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जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ा, एक और बच्चे की मौत

Mon, 12 Aug 2019 01:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 12 Aug 2019 01:13 AM IST
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बदायूं। पिछले साल संवेदनशील रहे दातागंज, समरेर और जगत ब्लॉक क्षेत्र के बाद बुखार ने इस बार भी कई गांव अपनी चपेट में ले लिए हैं। इन गांव में दर्जनों लोग बीमार हैं और करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार इलाज करने का दावा कर रही हैं। फिर भी बुखार पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है। रोजाना कहीं न कहीं बुखार से लोगों के मरने की सूचना मिल रही है।
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रविवार को अलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम इस्लामगंज में एक मासूम की उल्टी, दस्त और बुखार की चपेट में आने से मौत हो गई। करीब डेढ़ वर्षीय केशव पुत्र नंदराम उसहैत थाना क्षेत्र के ग्राम टिकरा बछेली का निवासी था। दो दिन पूर्व नंदराम की पत्नी हेमवती उसे लेकर अपने मायके इस्लामगंज आई थी, जहां शनिवार रात अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे तेज बुखार के साथ उल्टी दस्त होने लगे। इस पर परिवार वाले प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां से उसे मना कर दिया गया। रविवार को परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया। इससे बालक के परिवार में कोहराम मच गया है।
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एक दिन पहले दहगवां ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम बस्तोई में उल्टी, दस्त और बुखार की चपेट में आने से एक भाई-बहन की मौत हो गई थी। उनके पिता धर्मवीर ने बताया कि तीन वर्षीय पुत्र कुलदीप को उल्टी दस्त हुए थे। बेटी आशा (8) को बुखार के साथ पेट दर्द हुआ था। दोनों की एक-एक करके मृत्यु हो गई। इससे एक दिन पहले भी गांव में एक बच्चे की मौत हो गई थी। इसके अलावा बिसौली, सालारपुर, समरेर, दातागंज, म्याऊं आदि ब्लॉक क्षेत्र में भी बुखार फैल रहा है। लगातार हालात बुरे होते जा रहे हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अगर जल्द कंट्रोल नहीं किया गया तो और भी भयंकर परिणाम हो सकते हैं।
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बस्तोई सीकरी पहुंची टीम, इलाज शुरू
जरीफनगर। दहगवां ब्लॉक क्षेत्र के करीब दर्जन भर गांवों में उल्टी-दस्त और तेज बुखार तेजी से घर-घर में फैल रहा है। इससे आसपास के झोलाछापों की आमदनी बढ़ गई है। क्षेत्र के ग्राम बस्तोई सीकरी में तीन दिन में तीन बच्चों की एक-एक करके मौत हो चुकी है। उनके अलावा दर्जनों बच्चे बीमार पड़े हैं। इसकी सूचना पर रविवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव पहुंची। टीम में शामिल डॉ. राजेश, चीफ फार्मासिस्ट ऋषि कुमार, बीसीपीएम नरेंद्र शर्मा, संगिनी अनीता आदि ने घर-घर जाकर बच्चों का स्वास्थ्य चेकअप किया और उन्हें दवाईयां बांटीं।
अधूरी दवाओं के साथ पहुंच रहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें
बदायूं। ग्रामीण इंद्रजीत ने बताया कि बच्चों के मरने की सूचना पर टीम गांव पहुंची थी। टीम में शामिल चिकित्सक भी लोगों को आधी अधूरी दवाएं देकर गए थे। टीम में शामिल चिकित्सकों ने यह सलाह भी दी थी कि वह मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं लेकिन ग्रामीण मजबूरी में बाहर की दवाएं नहीं खरीद पा रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक भी बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र के लोग झोलाछापों से दवा लेने को मजबूर हैं।

बुखार फैलने की जिस गांव या कस्बे से सूचना मिलती है। तुरंत टीम को भेजा जा रहा है। रविवार को भी टीमें कई जगह गईं थीं। लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। उनकी रिपोर्ट आने पर ही कुछ बताया जा सकता है।
डॉ. अनिल शर्मा, प्रभारी संचारी रोग नियंत्रण
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