फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Discussions are BDO On the question raised

चर्चाओं में रहे बीडीओ  पर उठने लगे सवाल

Mon, 29 Aug 2016 11:01 PM IST
ब्यूरो /बदायूं
ब्यूरो /बदायूं Updated Mon, 29 Aug 2016 11:01 PM IST
विज्ञापन
खंड विकास अधिकारी भीमजी उपाध्याय और सचिव मुन्ना लाल यादव के बीच शुरु  हुए विवाद के बाद बीडीओ की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि विवादों से भीमजी उपाध्याय का पुराना नाता रहा है। वह जहां भी रहे, अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चाओं में बने रहे हैं। चाहे मामले मौजूदा ग्राम पंचायत म्याऊं का हो, या उसावां क्षेत्र के गांव रिजौला के मंदबुद्धि प्रधान का। जो आधे से भी ज्यादा समय प्रधान रहा है और उसी के नाम से  चेक कटते रहे।
विज्ञापन

विकासखंड म्याऊ में तैनात बीडीओ भीमजी उपाध्याय और सचिव मुन्ना लाल यादव के बीच चल रहा शीतयुद्ध अब खुलकर सामने आने लगा है। इसकी वजह से उन्होंने सचिव के क्षेत्र म्याऊं के कुछ कार्यों की जांच तीन सदस्यीय टीम से कराई, जिसमें जांच टीम ने सचिव पर फर्जी लोगों के नाम से चेक कटवाकर भुगतान  लेने, अपने रिश्तेदारों को भी फायदा पहुंचाने समेत करीब सात लाख रुपये से  ऊपर का घोटाला होना दर्शाया है। हालांकि जांच रिपोर्ट  के बाद सचिव और प्रधान झाऊ लाल ने अपने पक्ष में अभिलेख प्रस्तुत कर अपने को पाक साफ बताया। अब पलटवार करते हुए सचिव मुन्ना लाल यादव ने कहा है कि  प्रधान का कार्यकाल समाप्त हो गया। दूसरा नया प्रधान भी आ गया। यदि घोटाला  था, तब विवाद होने के बाद ही जांच क्यों कराई गई? इससे पहले ही करा ली जाती, तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाता। बोले, नियम तो केवल कहने के हैं। मृतक  आश्रित में लगी महिला ग्राम सेवक को डेढ़ दर्जन ग्राम पंचायतों का कार्यभार  सौंपा गया है, जबकि चार ग्राम पंचायतों से ज्यादा ग्राम सेवक को नहीं दे  सकते। दूसरे महिला कर्मचारी को महिलाओं से संबंधित कार्य दिया जाता  है, लेकिन यहां उसका पालन नहीं हुआ है। 
विज्ञापन

चर्चित प्रकरण को दबाए रखने पर उठ रहे सवाल
दातागंज। भीमजी उपाध्याय जब उसावां  क्षेत्र में बीडीओ थे, उस समय ग्राम पंचायत रिजौला जो कि जिले की सबसे बड़ी  ग्राम पंचायत है। उसका प्रधान पोशाकी लाल मंदबुद्धि था। इसकी पुष्टि मेडिकल बोर्ड द्वारा की  गई थी। बड़ी ग्राम पंचायत होने के वहां विकास कार्यों के नाम पर खूब धन  निकाला गया। पोशाकी तो कुछ कर नहीं सकता था। एक प्रभावशाली व्यक्ति धन  आहरित करता रहा। इसकी पूरे ब्लाक में चर्चा रही थी। बाद में बवाल मचने पर सचिव  पर मामूली दंडात्मक कार्रवाई कर इति श्री कर दी गई। चर्चित इस प्रकरण को दबाए रखा  गया है। खुलासा होने के बाद उस पर पर्दा ही डाला जा रहा है। यहां सवाल उठ  रहा है कि भीमजी उपाध्याय ने इस गंभीर मामले में क्यों कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की? वह खामोश ही रहे और धन आहरित होता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

...यहां हुआ शौचालयों में घपला
दातागंज। विकासखंड कादरचौक के ग्राम पंचायत नारायणपुर में करीब डेढ़ सौ से अधिक शौचालय का  घपला हाल ही में हुआ है। यहां धरातल पर शौचालय नहीं थे, लेकिन धन निकाला  जा चुका है। वर्तमान में कादरचौक में भी भीमजी उपाध्याय बीडीओ हैं। 


सचिव मुन्ना लाल यादव की तीन ग्राम पंचायतों में हुई गड़बड़ियां जांच के बाद साबित हो गई हैं। अधिकारियों को रिपोर्ट दे दी गई है। रिजोला ग्राम पंचायत की जानकारी मौजूदा अधिकारी देंगे, मैं उस ब्लाक से हट चुका हूं।
-भीमजी उपाध्याय, बीडीओ म्याऊं/कादरचौक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed