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ऐसे कैसे होगा कांवेंट स्कूलों का मुकाबला, सत्र परीक्षा कराना ही भूले शिक्षा विभाग के अफसर
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बदायूं। प्रदेश सरकार परिषदीय स्कूलों को कान्वेंट जैसा बनाने की कोशिश में है। मगर सिस्टम की लापरवाही से सरकार की मंशा पूरी नहीं हो रही है। हर साल परिषदीय स्कूलों में अर्द्घवार्षिक परीक्षा के अलावा दो सत्र परीक्षाएं कराई जाती है, जिनके नंबर वार्षिक परीक्षा फल में जुड़ते हैं। मगर इस साल अभी तक दूसरी सत्र परीक्षा नहीं कराई गई हैं, जबकि यह परीक्षा जनवरी होने थी। पहली परीक्षा भी लगभग डेढ़ महीने बिलंब से हुई थी। 16 से 26 मार्च के बीच वार्षिक परीक्षाएं होंगी। इधर, 18 फरवरी से बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, जिसमें परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में सत्र परीक्षा कराना संभव नहीं है।
सरकार परिषदीय विद्यालयों को कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर चलाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। इसी के तहत परिषदीय स्कूलों में सत्र परीक्षाएं शुरू की गई थीं। इस साल पहली सत्र परीक्षा सितंबर में होनी थी, जो लापरवाही के चलते अक्तूबर में कराई गई। दूसरी सत्र परीक्षा कराने के लिए शासन ने जनवरी का समय दिया था। हालांकि परीक्षा अभी तक नहीं हो पाई है।
हर किताब में छपा है परीक्षा का कार्यक्रम
शासन की तरफ से जो किताबें जिला स्तर पर भेजी गई है। सभी में पाठ्यक्रम का मासिक विभाजन किया गया है कि किस माह में कौन के पाठ से प्रश्न छात्रों से पूछे जाएंगे। यानी शासन ने यह तक तय कर दिया है कि शिक्षकों को कब कौन-कौन से पाठ पढ़ाने है, साथ ही कब परीक्षा करानी है।
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16 मार्च से होगी वार्षिक परीक्षा
सरकारी स्कूलों में 16 मार्च से वार्षिक परीक्षा होगी। इसके लिए कार्यक्रम निर्धारित होकर शासन द्वारा जिला स्तर पर आ चुका है, जो विभाग के माध्यम से सभी विद्यालयों में उपलब्ध करा दिया गया है। इसमें 23 मार्च को परीक्षा खत्म होगी। 28 मार्च को रिजल्ट जारी होगा। साथ ही 31 मार्च तक अंकपत्र शत-प्रतिशत वितरण किया जाएगा। क्योंकि एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो जाएगा।
अभी तक दूसरी सत्र परीक्षा नहीं हो सकी है। जल्द ही दूसरी सत्र परीक्षा कराई जाएगी। वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम आ चुका है, उससे पहले ही सत्र परीक्षा करा ली जाएगी।
- रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
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सरकार परिषदीय विद्यालयों को कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर चलाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। इसी के तहत परिषदीय स्कूलों में सत्र परीक्षाएं शुरू की गई थीं। इस साल पहली सत्र परीक्षा सितंबर में होनी थी, जो लापरवाही के चलते अक्तूबर में कराई गई। दूसरी सत्र परीक्षा कराने के लिए शासन ने जनवरी का समय दिया था। हालांकि परीक्षा अभी तक नहीं हो पाई है।
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हर किताब में छपा है परीक्षा का कार्यक्रम
शासन की तरफ से जो किताबें जिला स्तर पर भेजी गई है। सभी में पाठ्यक्रम का मासिक विभाजन किया गया है कि किस माह में कौन के पाठ से प्रश्न छात्रों से पूछे जाएंगे। यानी शासन ने यह तक तय कर दिया है कि शिक्षकों को कब कौन-कौन से पाठ पढ़ाने है, साथ ही कब परीक्षा करानी है।
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16 मार्च से होगी वार्षिक परीक्षा
सरकारी स्कूलों में 16 मार्च से वार्षिक परीक्षा होगी। इसके लिए कार्यक्रम निर्धारित होकर शासन द्वारा जिला स्तर पर आ चुका है, जो विभाग के माध्यम से सभी विद्यालयों में उपलब्ध करा दिया गया है। इसमें 23 मार्च को परीक्षा खत्म होगी। 28 मार्च को रिजल्ट जारी होगा। साथ ही 31 मार्च तक अंकपत्र शत-प्रतिशत वितरण किया जाएगा। क्योंकि एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो जाएगा।
अभी तक दूसरी सत्र परीक्षा नहीं हो सकी है। जल्द ही दूसरी सत्र परीक्षा कराई जाएगी। वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम आ चुका है, उससे पहले ही सत्र परीक्षा करा ली जाएगी।
- रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए