फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   education

‘होमवर्क कर लो, मोबाइल मिलेगा’...गेमिंग डिसऑर्डर का शिकार बना देगा बच्चों को

Fri, 10 Jun 2022 01:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jun 2022 01:18 AM IST
विज्ञापन
education
बदायूं। आजकल सोशल मीडिया और इंटरनेट बच्चों और किशोरों के सिर चढ़कर बोल रहा है। छोटी उम्र के बच्चों को पहले बहलाने के लिए फोन दिया जाता है और फिर होमवर्क या दूसरा काम कराने का झांसा देकर, लेकिन यह सही नहीं है। बच्चों में मोबाइल की लत खतरनाक हो सकती है। धीरे-धीरे ये आदत बच्चों को गेमिंग डिसऑर्डर का शिकार बना रही है।
विज्ञापन

हाल ही में लखनऊ में एक 16 वर्षीय किशोर ने मां की हत्या केवल पबजी खेलने से मना करने पर कर दी। ऐसे में माता पिता को शुरू से ही सावधानी बरतनी होगी। उन्हें यह समझने की जरूरत है कि वे ही बच्चों की इस आदत पर रोक लगा सकते हैं, लेकिन उसके लिए शुरुआत से ही सख्ती और सावधानी दोनों बरतनी होंगी। दरअसल, माता- पिता बच्चों को पढ़ाने, होमवर्क कराने या घर का कुछ काम कराने के एवज में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का लालच देते हैं। यही आगे जाकर उनकी आदत और फिर गेमिंग डिसऑर्डर में बदल जाता है।
विज्ञापन

-
फोटो- 3
नशे की लत की तरह होती है मोबाइल फोन की लत
राजकीय मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नरवीर यादव बताते हैं कि बच्चों एवं किशोरों में मोबाइल फोन के ज्यादा उपयोग के दुष्प्रभाव समय के साथ नजर आने लगते हैं। चिकित्सकीय भाषा में इसे गेमिंग डिसऑर्डर कहा जाता है। दरअसल, ऑनलाइन गेम की लत भी बिलकुल नशे की लत की तरह होती है। इसमें डोपामाइन नाम का एक रासायन मस्तिष्क से रिलीज होता है जो दिमाग को उत्तेजित करता है। नशे की तरह गेम खेलने की लत लग जाती है जो धीरे-धीरे डिप्रेशन, एंग्जायटी और मनोविकृति के रूप में सामने आती है। लक्षण बढ़ने पर बच्चे या किशोर कभी-कभी हिंसक रूप धारण कर लेते हैं, जिसके परिणाम स्वरूप हमें अविश्वसनीय हादसे देखने को मिलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
ये बरतें सावधानी
- छोटे बच्चों को मोबाइल फोन बिल्कुल न दें। अक्सर माता पिता अपने काम करने के लिए बच्चों के हाथ में मोबाइल पकड़ा देते हैं।
- यदि बच्चा कुछ समय के लिए मोबाइल मांगता है तो उसका समय निर्धारित करें।
- किशोरवय उम्र के लड़के लड़कियों पर पूरी निगरानी रखें कि वे कितने समय फोन का उपयोग कर रहे हैं।
-
बच्चो में मोबाइल की लत लगी हो तो ये करें प्रयास
- यदि बच्चा ज्यादा समय फोन यूज कर रहा है तो उसका ध्यान उसकी रुचि वाले कामों पर लगाएं।
- यदि बच्चा कोई हॉबी रखता है तो उसे वह करने दें ताकि उसका ध्यान फोन से हट सके।
- फोन में हमेशा पासवर्ड डालकर रखें ताकि बच्चा कभी भी फोन खुद न खोल सके।
- बच्चे को आउटडोर गेम्स खिलवाएं। यदि जगह न हो तो इनडोर गेम्स में बिजी रखें।
- ये ध्यान रखें कि यदि बच्चा फोन का ज्यादा प्रयोग करता हो तो उससे प्यार से बात करके इसके नुकसान बताएं। एकदम डांटकर फोन न छीनें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed