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Budaun News: 15 दिन पहले मारपीट में घायल किसान की मौत
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किशनवीर का फाइल फोटो। स्रोत परिवार
वजीरगंज। थाना क्षेत्र के गांव पलई में 30 मार्च को हुई मारपीट में घायल किसान किशनवीर (42) की मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना में चार और लोग भी घायल हुए थे। उनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। थाना पुलिस ने किशनवीर के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
ग्राम पलई निवासी प्रकाश के मुताबिक, 30 मार्च को उनके परिवार के राजपाल का बेटा विनोद दूसरे घर जा रहा था, तभी आरोपियों ने गालीगलौज कर दी। विरोध करने पर रात करीब आठ बजे मुनेश उर्फ गब्बर, वीरेश, सतीश, अवधेश, सचिन और अवनीश आदि लाठी-डंडे व असलहे लेकर आ गए थे। उन्होंने राजपाल के परिजनों की पिटाई शुरू कर दी।
छोटा भाई किशनवीर शोर शराबा सुनकर बीच बचाव करने पहुंचा तो आरोपियों ने उनकी भी पिटाई की। हमले में किशनवीर, विनोद, सोनू, बताशो देवी, राजपाल, मनवीर, प्रमोद, राजेश्वर और मोहर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सभी लोगों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से किशनवीर को चंदौसी और बाद में मुरादाबाद रेफर कर दिया गया था, जबकि विनोद, सोनू और बताशो राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं।
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रविवार रात किशनवीर की मौत हो गई। किशनवीर चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। वह निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस-वे पर मजदूरी करते थे। पुलिस ने मारपीट की रिपोर्ट को गैरइरादतन हत्या की धारा में तरमीम कर कार्रवाई शुरू कर दी है। दूसरी ओर से वीरेश ने विनोद, सोनू, धीरेंद्र और किशनवीर समेत दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके पक्ष के अवधेश का बरेली में उपचार चल रहा है।
तीन थानों की पुलिस पहुंची, परिजनों ने रोका अंतिम संस्कार
रहेड़िया। पलई गांव में किशनवीर का शव शाम चार बजे लाया गया। परिजन ने अंतिम संस्कार नहीं किया। गांव में भीड़ एकत्र हो गई। आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन अड़ गए। सूचना पर वजीरगंज, बिसौली और फैजगंज बेहटा पुलिस गांव पहुंच गई। परिजनों का आरोप है कि वजीरगंज पुलिस ने रुपये लेकर दूसरे पक्ष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस आरोपियों की मदद कर रही है। देर रात तक किशनवीर का शव घर पर रखा था। वजीरगंज इंस्पेक्टर राकेश कुमार का कहना है कि परिजनों को समझाकर कार्रवाई का भरोसा दिया है। संवाद
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ग्राम पलई निवासी प्रकाश के मुताबिक, 30 मार्च को उनके परिवार के राजपाल का बेटा विनोद दूसरे घर जा रहा था, तभी आरोपियों ने गालीगलौज कर दी। विरोध करने पर रात करीब आठ बजे मुनेश उर्फ गब्बर, वीरेश, सतीश, अवधेश, सचिन और अवनीश आदि लाठी-डंडे व असलहे लेकर आ गए थे। उन्होंने राजपाल के परिजनों की पिटाई शुरू कर दी।
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छोटा भाई किशनवीर शोर शराबा सुनकर बीच बचाव करने पहुंचा तो आरोपियों ने उनकी भी पिटाई की। हमले में किशनवीर, विनोद, सोनू, बताशो देवी, राजपाल, मनवीर, प्रमोद, राजेश्वर और मोहर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सभी लोगों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से किशनवीर को चंदौसी और बाद में मुरादाबाद रेफर कर दिया गया था, जबकि विनोद, सोनू और बताशो राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं।
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रविवार रात किशनवीर की मौत हो गई। किशनवीर चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। वह निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस-वे पर मजदूरी करते थे। पुलिस ने मारपीट की रिपोर्ट को गैरइरादतन हत्या की धारा में तरमीम कर कार्रवाई शुरू कर दी है। दूसरी ओर से वीरेश ने विनोद, सोनू, धीरेंद्र और किशनवीर समेत दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके पक्ष के अवधेश का बरेली में उपचार चल रहा है।
तीन थानों की पुलिस पहुंची, परिजनों ने रोका अंतिम संस्कार
रहेड़िया। पलई गांव में किशनवीर का शव शाम चार बजे लाया गया। परिजन ने अंतिम संस्कार नहीं किया। गांव में भीड़ एकत्र हो गई। आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन अड़ गए। सूचना पर वजीरगंज, बिसौली और फैजगंज बेहटा पुलिस गांव पहुंच गई। परिजनों का आरोप है कि वजीरगंज पुलिस ने रुपये लेकर दूसरे पक्ष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस आरोपियों की मदद कर रही है। देर रात तक किशनवीर का शव घर पर रखा था। वजीरगंज इंस्पेक्टर राकेश कुमार का कहना है कि परिजनों को समझाकर कार्रवाई का भरोसा दिया है। संवाद