था लेकिन उसकी जांच में पता चला था कि जिस जगह भंडारण दिखाया जा रहा था। वह स्थान आबादी के बीच में था, जिससे लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ था। इसके बावजूद असगर और अख्तर आतिशबाजी का काम कर रहे थे। वह लगातार आतिशबाजी बना रहे थे और उसे बेच भी रहे थे। और तो और दुकान के बाहर बोर्ड लगाकर आतिशबाजी करने की बुकिंग भी कर रहे थे। तब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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हैरानी की बात यह है कि समय-समय पर आतिशबाजी की दुकानों का निरीक्षण किया जाता है और उच्चाधिकारियों को उसकी रिपोर्ट भी भेजनी पड़ती है लेकिन इस मामले में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। शायद सब कागजों में निरीक्षण चल रहा था। अब इसकी मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। आतिशबाजी की दुकान चलाने से लेकर निरीक्षण करने वालों और इससे जुड़े हर जिम्मेदार की जांच होगी। वह मौके पर गए थे या नहीं, अगर गए थे तो उन्होंने क्या कार्रवाई की, अगर कार्रवाई की तो फिर यह दुकान कैसे चल रही थी। घर के अंदर बारूद का भंडारण कैसे था। ऐसे तमाम बिंदुओं की जांच होगी। एडीएम प्रशासन रेनू सिंह बृहस्पतिवार को इस्लामनगर पहुंचेंगी और आसपास के लोगों के बयान दर्ज करेंगी। सीसीटीवी फुटेज भी देखेंगी। इसके अलावा संबंधित विभागों से भी जानकारी लेंगी।
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फोटो-- -28
आतिशबाज असगर अली गिरफ्तार
पूछताछ में स्वीकारा-नहीं हुआ था नवीनीकरण, बेटे के मकान में रख दिया था बारूद
संवाद न्यूज एजेंसी
इस्लामनगर। थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार को सहसवान तिराहे से आरोपी असगर अली को गिरफ्तार कर लिया। उसे थाने लाकर जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसके लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ था, जिससे उसने पूरा बारूद अपने बेटे के मकान में रखवा दिया था।
कस्बे के मुहाली मोहल्ले में हुए विस्फोट के मामले में पुलिस ने मकान मालिक अख्तर अली और उसके पिता असगर अली के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दोनों को इसलिए आरोपी बनाया गया है। वह गैरकानूनी तरीके से आतिशबाजी का धंधा कर रहे थे। बिना लाइसेंस के बारूद का भंडार किए हुए थे। ऐसी जगह पर बारूद का भंडार था, जहां आसपास तमाम लोगों के मकान थे। गनीमत यह रही कि उस मकान के आसपास और पीछे खाली प्लॉट पड़े थे। अगर पड़ोसियों के मकान सटे होते तो और बड़ा हादसा हो सकता था। इसमें पड़ोसियों को भी खतरा था। इससे पुलिस ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके तहत बृहस्पतिवार को थाना पुलिस ने असगर अली को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इसमें आरोपी अख्तर अली को भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक उसकी तलाश चल रही है।
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- इस्लामनगर कस्बे में हुए विस्फोट के मामले की जांच के आदेश मिले हैं। इसमें बृहस्पतिवार को इस्लामनगर जाकर मौका मुआयना किया जाएगा और इसकी जांच की जाएगी।- रेनू सिंह, एडीएम प्रशासन
इन बिंदुओं पर होगी जांच
इन बिंदुओं पर होगी जांच
- घटना का कारण क्या था?
- अख्तर कितने साल से आतिशबजी का काम कर रहा था
- स्थानीय थाना पुलिस ने इसकी निगरानी क्यों नहीं की-
-विस्फोट के वक्त कितना बारूद भंडारण रहा होगा?
