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ई-केवाईसी के बिना नहीं मिलेगी सम्मान निधि
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बदायूं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 10 वीं किस्त का किसान इंतजार कर रहे हैं लेकिन यह किस्त किसानों को तब ही मिलेगी, जब उन्होंने अपनी ई-केवाईसी करा रखी होगी। अगर किसानों की ई-केवाईसी नहीं है तो उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के चार लाख 69 किसानों को 10 वीं किस्त दी जानी है, लेकिन भारत सरकार ने इस बार निर्देश दिए हैं कि बिना ई-केवाईसी वाले खातों में सम्मान निधि की किस्त नहीं भेजी जाए। कृषि उप निदेशक रामवीर कटारा ने बताया कि ई- केवाईसी कराने के लिए किसान अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र, लोकवाणी में जाकर या खुद अपने एंड्रायड मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर से ऐसा कर सकते हैं। इसके लिए भारत सरकार की वेबसाइट पर किसान कॉर्नर में ई-केवाईसी का विकल्प दिया गया है, जिसमें किसान अपना आधार नंबर अंकित करके कैप्चा कोड डालकर मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त कर पोर्टल में अंकित करेंगे। ऐसा करके किसान अपने ई-केवाईसी का कार्य पूरा कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी का कार्य पीएम किसान की साइट पर ओटीपी के माध्यम से ही किया जाना है। इसमें बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण की आवश्यकता नहीं है। इसलिए किसी भी अंजान या अनाधिकृत संस्था से बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण का कार्य बिल्कुल न कराएं। संवाद
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के चार लाख 69 किसानों को 10 वीं किस्त दी जानी है, लेकिन भारत सरकार ने इस बार निर्देश दिए हैं कि बिना ई-केवाईसी वाले खातों में सम्मान निधि की किस्त नहीं भेजी जाए। कृषि उप निदेशक रामवीर कटारा ने बताया कि ई- केवाईसी कराने के लिए किसान अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र, लोकवाणी में जाकर या खुद अपने एंड्रायड मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर से ऐसा कर सकते हैं। इसके लिए भारत सरकार की वेबसाइट पर किसान कॉर्नर में ई-केवाईसी का विकल्प दिया गया है, जिसमें किसान अपना आधार नंबर अंकित करके कैप्चा कोड डालकर मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त कर पोर्टल में अंकित करेंगे। ऐसा करके किसान अपने ई-केवाईसी का कार्य पूरा कर सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी का कार्य पीएम किसान की साइट पर ओटीपी के माध्यम से ही किया जाना है। इसमें बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण की आवश्यकता नहीं है। इसलिए किसी भी अंजान या अनाधिकृत संस्था से बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण का कार्य बिल्कुल न कराएं। संवाद
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