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बिसौली इंस्पेक्टर की बेटी का सिविल सर्विसेज में चयन
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बदायूं अनुराधा।
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। बिसौली कोतवाल ऋषिपाल सिंह की बेटी अनुराधा का सिविल सर्विसेज में चयन हो गया है। उन्हें 704 रैंक मिली है। परिवार मूल रूप से बुलंदशहर जिले के शिकारपुर कस्बे का निवासी है।
बिसौली इंस्पेक्टर ऋषिपाल सिंह बेटी की सफलता की जानकारी मिलते ही घर पहुंच गए। यहां शुक्रवार रात परिवार ने साथ मिलकर खुशियां मनाईं। बातचीत में अनुराधा ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा शिकारपुर के ही मां भगवती कान्वेंट स्कूल में हुई। इंटरमीडिएट भी वहीं के एसएन इंटर कॉलेज से किया। इसके बाद बीएससी और एमएससी आगरा विवि से की। सिविल सर्विसेज के लिए राजनीति विज्ञान विषय को चुना।
पहले प्रयास में प्री निकाल सकीं और इस बार साक्षात्कार में भी अंतिम रूप से सफल हो गईं। परिवार में पिता व मां राधा देवी के अलावा दो छोटे भाई गुरुमीत और गोपाल हैं जो बीटेक कर रहे हैं।
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बारह घंटे की पढ़ाई, लाइब्रेरी रोज जाती थीं
अनुराधा ने अपनी सफलता का मंत्र सतत अध्ययन को बताया। कहा कि रात में बारह बजे तक पढ़ाई करतीं थीं। सुबह छह बजे उठने के बाद फिर सबक दोहराने में जुटती थीं। मां ने कभी बेटे और बेटी में भेद नहीं किया और पूरी सहूलियत दी जिससे वह मन लगाकर पढ़ सकें। उन्होंने भी किसी एकेडमी का नियमित तौर पर सहारा लिए बिना घर पर ही पढ़ाई को वरीयता दी तो यह संभव हो सका। कहा कि रोज लाइब्रेरी जाने से भी नई नई जानकारियां जुटाने में मदद मिली। वह अपने पिता को आदर्श मानती हैं। उन्होंने हर मौके पर उनका हौसला बढ़ाया।
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इंस्पेक्टर बोले- बेटी पर है गर्व
इंस्पेक्टर ऋषिपाल सिंह बेटी की सफलता से बेहद खुश दिखे। उनका कहना था कि रविवार को अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस है। उन्हें बेटी ने एक दिन पहले ही यह तोहफा दे दिया। इससे ज्यादा खुशी की बात एक पिता के लिए और क्या हो सकती है। पता नहीं कल बेटी को आईपीएस ग्रेड मिल जाए तो उन्हें उसे सेल्यूट करते हुए गर्व की अनुभूति होगी। अनुराधा ने उनके परिवार का ही नहीं, शिकारपुर कस्बे का भी नाम रोशन किया। संवाद
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बिसौली इंस्पेक्टर ऋषिपाल सिंह बेटी की सफलता की जानकारी मिलते ही घर पहुंच गए। यहां शुक्रवार रात परिवार ने साथ मिलकर खुशियां मनाईं। बातचीत में अनुराधा ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा शिकारपुर के ही मां भगवती कान्वेंट स्कूल में हुई। इंटरमीडिएट भी वहीं के एसएन इंटर कॉलेज से किया। इसके बाद बीएससी और एमएससी आगरा विवि से की। सिविल सर्विसेज के लिए राजनीति विज्ञान विषय को चुना।
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पहले प्रयास में प्री निकाल सकीं और इस बार साक्षात्कार में भी अंतिम रूप से सफल हो गईं। परिवार में पिता व मां राधा देवी के अलावा दो छोटे भाई गुरुमीत और गोपाल हैं जो बीटेक कर रहे हैं।
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बारह घंटे की पढ़ाई, लाइब्रेरी रोज जाती थीं
अनुराधा ने अपनी सफलता का मंत्र सतत अध्ययन को बताया। कहा कि रात में बारह बजे तक पढ़ाई करतीं थीं। सुबह छह बजे उठने के बाद फिर सबक दोहराने में जुटती थीं। मां ने कभी बेटे और बेटी में भेद नहीं किया और पूरी सहूलियत दी जिससे वह मन लगाकर पढ़ सकें। उन्होंने भी किसी एकेडमी का नियमित तौर पर सहारा लिए बिना घर पर ही पढ़ाई को वरीयता दी तो यह संभव हो सका। कहा कि रोज लाइब्रेरी जाने से भी नई नई जानकारियां जुटाने में मदद मिली। वह अपने पिता को आदर्श मानती हैं। उन्होंने हर मौके पर उनका हौसला बढ़ाया।
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इंस्पेक्टर बोले- बेटी पर है गर्व
इंस्पेक्टर ऋषिपाल सिंह बेटी की सफलता से बेहद खुश दिखे। उनका कहना था कि रविवार को अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस है। उन्हें बेटी ने एक दिन पहले ही यह तोहफा दे दिया। इससे ज्यादा खुशी की बात एक पिता के लिए और क्या हो सकती है। पता नहीं कल बेटी को आईपीएस ग्रेड मिल जाए तो उन्हें उसे सेल्यूट करते हुए गर्व की अनुभूति होगी। अनुराधा ने उनके परिवार का ही नहीं, शिकारपुर कस्बे का भी नाम रोशन किया। संवाद