फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   English classes in Brisbane The students' knock

अंग्रेजी की क्लॉस में ब्रिस्वेन  के स्टूडेंट्स की दस्तक

Tue, 12 Jul 2016 12:08 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Tue, 12 Jul 2016 12:08 AM IST
विज्ञापन
English classes in Brisbane The students' knock
अंग्रेजी की क्लॉस में ब्रिस्वेन  के स्टूडेंट्स की दस्तक - फोटो : अमर उजाला
नोएडा और दिल्ली के फाउंडेशन से जुड़े हैं विदेशी मेहमान
विज्ञापन

पांच सदस्यीय टीम में शामिल इंग्लैंड की ब्रिस्वेन यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स

 दिल्ली और नोएडा की स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े इंग्लैंड की ब्रिस्वेन यूनिवर्सिटी के पांच स्टूडेंट्स ने हरविलास गोयल इंटर कॉलेज में बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल ली है। कॉलेज में यूं तो अंग्रेजी के लेक्चरर भी हैं, लेकिन ब्रिस्वेन की मिस ग्रेस की अगुवाई में बच्चों को यह भी समझाया जाता है कि फर्राटेदार अंग्रेजी कैसे बोली जाए। यही नहीं, विदेशी मेहमान बच्चों से रुबरु होकर उनकी दिनचर्या और क्रियाकलापों की जानकारी हासिल करने से भी गुरेज नहीं करते।
नोएडा की एआरओएच फाउंडेशन और दिल्ली की अंजलिक फाउंडेशन के तहत पांच सप्ताह के प्रवास पर यहां रुके इंग्लैंड की ब्रिस्वेन यूनिवर्सटी के स्टूडेंट्स में शामिल मिस ग्रेस, फ्रॉसिक, क्योडिया, मिस्टर सैं और टॉम रोजाना ही इंग्लिश की क्लॉस लेने के लिए हरविलास गोयल इंटर कॉलेज पहुंचते हैं। कॉलेज के टीचर्स की तरह उन्होंने पीरियड भी फिक्स हैं। दो जुलाई को उन्होंने कॉलेज में दस्तक दी। बच्चों को पढ़ाते वक्त विदेशी स्टूडेंट्स बच्चों को उनके भविष्य पर भी चर्चा करते हुए उनकी जिज्ञासाओं पर गौर करते हैं।
विज्ञापन

कक्षा छह से लेकर 12 तक स्टूडेंट्स को पढ़ाने का उनका पसंद आ रहा है। विदेशी स्टूडेंट्स ने क्लॉस के दौरान फर्राटेदार इंग्लिश बोलने के तौर तरीके भी बच्चों को समझाने शुरू कर दिए हैं। मिस ग्रेस के हवाले से एआरओएच के मेंबर अभिनव ने बताया कि ब्रिस्वेन के इन पांचों स्टूटेंड्स का मकसद भारतीय शिक्षा के तौर-तरीकों के बारे में भी जानकारी हासिल करना है। ये हिंदी बोलने और समझने की कोशिश भी करते हैं। यही नहीं, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों पर पांचों स्टूडेंट्स रिपोर्ट तैयार कर ब्रिस्वेन में अपने साथियों के साथ शेयर करेंगे। बता दें कि अंजलिक फाउंडेशन की मुखिया जयश्री गोयल कॉलेज की प्रबंधक हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

------
ग्रामीण परिवेश को भी समझने की कोशिश
उझानी। बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने और हिंदी समझने के लिए पहुंचे ब्रिस्वेन यूनिवर्सटी के पांचों स्टूडेंटस सप्ताह में दो-तीन दिन गांवों की ओर भी रुख करते हैं। ग्रामीणों के रहन-सहन से लेकर उनके खानपान पर भी गौर करते हैं। सबसे पहले उनकी घरों में टॉयलेट पर पड़ती है। जिस घर में टॉयलेट न मिले, उसे बनवाने के लिए वे गृहस्वामी को प्रेरित भी करते हैं। उनका मकसद स्वच्छता अभियान को भी बढ़ावा देना है। विदेशी मेहमानों ने सोमवार को कॉलेज में पौधरोपण भी किया।

------
विदेशी मेहमान रोजाना कॉलेज में अंग्रेजी पढ़ाते हैं। मिस ग्रेस से लेकर टीम के सभी सदस्य बच्चों की समझने की जिज्ञासा से प्रभावित हैं। बच्चों को पहली बार विदेशियों से लेक्चर सुनने का मौका मिल रहा है। उन्हें इसका शैक्षिक फायदा भी मिलेगा।
-गोपाल शर्मा, प्रधानाचार्य,हरविलास कॉलेज। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed