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Budaun News: मोबाइल फोन और टीवी के अधिक इस्तेमाल से बढ़ी नकारात्मक सोच
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सप्तशक्ति संगम में मौजूद महिलाएं और बेटियां। स्रोत: आयोजक
उझानी। अयोध्या प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर उमा विद्यालय में आयोजित सप्तशक्ति संगम में मातृशक्ति उत्थान और नकारात्मक सोच के कारणों पर चर्चा हुई। टीवी और मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल का नकारात्मक की प्रमुख वजह बताते हुए संयुक्त परिवारों का महत्व समझाया गया।
विद्यालय परिसर में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम शनिवार दोपहर शुरू हुआ। मुख्य वक्ता समाजसेविका प्रियदर्शनी भारद्वाज ने कहा कि संयुक्त परिवार में भारतीय सभ्यता के बारे में समझाया। कहा कि टीवी और मोबाइल फोन ने भारतीय संस्कृति और परपंराओं को दूषित किया है। महिलाओं और बेटियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।
दरोगा भारती सिंह ने महिलाओं और बालिकाओं को सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को जागरूक रहने की आवश्यकता है। भारतीय संविधान ने अभिव्यक्त की आजादी समानता का अधिकार ऐसे तमाम प्रावधानों से सुसज्जित किया है, जो महिलाओं को उनके अधिकारों और अभिव्यक्ति की पहचान देता है।
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कार्यक्रम में रश्मि रावत और शीतल राणा ने बेटियों की तरह की बेटों को भी संस्कारवान बनाने की सलाह दी। कहा कि अच्छे संस्कार ही समाज को दूषित होने से बचा सकते हैं। बालिका सुरक्षा को लेकर समाज अभी और जागरूकता पर जोर दिया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य घनश्याम बाबू ने महिलाओं समेत बेटियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम शुरू होने से पहले दरोगा भारती सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाया। अध्यक्षता सुनीति अग्रवाल और संचालन श्वेता शर्मा ने किया।
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विद्यालय परिसर में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम शनिवार दोपहर शुरू हुआ। मुख्य वक्ता समाजसेविका प्रियदर्शनी भारद्वाज ने कहा कि संयुक्त परिवार में भारतीय सभ्यता के बारे में समझाया। कहा कि टीवी और मोबाइल फोन ने भारतीय संस्कृति और परपंराओं को दूषित किया है। महिलाओं और बेटियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।
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दरोगा भारती सिंह ने महिलाओं और बालिकाओं को सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को जागरूक रहने की आवश्यकता है। भारतीय संविधान ने अभिव्यक्त की आजादी समानता का अधिकार ऐसे तमाम प्रावधानों से सुसज्जित किया है, जो महिलाओं को उनके अधिकारों और अभिव्यक्ति की पहचान देता है।
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कार्यक्रम में रश्मि रावत और शीतल राणा ने बेटियों की तरह की बेटों को भी संस्कारवान बनाने की सलाह दी। कहा कि अच्छे संस्कार ही समाज को दूषित होने से बचा सकते हैं। बालिका सुरक्षा को लेकर समाज अभी और जागरूकता पर जोर दिया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य घनश्याम बाबू ने महिलाओं समेत बेटियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम शुरू होने से पहले दरोगा भारती सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाया। अध्यक्षता सुनीति अग्रवाल और संचालन श्वेता शर्मा ने किया।