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महिला सिपाही ने एसएसपी ऑफिस में की आत्मदाह की कोशिश, मुंशी के खिलाफ छेड़छाड़ की रिपोर्ट
सार
कहा था कि इंस्पेक्टर और एसएसआई जातिवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप बेबुनियाद है।ऑडियो वायरल होने के बाद से तनाव में थी सिपाहीउझानी कोतवाली में जिस दिन मुंशी और महिला सिपाही के बीच हाथापाई के बाद नोकझोंक की ऑडियो वायरल हुई, तो उसमें इंस्पेक्टर से उसकी बहस भी सामने आई। इधर, एक वीडियो में मुंशी छुट्टी को लेकर बहस के दौरान अपनी मनमर्जी से काम करने की बात कहते हुए सुना गया।
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एसएसपी कार्यालय के गेट पर बैठे पुलिस कर्मी। संवाद
- फोटो : BADAUN
विस्तार
बदायूं। उझानी कोतवाली में मुंशी गुलाब सिंह से हाथापाई के बाद महिला सिपाही ने शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपने ऊपर केरोसिन छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की। इससे पहले कि वह माचिस जला पाती, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे बचा लिया। उसकी तहरीर पर आरोपी मुंशी के खिलाफ छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली गई।
उझानी कोतवाली से लाइनहाजिर महिला सिपाही शुक्रवार को वदी में अपनी स्कूटी से एसएसपी कार्यालय पहुंची। उसने अपनी स्कूटी स्टैंड पर खड़ी की और डिकी से केरोसिन भरी बोतल निकालकर एसएसपी कक्ष के सामने ही अपने ऊपर उड़ेलना शुरू कर दिया। उसे देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी दौड़ पड़े। उन्होंने तुरंत उसके हाथ से बोतल छीनी और समझाते हुए उसे कार्यालय के अंदर ले गए। उसने अधिकारियों के सामने पेश होकर अपनी दास्तान सुनाई।
उसने बताया कि 19 सितंबर को उझानी कोतवाली के मुंशी गुलाब सिंह ने उसके साथ मारपीट और हाथापाई की थी। सब कुछ जानते हुए भी इंस्पेक्टर ने मुंशी का साथ दिया था। उस संबंध में वह मुंशी, इंस्पेक्टर और एसएसआई पर कई आरोप लगाते हुए तहरीर दे चुकी थी। उसने इंस्पेक्टर और एसएसआई की भूमिका पर सवाल उठाया था। कहा था कि इंस्पेक्टर और एसएसआई जातिवाद को बढ़ावा दे रहे हैं।
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आरोपी सिपाही मूलरूप से मुजफ्फरनगर का है और वर्तमान में उसका परिवार सीतापुर में रहता है। वहीं पीड़ित महिला सिपाही गाजियाबाद की बताई जा रही है। उधर, इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार ने बताया कि महिला सिपाही की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई है। जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप बेबुनियाद है।
ऑडियो वायरल होने के बाद से तनाव में थी सिपाही
उझानी कोतवाली में जिस दिन मुंशी और महिला सिपाही के बीच हाथापाई के बाद नोकझोंक की ऑडियो वायरल हुई, तो उसमें इंस्पेक्टर से उसकी बहस भी सामने आई। बताते हैं कि महिला सिपाही इंस्पेक्टर पर जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाने लगी तो जवाब में इंस्पेक्टर को भी यह कहते हुए सुना गया कि ऐसा ही होगा। इधर, एक वीडियो में मुंशी छुट्टी को लेकर बहस के दौरान अपनी मनमर्जी से काम करने की बात कहते हुए सुना गया। ऐसी ही बातों का महिला सिपाही ने एफआईआर में भी जिक्र किया है।
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उझानी कोतवाली से लाइनहाजिर महिला सिपाही शुक्रवार को वदी में अपनी स्कूटी से एसएसपी कार्यालय पहुंची। उसने अपनी स्कूटी स्टैंड पर खड़ी की और डिकी से केरोसिन भरी बोतल निकालकर एसएसपी कक्ष के सामने ही अपने ऊपर उड़ेलना शुरू कर दिया। उसे देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी दौड़ पड़े। उन्होंने तुरंत उसके हाथ से बोतल छीनी और समझाते हुए उसे कार्यालय के अंदर ले गए। उसने अधिकारियों के सामने पेश होकर अपनी दास्तान सुनाई।
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उसने बताया कि 19 सितंबर को उझानी कोतवाली के मुंशी गुलाब सिंह ने उसके साथ मारपीट और हाथापाई की थी। सब कुछ जानते हुए भी इंस्पेक्टर ने मुंशी का साथ दिया था। उस संबंध में वह मुंशी, इंस्पेक्टर और एसएसआई पर कई आरोप लगाते हुए तहरीर दे चुकी थी। उसने इंस्पेक्टर और एसएसआई की भूमिका पर सवाल उठाया था। कहा था कि इंस्पेक्टर और एसएसआई जातिवाद को बढ़ावा दे रहे हैं।
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आरोपी सिपाही मूलरूप से मुजफ्फरनगर का है और वर्तमान में उसका परिवार सीतापुर में रहता है। वहीं पीड़ित महिला सिपाही गाजियाबाद की बताई जा रही है। उधर, इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार ने बताया कि महिला सिपाही की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई है। जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप बेबुनियाद है।
ऑडियो वायरल होने के बाद से तनाव में थी सिपाही
उझानी कोतवाली में जिस दिन मुंशी और महिला सिपाही के बीच हाथापाई के बाद नोकझोंक की ऑडियो वायरल हुई, तो उसमें इंस्पेक्टर से उसकी बहस भी सामने आई। बताते हैं कि महिला सिपाही इंस्पेक्टर पर जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाने लगी तो जवाब में इंस्पेक्टर को भी यह कहते हुए सुना गया कि ऐसा ही होगा। इधर, एक वीडियो में मुंशी छुट्टी को लेकर बहस के दौरान अपनी मनमर्जी से काम करने की बात कहते हुए सुना गया। ऐसी ही बातों का महिला सिपाही ने एफआईआर में भी जिक्र किया है।