- पिता के नाम लाइसेंस था पर नवीनीकरण न होने के बाद भी क्यों चल रहा था कारोबार
- पिता के नाम जारी लाइसेंस में अनुज्ञापन किस स्थल क्या था? चौहद्दी का विवरण
- किन अधिकारियों ने कब-कब निरीक्षण किए गए थे? थाना स्तर से सत्यापन की स्थिति क्या है।
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मुहाली मोहल्ले में सोमवार को बारूद के अवैध भंडार में धमाके से दो मंजिला मकान ध्वस्त हो गया था जिसमें आतिशबाज अख्तर अली की पत्नी और बेटे की मौत हो गई थी। डीएम ने इस हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देते हुए एडीएम प्रशासन रेनू सिंह को जांच सौंपी थी।
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इस मामले की प्रारंभिक जांच एसडीएम बिल्सी प्रबर्धन शर्मा ने की। जांच से पता चला कि जिस मकान में विस्फोट हुआ था। उस मकान या जगह के नाम से कोई भी आतिशबाजी का लाइसेंस जारी नहीं हुआ था और न ही मकान मालिक अख्तर अली के नाम पर आतिशबाजी का लाइसेंस था। उसके पिता असगर अली के नाम लाइसेंस था। उसकी वैधता 31 मार्च 2023 तक ही थी। इसके बाद असगर अली ने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए आवेदन किया था लेकिन उसकी जांच में पता चला था कि जिस जगह भंडारण दिखाया जा रहा था। वह स्थान आबादी के बीच में था, जिससे लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ था। इसके बावजूद असगर और अख्तर आतिशबाजी का काम कर रहे थे। वह लगातार आतिशबाजी बना रहे थे और उसे बेच भी रहे थे। और तो और दुकान के बाहर बोर्ड लगाकर आतिशबाजी करने की बुकिंग भी कर रहे थे। तब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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हैरानी की बात यह है कि समय-समय पर आतिशबाजी की दुकानों का निरीक्षण किया जाता है और उच्चाधिकारियों को उसकी रिपोर्ट भी भेजनी पड़ती है लेकिन इस मामले में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। शायद सब कागजों में निरीक्षण चल रहा था। अब इसकी मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। आतिशबाजी की दुकान चलाने से लेकर निरीक्षण करने वालों और इससे जुड़े हर जिम्मेदार की जांच होगी। वह मौके पर गए थे या नहीं, अगर गए थे तो उन्होंने क्या कार्रवाई की, अगर कार्रवाई की तो फिर यह दुकान कैसे चल रही थी। घर के अंदर बारूद का भंडारण कैसे था। ऐसे तमाम बिंदुओं की जांच होगी। एडीएम प्रशासन रेनू सिंह बृहस्पतिवार को इस्लामनगर पहुंचेंगी और आसपास के लोगों के बयान दर्ज करेंगी। सीसीटीवी फुटेज भी देखेंगी। इसके अलावा संबंधित विभागों से भी जानकारी लेंगी।
फोटो
आतिशबाज असगर अली गिरफ्तार
पूछताछ में स्वीकारा-नहीं हुआ था नवीनीकरण, बेटे के मकान में रख दिया था बारूद
संवाद न्यूज एजेंसी
इस्लामनगर। थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार को सहसवान तिराहे से आरोपी असगर अली को गिरफ्तार कर लिया। उसे थाने लाकर जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसके लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ था, जिससे उसने पूरा बारूद अपने बेटे के मकान में रखवा दिया था।
कस्बे के मुहाली मोहल्ले में हुए विस्फोट के मामले में पुलिस ने मकान मालिक अख्तर अली और उसके पिता असगर अली के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दोनों को इसलिए आरोपी बनाया गया है। वह गैरकानूनी तरीके से आतिशबाजी का धंधा कर रहे थे। बिना लाइसेंस के बारूद का भंडार किए हुए थे। ऐसी जगह पर बारूद का भंडार था, जहां आसपास तमाम लोगों के मकान थे। गनीमत यह रही कि उस मकान के आसपास और पीछे खाली प्लॉट पड़े थे। अगर पड़ोसियों के मकान सटे होते तो और बड़ा हादसा हो सकता था। इसमें पड़ोसियों को भी खतरा था। इससे पुलिस ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके तहत बृहस्पतिवार को थाना पुलिस ने असगर अली को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इसमें आरोपी अख्तर अली को भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक उसकी तलाश चल रही है।
- इस्लामनगर कस्बे में हुए विस्फोट के मामले की जांच के आदेश मिले हैं। इसमें बृहस्पतिवार को इस्लामनगर जाकर मौका मुआयना किया जाएगा और इसकी जांच की जाएगी।- रेनू सिंह, एडीएम प्रशासन
इन बिंदुओं पर होगी जांच
इन बिंदुओं पर होगी जांच
- घटना का कारण क्या था?
- अख्तर कितने साल से आतिशबजी का काम कर रहा था
- स्थानीय थाना पुलिस ने इसकी निगरानी क्यों नहीं की-
-विस्फोट के वक्त कितना बारूद भंडारण रहा होगा?
- पिता के नाम लाइसेंस था पर नवीनीकरण न होने के बाद भी क्यों चल रहा था कारोबार
- पिता के नाम जारी लाइसेंस में अनुज्ञापन किस स्थल क्या था? चौहद्दी का विवरण
- किन अधिकारियों ने कब-कब निरीक्षण किए गए थे? थाना स्तर से सत्यापन की स्थिति क्या है।