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...हमसे कोई वचन न मांगो, वचन बड़े भारी होते हैं

Mon, 22 Mar 2021 12:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 22 Mar 2021 12:32 AM IST
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... do not ask for any promise from us, words are very heavy
बदायूं। शहर में रविवार की शाम विशुद्ध गीतों की शाम के रूप में दर्ज हो गई। अवसर था आचमन कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का, जिसमें मशहूर गीतकार संतोष आनंद समेत कई स्थानों से आए दिग्गज कवि जुटे और अपनी कविताओं से लोगों का दिल जीत लिया। विशुद्ध कविता के लिये प्रतिबद्ध इस आयोजन में 51 हजार की राशि का प्रथम आचमन सम्मान गीतकार संतोष आनंद को प्रदान किया गया।
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रविवार को शहर के एक होटल में पहले सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
देश और विदेश में हिंदी भाषा के प्रचार और प्रसार में निरन्तर संलग्न संस्था दिल्ली से संचालित तीखर के प्रवीण अग्रहरि को भी सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में एसएसपी संकल्प शर्मा, सीडीओ निशा अनंत व नगर पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल रहीं। सम्मान समारोह के बाद कवि सम्मेलन का आग़ाज हुआ। फर्रुखाबाद से पधारे सुप्रसिद्ध कवि शिवओम अंबर के संचालन में बाराबंकी से गीतकार गजेंद्र प्रियांशु, बिल्सी से नरेन्द्र गरल, लखनऊ से संध्या सिंह, गाजीपुर से रश्मि शाक्य, चंदौसी से चराग़ शर्मा को एक से एक बढ़कर गीतों और ग़जलों से श्रोताओं को दाद पर दाद देने के लिए मजबूर कर दिया।
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रश्मि शाक्य ने कहा-
अगर निभा न हम पाए तो तड़प-तड़प कर मर जाएंगे,
हमसे कोई वचन न मांगो, वचन बड़े भारी होते हैं।
चंदोसी से आये युवा शायर चराग़ शर्मा ने कहा-
हाए ये फूल से चेहरे कि ख़ुदा जानता था
एक दिन कैमरा ईजाद किया जाएगा
गजेंद्र प्रियांशु अपने चुटीले अंदाज में कहा
सब कुछ खोकर मैंने केवल इतना पाया प्यार में।
रात रात भर तुमको गाया सुबह छपे अख़बार में।
लखनऊ से आईं संध्या सिंह ने कहा-
पिंजरे में सांसे घुटें, चिड़िया करे गुहार।
मुझे गगन की शर्त पर, हर जोखिम स्वीकार।
गीतकर नरेंद्र गरल ने पढ़ा-
लिए शाकल्य फिरते हैं, हवन करके दिखा देंगे।
व्यथाओं की कुटी नृप का, भवन करके दिखा देंगे।
डॉ. शिवओम ने कहा-
आरसी जब भी शरीफों को दिखाई है।
अक्षरों के वंशजों ने चोट खाई है।
लेखनी होगी तुम्हारी दृष्टि में मित्रों,
हाथ मे गंगाजली हमने उठाई है।
अंत में जब गीतकार संतोष आनंद ने माइक हाथ में लिया तो पूरा वातावरण उनके गीतों में खो गया। उनसे एक के बाद एक चर्चित गीतों की मांग होने लगी। इक प्यार का नग़मा है, जिंदगी की न टूटे लड़ी जैसे कई गीत देर तक हॉल में गूंजते रहे। श्रोता भी उनके साथ साथ झूमते रहे।
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अंत में मुख्य अतिथि एसएसपी संकल्प शर्मा ने आयोजक डॉ. सोनरूपा को बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर डॉ. अक्षत अशेष, श्याम जी शर्मा, नितिन गुप्ता, अनूप रस्तोगी, विशाल रस्तोगी आदि उपस्थित रहे।
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