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Budaun News: जिला अस्पताल के कफ सिरप को मिली क्लीन चिट
Sun, 18 Jan 2026 01:30 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 18 Jan 2026 01:30 AM IST
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बदायूं। जिला अस्पताल में मरीजों को वितरित किए जाने वाले कफ सिरप को औषधि प्रशासन विभाग की प्रयोगशाला से क्लीन चिट मिल गई है। जांच रिपोर्ट में दवा मानकों पर खरी उतरने के बाद अब शनिवार से इसका वितरण दोबारा शुरू किया गया। शुक्रवार को जिला स्तरीय औषधि विभाग के अधिकारियों को जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई थी।
औषधि विभाग के अधिकारी के अनुसार यह कफ सिरप देहरादून स्थित सेंटलाइफ फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड कंपनी की थी। जिसे जिला अस्पताल के स्टॉक में रखा गया था। मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया था।
इसी क्रम में प्रदेशभर में दवाओं की सघन जांच और निगरानी शुरू की गई थी। इसी अभियान के तहत छह अक्तूबर को औषधि निरीक्षक लवकुश ने जिला अस्पताल की फार्मेसी का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान फार्मेसी में सेंटलाइफ फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड की कुल 191 बोतल कफ सिरप पाई गई थीं। एहतियातन औषधि निरीक्षक ने सिरप के सैंपल लेकर जांच के लिए राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया था। इसके साथ ही रिपोर्ट आने तक सिरप के वितरण पर तत्काल रोक लगा दी गई थी। अब प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट में कफ सिरप की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गई है। किसी भी प्रकार की मिलावट या मानक से कम गुणवत्ता की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद औषधि प्रशासन विभाग ने दवा के वितरण की अनुमति दे दी है।
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वर्जन
-मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी दवा को लेकर संदेह की स्थिति में जांच कराना अनिवार्य है। रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट हो गया है कि जिला अस्पताल में रखी गई कफ सिरप पूरी तरह सुरक्षित है।
-लवकुश, जिला औषधि निरीक्षक
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वर्जन
औषधि प्रशासन विभाग की ओर से रिपोर्ट मिल गई है। अब कफ सिरप का वितरण कराया जा रहा है।
-डॉ. अमित वार्ष्णेय, सीएमएस जिला अस्पताल
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औषधि विभाग के अधिकारी के अनुसार यह कफ सिरप देहरादून स्थित सेंटलाइफ फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड कंपनी की थी। जिसे जिला अस्पताल के स्टॉक में रखा गया था। मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया था।
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इसी क्रम में प्रदेशभर में दवाओं की सघन जांच और निगरानी शुरू की गई थी। इसी अभियान के तहत छह अक्तूबर को औषधि निरीक्षक लवकुश ने जिला अस्पताल की फार्मेसी का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान फार्मेसी में सेंटलाइफ फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड की कुल 191 बोतल कफ सिरप पाई गई थीं। एहतियातन औषधि निरीक्षक ने सिरप के सैंपल लेकर जांच के लिए राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया था। इसके साथ ही रिपोर्ट आने तक सिरप के वितरण पर तत्काल रोक लगा दी गई थी। अब प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट में कफ सिरप की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गई है। किसी भी प्रकार की मिलावट या मानक से कम गुणवत्ता की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद औषधि प्रशासन विभाग ने दवा के वितरण की अनुमति दे दी है।
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-मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी दवा को लेकर संदेह की स्थिति में जांच कराना अनिवार्य है। रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट हो गया है कि जिला अस्पताल में रखी गई कफ सिरप पूरी तरह सुरक्षित है।
-लवकुश, जिला औषधि निरीक्षक
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औषधि प्रशासन विभाग की ओर से रिपोर्ट मिल गई है। अब कफ सिरप का वितरण कराया जा रहा है।
-डॉ. अमित वार्ष्णेय, सीएमएस जिला अस्पताल