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अतिक्रमण मुक्त होती नहीं दिख रही सोत नदी
ब्यूरो /बदायूं
Updated Thu, 25 May 2017 12:17 AM IST
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शहर के पूरब से होकर बहने वाली सदा नीरा सोत नदी अभी तक अतिक्रमण मुक्त होती नजर नहीं आ रही। सोत नदी के रिकार्ड गायब हैं। एंटी भू-माफिया स्क्वाड भी फेल हो रहा है। रिकार्ड न मिलने की वजह से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। मंगलवार को सीडीओ अच्छे लाल यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक भी रिकार्ड में झोल की वजह से बेनतीजा रही। सूबे की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने के लिए प्रत्येक जिले में एंटी भू माफिया टास्क फोर्स गठित करने का निर्देश दिया था। सीएम के आदेश पर बदायूं में भी सीडीओ अच्छे लाल यादव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया। कार्रवाई के नाम पर इस टास्क फोर्स ने सिर्फ एक बार ही सोत नदी की नपत की। जब रिकॉर्ड देखा तो टास्क फोर्स भी चक्कर में पड़ गई। सोत नदी के बहाव में भी लोगों के चक हैं। इसके बाद तहसील प्रशासन से रिकॉर्ड तलब किया गया तो पता लगा कि रिकॉर्ड ही गायब है। रिकॉर्ड में हेराफेरी की बात भी सामने आई। मंगलवार को हुई टास्क फोर्स की बैठक में भी तहसील प्रशासन सोत नदी का रिकार्ड नहीं दिखा सका। इसके बाद एक बार फिर से सीडीओ ने तहसील प्रशासन को दो दिन का वक्त दे दिया है।
जिले में 800 एकड़ से ज्यादा जमीनों पर अवैध कब्जे
बदायूं। स्थानीय अभिसूचना इकाई की मानें तो जिले में 800 एकड़ से ज्यादा जमीनों पर अवैध कब्जे हैं। पिछले साल मथुरा में जवाहर बाग कांड होने के बाद यहां की अभिसूचना इकाई ने जिले में जमीनों पर कब्जे संबंधी एक रिपोर्ट शासन को भेजी थी। गौर करने वाली बात यह है कि इस रिपोर्ट पर जिले में अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो सकी है।
सोत पर किए गए अतिक्रमण की जांच चल रही है। तहसील प्रशासन से रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। गुरुवार को तहसील प्रशासन दुरुस्त रिकॉर्ड मुहैया कराएगा। पुराना रिकॉर्ड भी देखा जा रहा है। रिकॉर्ड से साफ हो जाएगा कि कहां-कहां पर अवैध निर्माण किए गए हैं। -अच्छे लाल यादव, सीडीओ
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जिले में 800 एकड़ से ज्यादा जमीनों पर अवैध कब्जे
बदायूं। स्थानीय अभिसूचना इकाई की मानें तो जिले में 800 एकड़ से ज्यादा जमीनों पर अवैध कब्जे हैं। पिछले साल मथुरा में जवाहर बाग कांड होने के बाद यहां की अभिसूचना इकाई ने जिले में जमीनों पर कब्जे संबंधी एक रिपोर्ट शासन को भेजी थी। गौर करने वाली बात यह है कि इस रिपोर्ट पर जिले में अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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सोत पर किए गए अतिक्रमण की जांच चल रही है। तहसील प्रशासन से रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। गुरुवार को तहसील प्रशासन दुरुस्त रिकॉर्ड मुहैया कराएगा। पुराना रिकॉर्ड भी देखा जा रहा है। रिकॉर्ड से साफ हो जाएगा कि कहां-कहां पर अवैध निर्माण किए गए हैं। -अच्छे लाल यादव, सीडीओ
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